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हैदराबाद की टीम ने किया सर्वे, अगले माह होगी बैठक
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आजमगढ़। एक जनपद एक उत्पाद के तहत चयनित ब्लैक पाटरी को प्रोत्साहन और इस कला को बढ़ावा देने के लिए शासन की ओर से हैदराबाद की नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एमएसएमई को अध्ययन के लिए चुना है। टीम को निजामाबाद क्षेत्र के भ्रमण कर शिल्पकारों को दी जा रही सुविधाओं और उनकी नवीन आवश्यकताओं का अध्ययन करना है। इसकी के आधार पर टीम क्षेत्र में कामन फैसेलिटी सेंटर की स्थापना के लिए अपनी रिपोर्ट शासन को देगी। कुछ दिन पहले हैदराबाद की नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एमएसएमई के अधिकारी राजकुमार के नेतृत्व में टीम यहां सर्वे करने आई थी।
उपायुक्त उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र राजीव रंजन के साथ निजामाबाद पहुंची टीम ने यहां शिल्पकारों को आवंटित भूखंड और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। शिल्पकारों से मिलकर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली। सर्वे के बाद टीम वापस लौट गई। अभी टीम एक-दो बार और जनपद का दौरा करेगी। अक्तूबर के पहले सप्ताह में टीम केे साथ डीएम एनपी सिंह की बैठक की भी योजना है। बैठक के बाद टीम अपनी फाइनल रिपोर्ट शासन को भेजेगी। इसके बाद क्षेत्र में कामन फैसेलिटी सेंटर की स्थापना पर निर्णय शासन की ओर से लिया जाएगा।
विदेशों तक है ब्लैक पाटरी का नाम
निजामाबाद की ब्लैक पाटरी का नाम विदेशों तक है। यहां के कई शिल्पकार देश विदेश तक अपना नाम कर चुके हैं। राष्ट्रपति से लेकर राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। सरकार की उपेक्षा के कारण ये कला अपना समुचित आकार नहीं ले पाई थी। एक जनपद एक उत्पाद में चयनित होने के बाद इस कला को संजीवनी मिली है।
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कामन फैसिलिटी सेंटर में होगी कई सुविधाएं
संस्था की रिपोर्ट पर शासन की ओर से इस कला के निखार के लिए कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना का निर्णय लिया जाएगा। इसमें ब्लैक पाटरी को बनाने, डिजाइन, मिट्टी पकाने के लिए टर्नर भट्ठी, मिट्टी गूंथने की सुविधा और पैकेजिंग आदि की सुविधा मिल सकती है।
शासन की ओर से निर्धारित संस्था की टीम एक बार सर्वे कर चुकी है। डीएम के साथ बैठक के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। इसी के आधार पर कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना शासन की ओर से की जाएगी। - रंजन चतुर्वेदी, उपायुक्त उद्योग
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उपायुक्त उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र राजीव रंजन के साथ निजामाबाद पहुंची टीम ने यहां शिल्पकारों को आवंटित भूखंड और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। शिल्पकारों से मिलकर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली। सर्वे के बाद टीम वापस लौट गई। अभी टीम एक-दो बार और जनपद का दौरा करेगी। अक्तूबर के पहले सप्ताह में टीम केे साथ डीएम एनपी सिंह की बैठक की भी योजना है। बैठक के बाद टीम अपनी फाइनल रिपोर्ट शासन को भेजेगी। इसके बाद क्षेत्र में कामन फैसेलिटी सेंटर की स्थापना पर निर्णय शासन की ओर से लिया जाएगा।
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विदेशों तक है ब्लैक पाटरी का नाम
निजामाबाद की ब्लैक पाटरी का नाम विदेशों तक है। यहां के कई शिल्पकार देश विदेश तक अपना नाम कर चुके हैं। राष्ट्रपति से लेकर राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। सरकार की उपेक्षा के कारण ये कला अपना समुचित आकार नहीं ले पाई थी। एक जनपद एक उत्पाद में चयनित होने के बाद इस कला को संजीवनी मिली है।
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कामन फैसिलिटी सेंटर में होगी कई सुविधाएं
संस्था की रिपोर्ट पर शासन की ओर से इस कला के निखार के लिए कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना का निर्णय लिया जाएगा। इसमें ब्लैक पाटरी को बनाने, डिजाइन, मिट्टी पकाने के लिए टर्नर भट्ठी, मिट्टी गूंथने की सुविधा और पैकेजिंग आदि की सुविधा मिल सकती है।
शासन की ओर से निर्धारित संस्था की टीम एक बार सर्वे कर चुकी है। डीएम के साथ बैठक के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। इसी के आधार पर कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना शासन की ओर से की जाएगी। - रंजन चतुर्वेदी, उपायुक्त उद्योग