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Azamgarh News: बाढ़ आपदा में सराहनीय कार्य करने वाले गोताखोरों को करें सम्मानित
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बाढ़ आने या आपदा के समय प्राय: कुछ गोताखोर सराहनीय एवं उत्कृष्ट कार्य करते हैं, जिससे भारी जाल माल का नुकसान होने से बच जाता है। ऐसे सराहनीय एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले गोताखोरों को उच्चाधिकारियों के माध्यम से सम्मानित किया जाए। उक्त निर्देश अपर मुख्य सचिव सुधीर गर्ग ने शनिवार को सर्किट हाउस में मंडल के जनपदों में राजस्व कार्यों के प्रगति की समीक्षा के दौरान कही।
उन्होंने राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा करते हुए पाया कि धारा-24 के आजमगढ़ में 76, मऊ में 55 एवं बलिया में 758 वाद 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं। राजस्व कर्मियों की कमी बताए जाने पर उन्होंने निर्देश दिया कि तीनों जनपदों में जितने कार्मिकों की आवश्यकता है उसकी शीघ्र डिमांड भेजें। उन्होनें कहा कि लंबित वादों में लिखित बहस के लिए दो अवसर दिया जाए। तीसरी बार में पैमाइश का कार्य पक्षकारों की उपस्थिति में करा दिया जाय। जो समस्याएं बताई जा रही हैं उसके आधार पर शासन स्तर से आदेश निर्गत किये जायेंगे, उसके बाद धारा-24 का कोई भी वाद निर्धारित अवधि 45 दिन के बाद लंबित नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने पाया कि विवादित नामांतरण वाद तीनों जनपदों में पर्याप्त संख्या में लंबित हैं, जिनका तेजी से निस्तारण कराया जाना अतिआवश्यक है।
निर्देश दिया कि जनपद स्तर पर धारा-34/35 के वादों की नियमित रूप से समीक्षा कर समयबद्ध रूप से निस्तारण किया जाये। कृषि भूमि को धारा-80 के तहत अकृषक भूमि घोषित कराये जाने के संबंध में निर्देश दिया कि मण्डल के जनपदों में धारा-80 के लम्बित सभी 111 वादों को एक सप्ताह के अन्दर निस्तारित किया जाये। उन्होंने आगाह किया कि भविष्य में यदि 45 दिन के बाद कोई वाद अनिस्तारित पाया जाता है तो सम्बन्धित एसडीएम को प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी जायेगी। जनपदों में चकबन्दी प्रक्रिया के अधीन ग्रामों तथा चकबन्दी वादों के निस्तारण की भी समीक्षा में पाया कि आजमगढ़ में 4127, मऊ में 1656 एवं बलिया में 3272 राजस्व ग्राम हैं। जिसमें प्रथम चक्र की चकबंदी के आजमगढ़ में 19, मऊ में 6 एवं बलिया में 16 ग्राम ऐसे हैं जो पांच वर्ष से अधिक समय से चकबन्दी प्रक्रिया के अधीन हैं। उन्होंने इन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया यथाशीघ्र पूर्ण कर लिये जाने का निर्देश दिया। राहत संबंधी कार्यों के संबंध में निर्देश दिया कि राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यकताएं हैं उसका प्रस्ताव शीघ्र भेजा जाय, ताकि समय से उसपर कार्यवाही हो सके। अपर मुख्य सविच ने बाढ़ के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले गोताखोरों को सम्मानित कराये जाने का निर्देश दिया।इस मौके पर मंडलायुक्त मनीष चौहान, डीएम विशाल भारद्वाज, अपर आयुक्त (प्रशासन) हंसराज, अपर आयुक्त (न्यायिक) कमलेश कुमार अवस्थी सहित तीनों जनपदों के अधिकारी उपस्थित थे।
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उन्होंने राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा करते हुए पाया कि धारा-24 के आजमगढ़ में 76, मऊ में 55 एवं बलिया में 758 वाद 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं। राजस्व कर्मियों की कमी बताए जाने पर उन्होंने निर्देश दिया कि तीनों जनपदों में जितने कार्मिकों की आवश्यकता है उसकी शीघ्र डिमांड भेजें। उन्होनें कहा कि लंबित वादों में लिखित बहस के लिए दो अवसर दिया जाए। तीसरी बार में पैमाइश का कार्य पक्षकारों की उपस्थिति में करा दिया जाय। जो समस्याएं बताई जा रही हैं उसके आधार पर शासन स्तर से आदेश निर्गत किये जायेंगे, उसके बाद धारा-24 का कोई भी वाद निर्धारित अवधि 45 दिन के बाद लंबित नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने पाया कि विवादित नामांतरण वाद तीनों जनपदों में पर्याप्त संख्या में लंबित हैं, जिनका तेजी से निस्तारण कराया जाना अतिआवश्यक है।
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निर्देश दिया कि जनपद स्तर पर धारा-34/35 के वादों की नियमित रूप से समीक्षा कर समयबद्ध रूप से निस्तारण किया जाये। कृषि भूमि को धारा-80 के तहत अकृषक भूमि घोषित कराये जाने के संबंध में निर्देश दिया कि मण्डल के जनपदों में धारा-80 के लम्बित सभी 111 वादों को एक सप्ताह के अन्दर निस्तारित किया जाये। उन्होंने आगाह किया कि भविष्य में यदि 45 दिन के बाद कोई वाद अनिस्तारित पाया जाता है तो सम्बन्धित एसडीएम को प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी जायेगी। जनपदों में चकबन्दी प्रक्रिया के अधीन ग्रामों तथा चकबन्दी वादों के निस्तारण की भी समीक्षा में पाया कि आजमगढ़ में 4127, मऊ में 1656 एवं बलिया में 3272 राजस्व ग्राम हैं। जिसमें प्रथम चक्र की चकबंदी के आजमगढ़ में 19, मऊ में 6 एवं बलिया में 16 ग्राम ऐसे हैं जो पांच वर्ष से अधिक समय से चकबन्दी प्रक्रिया के अधीन हैं। उन्होंने इन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया यथाशीघ्र पूर्ण कर लिये जाने का निर्देश दिया। राहत संबंधी कार्यों के संबंध में निर्देश दिया कि राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यकताएं हैं उसका प्रस्ताव शीघ्र भेजा जाय, ताकि समय से उसपर कार्यवाही हो सके। अपर मुख्य सविच ने बाढ़ के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले गोताखोरों को सम्मानित कराये जाने का निर्देश दिया।इस मौके पर मंडलायुक्त मनीष चौहान, डीएम विशाल भारद्वाज, अपर आयुक्त (प्रशासन) हंसराज, अपर आयुक्त (न्यायिक) कमलेश कुमार अवस्थी सहित तीनों जनपदों के अधिकारी उपस्थित थे।
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