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Azamgarh News: सड़क नहीं बनी तो विरोध में निकालेंगे भीख यात्रा
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01 : जर्जर सड़कों को लेकर निजामाबाद में चर्चा करते किसान-मजदूर अधिकार पदयात्रा में शामिल नेता।-
- फोटो : परियर क्षेत्र में नाव से आवागमन करते लोग। संवाद
निजामाबाद। आजमगढ़-बेलवाई मार्ग की जर्जर सड़क को लेकर सोशलिस्ट किसान सभा, पूर्वांचल किसान यूनियन और एनएपीएम के नेतृत्व में रविवार को किसान-मजदूर अधिकार पदयात्रा निकाली।
यह शिवली से निजामाबाद तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। निजामाबाद से शिवली और लाहीडीह से माहुल तक की बदहाल सड़कों के नवीनीकरण की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि आजमगढ़-बेलवाई मार्ग के चौड़ीकरण की मांग को लेकर सरकार और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करना था। सड़कों की स्थिति इतनी खराब है कि मार्ग पर हजारों गड्ढे हैं। बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। सड़कों की पटरियां क्षतिग्रस्त हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पदयात्रा के दौरान शिवली, रानीपुर, अल्लीपुर, बेगपुर, शेरपुर और निज़ामाबाद में नुक्कड़ सभाएं की गईं, जहां लोगों ने समस्याएं रखीं।
मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. संदीप पांडेय ने कहा कि सड़कें इसलिए नहीं बन रहीं क्योंकि विधायक, सांसद और विभागों ने जनता की चिंता छोड़ दी है। बड़े हाईवे में जब कमीशन की बंदरबांट हो रही हो, तो गांव की सड़कों की किसे फिक्र है?
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सोशलिस्ट किसान सभा के महासचिव राजीव यादव ने कहा कि हमने जनता के सवाल को सड़क पर ला दिया है।
अगर आजमगढ़-बेलवाई मार्ग का चौड़ीकरण और अन्य जर्जर सड़कों का निर्माण नहीं हुआ, तो भीख यात्रा निकाली जाएगी। पदयात्रा के तीसरे दिन निजामाबाद की ऐतिहासिक धरोहर, सब्जी किसानों की समस्याएं, मनरेगा, नहर, बिजली और पानी जैसे जमीनी मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
इस मौके पर संतोष कुमार धरकार, सुरेश राठौड़, वीरेंद्र यादव, श्याम सुंदर मौर्या, डा. राजेंद्र यादव आदि उपस्थित थे।
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यह शिवली से निजामाबाद तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। निजामाबाद से शिवली और लाहीडीह से माहुल तक की बदहाल सड़कों के नवीनीकरण की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि आजमगढ़-बेलवाई मार्ग के चौड़ीकरण की मांग को लेकर सरकार और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करना था। सड़कों की स्थिति इतनी खराब है कि मार्ग पर हजारों गड्ढे हैं। बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। सड़कों की पटरियां क्षतिग्रस्त हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पदयात्रा के दौरान शिवली, रानीपुर, अल्लीपुर, बेगपुर, शेरपुर और निज़ामाबाद में नुक्कड़ सभाएं की गईं, जहां लोगों ने समस्याएं रखीं।
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मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. संदीप पांडेय ने कहा कि सड़कें इसलिए नहीं बन रहीं क्योंकि विधायक, सांसद और विभागों ने जनता की चिंता छोड़ दी है। बड़े हाईवे में जब कमीशन की बंदरबांट हो रही हो, तो गांव की सड़कों की किसे फिक्र है?
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सोशलिस्ट किसान सभा के महासचिव राजीव यादव ने कहा कि हमने जनता के सवाल को सड़क पर ला दिया है।
अगर आजमगढ़-बेलवाई मार्ग का चौड़ीकरण और अन्य जर्जर सड़कों का निर्माण नहीं हुआ, तो भीख यात्रा निकाली जाएगी। पदयात्रा के तीसरे दिन निजामाबाद की ऐतिहासिक धरोहर, सब्जी किसानों की समस्याएं, मनरेगा, नहर, बिजली और पानी जैसे जमीनी मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
इस मौके पर संतोष कुमार धरकार, सुरेश राठौड़, वीरेंद्र यादव, श्याम सुंदर मौर्या, डा. राजेंद्र यादव आदि उपस्थित थे।