फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Hundreds of houses built on just two sealed

मकान बने सैकड़ों पर सील किए महज दो

Fri, 15 Apr 2016 12:03 AM IST
भारतेंदु मिश्र, आजमगढ़
भारतेंदु मिश्र, आजमगढ़ Updated Fri, 15 Apr 2016 12:03 AM IST
विज्ञापन
Hundreds of houses built on just two sealed
ग्रीन लैंड
 जिले में विकास की गंगा बहाकर व्यवस्थित करने के उद्देश्य से स्थापित आजमगढ़ विकास प्राधिकरण सात वर्ष बाद भी बिना मास्टर प्लान के काम कर रहा है। विनियमित क्षेत्र के लिए लागू प्लान पर काम तो किया जा रहा लेकिन प्राधिकरण की कारगुजारी पर सौतेलेपन का ठप्पा लग गया है। कारण हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी ग्रीन लैंड में स्थापित विद्यालय को प्राधिकरण नहीं गिरा सका। साथ ही बने सैकड़ों मकानों में से कुछ को चिन्ह्ति कर उसे सील किया गया।
विज्ञापन


शासन के आदेश पर वर्ष 2009 में आजमगढ़ में विकास प्राधिकरण की स्थापना की गई। इसमें विनियमित क्षेत्र के साथ-साथ शहर के आठ किमी के दायरे में आने वाले 159 गांवों को प्राधिकरण में शामिल किया गया। प्राधिकरण की स्थापना तो हुई लेकिन कोई मानक के साथ गाइड लाइन तय न होने के कारण क्षेत्र का विकास अधर में रहा। इसी क्रम में 2011 में प्राधिकरण में शामिल किए गए क्षेत्रों का विकास करने के लिए उसके हिसाब से नया मास्टर प्लान बनाने की संस्तुति हुई थी।
विज्ञापन


मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी युक्त नियोजक (टाउन प्लानर) गौतम बल को सौंपी गई। नवंबर 2015 में मास्टर प्लान पूरा हुआ, जिसे प्राधिकरण  के सचिव ने शासन को भेजा लेकिन शासन ने आपत्ति लगाई कि यह प्लान मानो बिल्डरों के इशारे पर तैयार किया गया है। बरवक्त विनियमितिकरण क्षेत्र के प्लान पर विकास प्राधिकरण काम कर रहा है। बताते चले ग्रीन लैंड में इस समय करीब एक हजार से अधिक निर्माण हो चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें एक विद्यालय को हाईकोर्ट ने ढहाने का आदेश जारी कर दिया है। लेकिन प्राधिकरण उस भवन को नहीं गिरा सका। जबकि दो भवनों को सीज कर चुका है। इसमें एक अस्पताल भी शामिल है। सबसे हैरत की बात है कि ग्रीन लैंड में तैयार एक अस्पताल का उद्घाटन जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी ने किया। वह आज भी संचालित है। करीब तीन रियल स्टेट के कार्यालयों को अवैध बताकर सील किया गया था, जो अब वैध होकर संचालित होने लगे हैं।


भंवरनाथ मंदिर के पास मकान बनवाकर रहने वाले डा. निरंकार सिंह जिसके मकान को प्राधिकरण ने नौ मार्च को सील कर उन्हें नोटिस जारी किया था। उन्होंने बताया कि भंवरनाथ मंदिर से लेकर बवाली मोड़ के बीच करीब एक हजार मकान बने हैं लेकिन प्रशासन ने उनके मकान को सीज किया। अब वे इस समस्या से निजात पाने के लिए हाईकोर्ट जाने की योजना बना रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed