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Azamgarh News: गोद लेने के बाद भी नहीं सुधरी कुपोषित बच्चों की सेहत

Wed, 31 May 2023 12:07 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 31 May 2023 12:07 AM IST
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Health of malnourished children did not improve even after adoption
जिले में कुपोषण का शिकार हुए बच्चों की सेहत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। जिला स्तरीय व ब्लाक स्तरीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने 346 कुपोषित बच्चों के आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लिया है। गोद लेने के बावजूद भी नाम मात्र बच्चों की सेहत में सुधार हुआ है। विभाग की मानें तो अब तक करीब 354 बच्चे ठीक हुए हैं। मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से कई वर्षों से आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों के अलावा गर्भवती-धात्री महिलाओं की देखभाल के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती-धात्री महिलाओं के साथ ही साथ शून्य से पांच साल के बच्चों को चिह्नित कर उनका वजन भी करती हैं। महिलाओं और बच्चों को पौष्टिक आहार के लिए प्रेरित करती हैं। वहीं जिले के आलाधिकारी व जनप्रतिनिधियों द्वारा कुल 346 आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लिया गया था। ताकि बच्चों की सेहत सुधर सके। यह सब ढ़ाक के तीन पात साबित हो रहे हैं। जिले में अभी भी 10 हजार 882 अतिकुपोषित बच्चों की संख्या है। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्या ने बताया कि कुपोषण को लेकर जंग जारी है। अभियान चलाकर कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया जाता है। उनका पौष्टिक आहार दिया जाता है। अब तक बहुतायत बच्चे ठीक भी हो चुके हैं। कुपोषण को लेकर अभियान ऐसे ही जारी रहेगा।
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