{"_id":"684f132504145949050fb84b","slug":"if-the-intellectuals-support-the-progress-of-suheldev-university-is-certain-vice-chancellor-azamgarh-news-c-258-1-svns1001-133030-2025-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुद्धिजीवी वर्ग का सहयोग मिला तो तय है सुहेलदेव विश्वविद्यालय की प्रगति : कुलपति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुद्धिजीवी वर्ग का सहयोग मिला तो तय है सुहेलदेव विश्वविद्यालय की प्रगति : कुलपति
विज्ञापन
पल्हनी। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में शनिवार को चतुर्थ स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। विश्वविद्यालय परिसर को भव्य रूप से सजाया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के पूर्व कुलपति प्रो. राजाराम यादव उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. गंगाधर सिंह (मऊ) और पूर्व आईएमए अध्यक्ष डॉ. डीपी राय (आजमगढ़) शामिल रहे।
कार्यक्रम में बेटियों प्रगति, अनु और प्रतिष्ठा ने सरस्वती वंदना व विश्वविद्यालय गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावुक और भव्य बना दिया। डॉ. त्रिशिका श्रीवास्तव के भजन और प्रार्थना गीत ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुलपति ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया, जबकि अन्य विशिष्ट अतिथियों को कुलसचिव विशेश्वर प्रसाद ने सम्मानित किया।
प्रो. प्रशांत राय ने आजमगढ़ की सांस्कृतिक, साहित्यिक और प्रशासनिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए विश्वविद्यालय की ऊर्जा को सराहा। छात्रा रुचि ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की विकास यात्रा पर गर्व जताया। डॉ. गंगाधर सिंह ने छात्रों को राष्ट्र निर्माण की सोच के साथ अध्ययन करने की प्रेरणा दी। मुख्य अतिथि प्रो. राजाराम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल इमारतों से नहीं, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के समेकित प्रयासों से बनता है। उन्होंने विश्वविद्यालय को विशिष्ट शोध कार्यों के लिए प्रेरित किया। कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने इसे मुस्कान के साथ स्वीकारा और आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में 28 स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं और शीघ्र ही व्यावसायिक व इंजीनियरिंग कोर्स भी प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि बुद्धिजीवी वर्ग, प्राध्यापक और समाज आत्मिक सहयोग करें, तो आने वाले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय को ऐसी ऊंचाइयों पर ले जाऊंगा जो इतिहास में दर्ज होगा। समारोह का संचालन डॉ. ऋतंभरा और अभय तिवारी ने किया। अंत में कुलसचिव विशेश्वर प्रसाद ने सभी आगंतुकों, विद्वानों और छात्रों का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में बेटियों प्रगति, अनु और प्रतिष्ठा ने सरस्वती वंदना व विश्वविद्यालय गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावुक और भव्य बना दिया। डॉ. त्रिशिका श्रीवास्तव के भजन और प्रार्थना गीत ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुलपति ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया, जबकि अन्य विशिष्ट अतिथियों को कुलसचिव विशेश्वर प्रसाद ने सम्मानित किया।
विज्ञापन
प्रो. प्रशांत राय ने आजमगढ़ की सांस्कृतिक, साहित्यिक और प्रशासनिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए विश्वविद्यालय की ऊर्जा को सराहा। छात्रा रुचि ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की विकास यात्रा पर गर्व जताया। डॉ. गंगाधर सिंह ने छात्रों को राष्ट्र निर्माण की सोच के साथ अध्ययन करने की प्रेरणा दी। मुख्य अतिथि प्रो. राजाराम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल इमारतों से नहीं, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के समेकित प्रयासों से बनता है। उन्होंने विश्वविद्यालय को विशिष्ट शोध कार्यों के लिए प्रेरित किया। कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने इसे मुस्कान के साथ स्वीकारा और आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में 28 स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं और शीघ्र ही व्यावसायिक व इंजीनियरिंग कोर्स भी प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि बुद्धिजीवी वर्ग, प्राध्यापक और समाज आत्मिक सहयोग करें, तो आने वाले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय को ऐसी ऊंचाइयों पर ले जाऊंगा जो इतिहास में दर्ज होगा। समारोह का संचालन डॉ. ऋतंभरा और अभय तिवारी ने किया। अंत में कुलसचिव विशेश्वर प्रसाद ने सभी आगंतुकों, विद्वानों और छात्रों का आभार व्यक्त किया।