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ब्रज की होली के साथ हुआ देशज का समापन

Tue, 22 Mar 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Tue, 22 Mar 2016 12:06 AM IST
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Holi of Braj concluded with the indigenous
ब्रज की होली
 जिला मुख्यालय स्थित जजी मैदान में आयोजित पांच दिनी देशज का समापन रविवार की रात ब्रज की होली के साथ हुआ। मथुरा से आए श्रुति पुरी एवं दल के कलाकारों ने रविवार की देर रात ब्रज में 'होली रे रसिया की प्रस्तुति कर सभी को झूमने पर विवश कर दिया। साथ ही भगवान कृष्ण के कई रूपों की छटा बिखेरी गई। फूलों से पंडाल पट गया था।
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कार्यक्रम का शुभारंभ नटखट नंदलाल बांके बिहारी के जयकारे से हुई।

इस दौरान राधा-रानी ने भगवान श्रीकृष्ण से मयूर नृत्य देखने की इच्छा जताई। इस पर राधा को खुश करने के लिए भगवान ने लीला रचकर मोर नृत्य शुरू कराया। मोर बने कलाकार आज बरसाने में आए हैं, नटवर नंद किशोर गाने पर नृत्य किया। इसे बाद, चारकुला नृत्य की प्रस्तुति की गई। इसमें महिला और पुरुष कलाकार सिर पर जलती आग को रखकर नृत्य किए।
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इस दौरान भगवान कृष्ण चक्र लेकर गोपियों के बीच खड़े नजर आए। इसके बाद, बरसाने में हुई लठमार होली और अंत में फूलों की होली खेली गई। इसमें भगवान कृष्ण और राधा को गोपियों ने गेंदा और गुलाब के फूलों से ढंक दिया। यह दृश्य काफी मनोहारी था। इसके बाद भगवान कृष्ण के जयकारे से पूरा पंडाल गूंज गया। 
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