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Azamgarh News: कोडीन कफ सिरप के आरोपी विकास सिंह की 50.9 लाख की अवैध संपत्ति जब्त
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बरदह थाना क्षेत्र के नरवे गांव निवासी विकास सिंह की संपत्ति जब्त। संवाद
आजमगढ़। जनपद में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोडीन कफ सिरप प्रकरण में आरोपी विकास सिंह की लगभग 50.9 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन के निर्देशन में की गई।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि बरदह थाना क्षेत्र के नरवे गांव निवासी विकास सिंह उर्फ नरवे लंबे समय से एसटीएफ और एसआईटी के रडार पर था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार दबिश दी गई, लेकिन वह हर बार बच निकलता रहा। तीन महीने पहले वह नेपाल भागने की कोशिश में था, तभी उसे सिद्धार्थनगर जिले में नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था।
वह जेल में बंद है। विकास के खिलाफ दीदारगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी की विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपी ने अपराध से अर्जित धन से अपने गांव में मकान बनवाया, जिसकी अनुमानित लागत करीब 27.25 लाख रुपये है। इसके अलावा उसने लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन स्थित शालीमार वन वर्ल्ड परियोजना में एक फ्लैट बुक कराया, जिसमें लगभग 23.64 लाख रुपये अग्रिम जमा किए गए थे। जांच में पुष्टि होने के बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ(2) के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई।
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ई-कोर्ट पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत याचिका पर सुनवाई के बाद सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली ने संपत्तियों के जब्तीकरण का आदेश जारी किया। जब्त संपत्तियों में पैतृक गांव स्थित मकान और लखनऊ में फ्लैट की बुकिंग धनराशि शामिल है, जिसे कंपनी खाते में फ्रीज कर दिया गया है।
नेटवर्क की अहम कड़ी बना विकास सिंह नरवे : जांच में सामने आया है कि विकास सिंह नरवे कोडीन कफ सिरप तस्करी नेटवर्क की एक अहम कड़ी था। उसी ने शुभम जायसवाल को इस गिरोह के बड़े चेहरों अमित टाटा और आलोक सिंह से मिलवाया। इस कनेक्शन के बाद तस्करी का नेटवर्क तेजी से मजबूत हुआ। विकास केवल संपर्क सूत्र ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क के संचालन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
कई जिलों में दर्ज हैं गंभीर प्राथमिकी : एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि विकास सिंह नरवे का आपराधिक इतिहास लंबा है। उसके खिलाफ आजमगढ़, जौनपुर और वाराणसी समेत कई जिलों में गंभीर मामले दर्ज हैं। इन मुकदमों में अवैध तस्करी, आपराधिक साजिश और संगठित नेटवर्क संचालन से जुड़े आरोप शामिल हैं।
विकास सिंह उर्फ ‘नरवे’ द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उसने तस्करी से प्राप्त धन को अचल संपत्ति में निवेश किया था। इसी आधार पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ(2) के तहत उसकी संपत्तियों को फ्रीज/जब्त कराया गया है।- चिराग जैन, एसपी ग्रामीण आजमगढ़।
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एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि बरदह थाना क्षेत्र के नरवे गांव निवासी विकास सिंह उर्फ नरवे लंबे समय से एसटीएफ और एसआईटी के रडार पर था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार दबिश दी गई, लेकिन वह हर बार बच निकलता रहा। तीन महीने पहले वह नेपाल भागने की कोशिश में था, तभी उसे सिद्धार्थनगर जिले में नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था।
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वह जेल में बंद है। विकास के खिलाफ दीदारगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी की विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपी ने अपराध से अर्जित धन से अपने गांव में मकान बनवाया, जिसकी अनुमानित लागत करीब 27.25 लाख रुपये है। इसके अलावा उसने लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन स्थित शालीमार वन वर्ल्ड परियोजना में एक फ्लैट बुक कराया, जिसमें लगभग 23.64 लाख रुपये अग्रिम जमा किए गए थे। जांच में पुष्टि होने के बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ(2) के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई।
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ई-कोर्ट पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत याचिका पर सुनवाई के बाद सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली ने संपत्तियों के जब्तीकरण का आदेश जारी किया। जब्त संपत्तियों में पैतृक गांव स्थित मकान और लखनऊ में फ्लैट की बुकिंग धनराशि शामिल है, जिसे कंपनी खाते में फ्रीज कर दिया गया है।
नेटवर्क की अहम कड़ी बना विकास सिंह नरवे : जांच में सामने आया है कि विकास सिंह नरवे कोडीन कफ सिरप तस्करी नेटवर्क की एक अहम कड़ी था। उसी ने शुभम जायसवाल को इस गिरोह के बड़े चेहरों अमित टाटा और आलोक सिंह से मिलवाया। इस कनेक्शन के बाद तस्करी का नेटवर्क तेजी से मजबूत हुआ। विकास केवल संपर्क सूत्र ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क के संचालन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
कई जिलों में दर्ज हैं गंभीर प्राथमिकी : एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि विकास सिंह नरवे का आपराधिक इतिहास लंबा है। उसके खिलाफ आजमगढ़, जौनपुर और वाराणसी समेत कई जिलों में गंभीर मामले दर्ज हैं। इन मुकदमों में अवैध तस्करी, आपराधिक साजिश और संगठित नेटवर्क संचालन से जुड़े आरोप शामिल हैं।
विकास सिंह उर्फ ‘नरवे’ द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उसने तस्करी से प्राप्त धन को अचल संपत्ति में निवेश किया था। इसी आधार पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ(2) के तहत उसकी संपत्तियों को फ्रीज/जब्त कराया गया है।- चिराग जैन, एसपी ग्रामीण आजमगढ़।