{"_id":"691237d95981b715c807b6c5","slug":"if-you-are-a-voter-and-your-name-is-not-in-the-2003-list-you-will-have-to-provide-proof-azamgarh-news-c-258-1-svns1001-140490-2025-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: मतदाता हैं और 2003 की सूची में नाम नहीं तो देना होगा साक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: मतदाता हैं और 2003 की सूची में नाम नहीं तो देना होगा साक्ष्य
विज्ञापन
आजमगढ़। यदि आप जिले में मतदाता हैं और 2003 की मतदाता सूची में आपका नाम दर्ज नहीं था, लेकिन वर्तमान सूची में है, तो अब आपको साक्ष्य देने होंगे। दरअसल, जिले में सालों बाद मतदाता सूची का विधानसभा वार गहन पुनरीक्षण कार्य स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) शुरू हो गया है। यह अभियान 4 दिसंबर तक चलेगा।
जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 3869 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को प्रशिक्षित कर घर-घर मतदाता सत्यापन के लिए भेजा जा रहा है। बीएलओ प्रत्येक घर जाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवाएंगे, जो दो प्रतियों में होगा। एक प्रति मतदाता को दी जाएगी, जबकि दूसरी बीएलओ हस्ताक्षर सहित संबंधित वीएलओ को सौंपेंगे।
जिले की वर्तमान मतदाता सूची में 37 लाख 14 हजार 250 मतदाता दर्ज हैं। 2003 के बाद यह पहली बार है जब सूची का घर-घर भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। जिन लोगों के नाम 2003 की सूची में नहीं थे, उन्हें यह बताना होगा कि परिवार के किस सदस्य का नाम उस सूची में दर्ज था। इसी आधार पर बीएलओ सत्यापन करेंगे।
विज्ञापन
मृतकों के नाम हटेंगे, नए मतदाताओं को देना होगा जन्म प्रमाण
सत्यापन के दौरान मृतकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे नए मतदाताओं को जन्म तिथि और जन्म स्थान का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। यदि व्यक्तिगत अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं, तो माता-पिता के दस्तावेज दिए जा सकते हैं। वहीं, जिनके अभिभावक भारतीय नागरिक नहीं हैं, उन्हें वैध पासपोर्ट, वीज़ा की प्रतिलिपि या संबंधित भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
पुनरीक्षण कार्यक्रम
4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ गणना प्रपत्र भरवाएंगे। 9 दिसंबर को मतदाता सूची (आलेख) का प्रकाशन किया जाएगा।दावा और आपत्ति 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक ली जाएगी। सुनवाई व निस्तारण 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। अंतिम प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को होगा।
2003 की सूची में पिता या दादा का नाम होना जरूरी
सत्यापन के दौरान मतदाता से कोई दस्तावेज नहीं लिए जाएगा। बीएलओ सिर्फ गणना प्रपत्र देंगे, जिसमें नाम, पता, आयु और ईपीआईसी नंबर पहले से दर्ज होंगे। मतदाता को यह प्रपत्र भरकर लौटाना होगा। यदि 2003 की सूची में मतदाता का नाम नहीं है, तो कारण बताना होगा जैसे परिवार का किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरण, मृत्यु या नाम का दूसरे राज्य में दर्ज होना। जिनका नाम 2025 की सूची में है लेकिन 2003 की सूची में नहीं, उनके परिवार के सदस्यों के नाम जांचे जाएंगे। परिवार में नाम मिलने पर ही खून के रिश्ते के आधार पर नाम की पुष्टि की जाएगी।
ऐसे देखें अपना नाम
मतदाता 2003 की और वर्तमान सूची में अपना नाम देखने के लिए https://voter.eci.gov.in/ पर जा सकते हैं। वेबसाइट पर एआईआर विकल्प चुनकर राज्य, विधानसभा और पोलिंग बूथ या मोहल्ले के आधार पर नाम खोजा जा सकता है। यदि नाम दोनों सूचियों में नहीं मिलता है, तो फॉर्म-6 भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ नाम जुड़वाया जा सकता है।
एसडीएम ने किया मतदान केंद्रों का निरीक्षण
अतरौलिया। सघन मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत रविवार को उपजिलाधिकारी (न्यायिक) बुढ़नपुर अभय राज पांडे ने अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने रतुवापार बूथ संख्या एक से बूथ संख्या 66 तक के विभिन्न केंद्र पचरी, पकरडीहा, चकचौबे, अतरौलिया, नंदना, मनियारपुर, बोधीपत्ती, मीरपुर और चनेता आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों की कमियों को अभी से दूर किया जाएगा, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया में कोई बाधा न उत्पन्न हो। उन्होंने इसे एक राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए सभी बीएलओ को अपनी जिम्मेदारी पूर्ण निष्ठा से निभाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान सुपरवाइजर सुदर्शन मिश्रा सहित तहसील के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 3869 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को प्रशिक्षित कर घर-घर मतदाता सत्यापन के लिए भेजा जा रहा है। बीएलओ प्रत्येक घर जाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवाएंगे, जो दो प्रतियों में होगा। एक प्रति मतदाता को दी जाएगी, जबकि दूसरी बीएलओ हस्ताक्षर सहित संबंधित वीएलओ को सौंपेंगे।
विज्ञापन
जिले की वर्तमान मतदाता सूची में 37 लाख 14 हजार 250 मतदाता दर्ज हैं। 2003 के बाद यह पहली बार है जब सूची का घर-घर भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। जिन लोगों के नाम 2003 की सूची में नहीं थे, उन्हें यह बताना होगा कि परिवार के किस सदस्य का नाम उस सूची में दर्ज था। इसी आधार पर बीएलओ सत्यापन करेंगे।
विज्ञापन
मृतकों के नाम हटेंगे, नए मतदाताओं को देना होगा जन्म प्रमाण
सत्यापन के दौरान मृतकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे नए मतदाताओं को जन्म तिथि और जन्म स्थान का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। यदि व्यक्तिगत अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं, तो माता-पिता के दस्तावेज दिए जा सकते हैं। वहीं, जिनके अभिभावक भारतीय नागरिक नहीं हैं, उन्हें वैध पासपोर्ट, वीज़ा की प्रतिलिपि या संबंधित भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
पुनरीक्षण कार्यक्रम
4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ गणना प्रपत्र भरवाएंगे। 9 दिसंबर को मतदाता सूची (आलेख) का प्रकाशन किया जाएगा।दावा और आपत्ति 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक ली जाएगी। सुनवाई व निस्तारण 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। अंतिम प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को होगा।
2003 की सूची में पिता या दादा का नाम होना जरूरी
सत्यापन के दौरान मतदाता से कोई दस्तावेज नहीं लिए जाएगा। बीएलओ सिर्फ गणना प्रपत्र देंगे, जिसमें नाम, पता, आयु और ईपीआईसी नंबर पहले से दर्ज होंगे। मतदाता को यह प्रपत्र भरकर लौटाना होगा। यदि 2003 की सूची में मतदाता का नाम नहीं है, तो कारण बताना होगा जैसे परिवार का किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरण, मृत्यु या नाम का दूसरे राज्य में दर्ज होना। जिनका नाम 2025 की सूची में है लेकिन 2003 की सूची में नहीं, उनके परिवार के सदस्यों के नाम जांचे जाएंगे। परिवार में नाम मिलने पर ही खून के रिश्ते के आधार पर नाम की पुष्टि की जाएगी।
ऐसे देखें अपना नाम
मतदाता 2003 की और वर्तमान सूची में अपना नाम देखने के लिए https://voter.eci.gov.in/ पर जा सकते हैं। वेबसाइट पर एआईआर विकल्प चुनकर राज्य, विधानसभा और पोलिंग बूथ या मोहल्ले के आधार पर नाम खोजा जा सकता है। यदि नाम दोनों सूचियों में नहीं मिलता है, तो फॉर्म-6 भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ नाम जुड़वाया जा सकता है।
एसडीएम ने किया मतदान केंद्रों का निरीक्षण
अतरौलिया। सघन मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत रविवार को उपजिलाधिकारी (न्यायिक) बुढ़नपुर अभय राज पांडे ने अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने रतुवापार बूथ संख्या एक से बूथ संख्या 66 तक के विभिन्न केंद्र पचरी, पकरडीहा, चकचौबे, अतरौलिया, नंदना, मनियारपुर, बोधीपत्ती, मीरपुर और चनेता आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों की कमियों को अभी से दूर किया जाएगा, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया में कोई बाधा न उत्पन्न हो। उन्होंने इसे एक राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए सभी बीएलओ को अपनी जिम्मेदारी पूर्ण निष्ठा से निभाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान सुपरवाइजर सुदर्शन मिश्रा सहित तहसील के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।