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बाजारों से हाईस्कूल-इंटरमीडिएट की किताबें नदारद

Tue, 09 Aug 2022 12:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 12:03 AM IST
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High school-intermediate books missing from markets
आजमगढ़। यूपी बोर्ड के स्कूलों में छात्रों के पास किताबों का टोटा है। शासन से जो प्रकाशक नामित किए हैं उनकी किताबें बाजारों में बहुत कम पहुंच रही हैं। सबसे ज्यादा इंटरमीडिएट की किताबों का बाजारों में टोटा है। एक माह होने को जा रहा है मगर अभी तक बच्चों के हाथों में पूरी किताबें नहीं आई है। जिससे समस्याएं हो रही है। जिले में यूपी बोर्ड के 97 एडेड, 23 राजकीय व करीब 644 प्राइवेट स्कूल हैं। स्कूलों में कक्षा नौ से लेकर 12 वीं तक के छात्रों की संख्या भी तीन लाख 74 हजार से अधिक है। बताया गया कि बच्चों को आधी-अधूरी किताबें मिली हैं। किताब न मिलने के कारण बच्चों की पढ़ाई भी काफी प्रभावित हो रही है। बच्चे भी किताबों को लेकर काफी परेशान हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए चार माह से अधिक का समय हो गया है। शासन ने बच्चों के कक्षा नौ से लेकर इंटर तक के छात्रों को किताबें खरीदने के लिए प्रकाशक नामित कर दिए थे। स्कूलों में एनसीईआरटी कि किताब लगाई गई हैं तो अभी पूरी किताबें बच्चों के लिए नहीं पहुंची हैं। दुकानदारों की मानें तो संबंधित प्रकाशकों की किताबें पहले से नहीं आ रही हैं
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इन किताबों की कमी
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में शासन ने अलग-अलग विषयों कि किताबें लगाई हैं। इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, गणित, राजनीति शास्त्र की किताबें बच्चों के पास नहीं पहुंची हैं। शासन ने इन किताबों को एनसीईआरटी में लगाया है तो इनके दाम कम हैं। जबकि एक दो किताब प्राइवेट में है इनके दाम कुछ महंगे हैं। हालांकि स्कूलों ने अधिकांश प्राइवेट किताबें खत्म कर दी हैं। किताब न आने के कारण छात्रों की पढ़ाई भी अधर में लटकी हुई है। बताया गया कि इसी सप्ताह में किताबें बाजारों में आने की उम्मीद है। इस मामले में डीआईओएस उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कुछ विषय की किताबें बाजारों में नहीं है। इसके लिए संबंधित प्रकाशकों को पत्र लिखा जा रहा है। जल्द बच्चों को सभी विषयों की किताबें उपलब्ध होंगी।
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