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अफसर नहीं सुनते, चिंता न करें, फोरम तो है न
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आजमगढ़। बिजली का बिल गलत आ गया। खराब मीटर बदला नहीं जा रहा। कनेक्शन कटने के बाद भी बिल भेजे जा रहे हैं। इनको दुरुस्त कराने के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं और अफसर सुन नहीं रहे। चिंता की कोई बात नही, उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में जाइए। वहां से राहत जरूर मिलेगी। दर-दर भटक कर थक चुके 1175 उपभोक्ताओं को फोरम राहत दिला चुका है।
विद्युत वितरण और बिलिंग व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण विभाग की गलती की सजा उपभोक्ताओं को भुगतनी पड़ती है। गलत बिल विभाग भेजता है और दुरुस्त कराने के लिए उपभोक्ता को विभाग के चक्कर काटने पड़ते हैं। खराब मीटर बदलना विभाग की जिम्मेदारी है लेकिन इसके लिए भी सिफारिश लगानी पड़ती है। सबसे बड़ी बात यह कि बिजली का कनेक्शन कटवा देने के बाद भी विभाग पीछा करता रहता है। पीडी (स्थाई विच्छेदन) के बाद भी बिल भेजे जाते हैं और कभी-कभी तो आरसी भी जारी कर दी जाती है। बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं होती है। पर चिंता की कोई बात नहीं 50 रुपये का शुल्क देकर उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में आवेदन दीजिए। इसके बाद फोरम विभाग को नोटिस जारी करके जवाब मांगेगा और समस्या का समाधान कराएगा। मंडल में 2007 में फोरम का गठन हुआ। तबसे 1254 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें 30 दिसंबर तक 1175 लोगों को फोरम ने राहत दिलाई। फिलहाल अध्यक्ष की तैनाती नहीं होने के कारण मामलों का निस्तारण देर से हो रहा है.
तीनों जिलों में शिविर की तिथियां तय
आजमगढ़। विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में आने वाले लोगों की समस्याओं का समाधान कराया जाता है। इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं जमा करना होता है। फिर भी लोग यहां आने से कतराते हैं। प्रत्येक माह की 10 तारीख को मऊ, 17 तारीख को बलिया और तीन व 24 तारीख को आजमगढ़ जनपद शिविर लगाकर सुनवाई की जाती है।
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विद्युत वितरण और बिलिंग व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण विभाग की गलती की सजा उपभोक्ताओं को भुगतनी पड़ती है। गलत बिल विभाग भेजता है और दुरुस्त कराने के लिए उपभोक्ता को विभाग के चक्कर काटने पड़ते हैं। खराब मीटर बदलना विभाग की जिम्मेदारी है लेकिन इसके लिए भी सिफारिश लगानी पड़ती है। सबसे बड़ी बात यह कि बिजली का कनेक्शन कटवा देने के बाद भी विभाग पीछा करता रहता है। पीडी (स्थाई विच्छेदन) के बाद भी बिल भेजे जाते हैं और कभी-कभी तो आरसी भी जारी कर दी जाती है। बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं होती है। पर चिंता की कोई बात नहीं 50 रुपये का शुल्क देकर उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में आवेदन दीजिए। इसके बाद फोरम विभाग को नोटिस जारी करके जवाब मांगेगा और समस्या का समाधान कराएगा। मंडल में 2007 में फोरम का गठन हुआ। तबसे 1254 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें 30 दिसंबर तक 1175 लोगों को फोरम ने राहत दिलाई। फिलहाल अध्यक्ष की तैनाती नहीं होने के कारण मामलों का निस्तारण देर से हो रहा है.
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तीनों जिलों में शिविर की तिथियां तय
आजमगढ़। विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में आने वाले लोगों की समस्याओं का समाधान कराया जाता है। इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं जमा करना होता है। फिर भी लोग यहां आने से कतराते हैं। प्रत्येक माह की 10 तारीख को मऊ, 17 तारीख को बलिया और तीन व 24 तारीख को आजमगढ़ जनपद शिविर लगाकर सुनवाई की जाती है।
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