फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Hindus and Muslims are equal here, but sacrifices have not been made on Bakrid for the last 35 years.

Azamgarh News: यहां हिंदू-मुस्लिम बराबर लेकिन 35 वर्षों से नहीं हो रही बकरीद पर कुर्बानी

Thu, 28 May 2026 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2026 12:36 AM IST
विज्ञापन
Hindus and Muslims are equal here, but sacrifices have not been made on Bakrid for the last 35 years.
मुबारकपुर थाना क्षेत्र का लोहरा गांव में घरों की तलाशी लेकर बाहर निकलती पुलिस। संवाद - फोटो : जेतवन परिसर में पूजा करते बौद्ध अनुयायी।
आजमगढ़। जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र का लोहरा गजहड़ा गांव एक ऐसा अनोखा गांव है, जहां पिछले लगभग 35 वर्षों से बकरीद के मौके पर कुर्बानी नहीं होती है। गांव में हिंदू और मुस्लिम समुदाय की आबादी लगभग बराबर है और सामान्य दिनों में दोनों समुदाय आपसी सौहार्द के साथ रहते हैं, लेकिन बकरीद के समय यह गांव संवेदनशील हो जाता है।
विज्ञापन

ग्राम प्रधान रसीला देवी वे बताया कि करीब 35 वर्ष पहले कुर्बानी को लेकर दो समुदायों के बीच गंभीर विवाद हुआ था। मामला न्यायालय तक पहुंचा और हाईकोर्ट के आदेश के बाद गांव में कुर्बानी पर रोक लगा दी गई। ग्रामीणों के अनुसार उस समय हुए विवाद के बाद कई दिनों तक गांव में कर्फ्यू जैसे हालात रहे थे। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रशासन द्वारा लगातार सख्ती बरती जाती है। बकरीद के अवसर पर किसी भी प्रकार की कुर्बानी न हो, इसके लिए गांव में पुलिस बल की तैनाती की जाती है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहता है। अब लोग कुर्बानी के लिए पास के अन्य गांवों का रुख करते हैं। थानाध्यक्ष शशिमौली पांडेय ने बताया कि सालों पुरानी इस स्थिति के कारण यह गांव आज भी बकरीद के समय विशेष निगरानी में रहता है।
विज्ञापन


लोहरा में पुलिस का चला सघन तलाशी अभियान, घरों की ली तलाशी-अमिलो। बकरीद के पर्व को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मुबारकपुर थाना क्षेत्र के लोहरा में प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। बुधवार की शाम बकरीद की पूर्व संध्या पर गांव में घर-घर जाकर कुर्बानी के जानवरों की सघन तलाशी ली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस प्रशासन ने निगरानी के लिए दो टीमें गठित की थीं। एक टीम का नेतृत्व लोहरा चौकी प्रभारी कुलदीप कुमार और दूसरी टीम का नेतृत्व उपनिरीक्षक अखिलेश चौबे कर रहे थे। थानाध्यक्ष शशिमौली पांडेय ने बताया कि तलाशी के दौरान कुर्बानी के जानवरों की जांच की गई तथा अधिकांश जानवरों को पहले ही पास के गांवों या निर्धारित अस्थायी बाड़ों में भेज दिया गया है।

प्रशासन द्वारा हर वर्ष की तरह इस बार भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। गांव में तीन दिनों तक पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें कैंप कर लगातार निगरानी रखेंगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत एक प्लाटून पीएसी तैनात की गई है। इसके अलावा गांव में 15 उपनिरीक्षक, 50 पुरुष आरक्षी, 12 महिला आरक्षी और राजस्व विभाग की टीम में लेखपाल बीरबल, देवानंद, दीपक और राकेश चौधरी सहित अन्य कर्मियों की तैनाती की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed