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मरीज को ब्लड न उपलब्ध कराने पर भड़के स्वास्थ्य मंत्री

Sat, 29 Jun 2019 12:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jun 2019 12:15 AM IST
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health minister suspended store keeper and pharmasist
जिला अस्पताल का निरीक्षण करते प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह। - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़/बलरामपुर। चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शुक्रवार को मंडलीय अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री ने जिला महिला अस्पताल के बंद कमरे में लाखों की एक्सपायरी दवाएं मिलने के मामले में तत्कालीन स्टोर कीपर हरेंद्र यादव को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। वही 100 शैय्या के अतरौलिया अस्पताल में काफी दिनों से गैरहाजिर रहे फार्मासिस्ट विनय प्रकाश पांडे को भी निलंबित करने का आदेश दिया। विनय प्रकाश पांडे पर आउटसोर्सिंग से नियुक्तियों के मामले में अनियमितता बरतने का गंभीर आरोप है। विनय प्रकाश पांडे के जांच अधिकारी एडी हेल्थ को बनाया गया है। मंत्री के इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है।
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वहीं अस्पताल में भर्ती एक मरीज को ब्लड की जरूरत के बाद भी उपलब्ध न कराने पर नाराजगी जतायी और एसआईसी की जम कर क्लास लिया। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिये। लगभग पौने पांच बजे स्वास्थ्य मंत्री का काफिला मंडलीय अस्पताल पहुंचा। अस्पताल पर पहुंचते ही मंत्री ने अस्पताल का निरीक्षण शुरू कर दिया। उन्होंने पीआईसीयू वार्ड, महिला मेडिकल वार्ड, प्रसव पुनर्वास केंद्र, महिला सर्जिकल वार्ड, आर्थो वार्ड, हीमोडायलीसिस यूनिट आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान एक मरीज अंशिका निवासी ग्राम कैथोली ने बताया क ि उसे ब्लड की आवश्यकता है और ब्लड बैंक ब्लड नहीं उपलब्ध करा रहा है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री काफी नाराज हुए और एसआईसी की जम कर क्लास लिया। इसके साथ ही मरीज को तत्काल ब्लड उपलब्ध कराने का निर्देश अस्पताल प्रशासन को दिया। पोषण पुनर्वास केंद्र में उन्होंने आराधना, गुंजन आदि से खान-पान के बारे में जानकारी प्राप्त किया। पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों का इलाज ठीक ढंग से होता हुआ मिला। उन्होंने इस केंद्र में दो और एसी लगवाये जाने का निर्देश सीएमएस को दिया। हीमोडायलिसिस यूनिट में मरीजों के लिए मात्र 13 बेड है, जो पर्याप्त नहीं है। इस पर मंत्री ने एसआईसी को इस यूनिट के विस्तार के लिए जगह चिन्हित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में प्रकाश की समुचित व्यवस्था करें। मरीजों के पीने के पानी के स्थान को भी उन्होंने देखा। जगह-जगह गंदगी दिखायी दी, जिस पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन को कड़ी फटकार लगायी। उन्होंने चिकित्सालय व शौचालय में साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार का निर्देश दिया। इमरजेंसी में पहुंच कर उन्होंने मरीजों का हाल भी लिया। इस अवसर पर अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. नंदलाल यादव, सीएमओ डॉ. एके मिश्रा, सीएमएस डॉ. एसकेजी सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह आदि मौजूद रहे।
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स्वाभिमान मंच ने उठाया डॉक्टरों की लापरवाही का मामला
आजमगढ़। भाजयुमों व स्वाभिमान मंच ने आनंद श्रीवास्तव के आवास पर स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत किया और पत्रक सौंप कर डॉक्टारों के लापरवाही व प्राइवेट प्रैक्टिस का मुद्दा उठाया। सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि महिला अस्पताल पर तैनात डॉ. असलम की लगातार शिकायत मिलती है। इसके बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। इतना ही नहीं महिला अस्पताल का पूर्वी गेट बंद रहता है, जिससे अस्पताल में जाम के झाम की स्थिति रहती है। जनसंख्या के हिसाब से डॉक्टरों की कमी व तैनात डॉक्टरों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस किये जाने की बात भी मंत्री को बतायी गई। डॉ. असलम प्रकरण पर मंत्री ने जिलाधिकारी को जांच अधिकारी नामित करते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। स्वाभिमान मंच ने महिला अस्पताल के कमरे में मिले दवाओं के बाबत भी मंत्री से शिकायत किया। इस अवसर पर राजेश, रजनीश, पंकज, सुधीर अग्रवाल, रंजन राय, सुधीर श्रीवास्तव, अंकित राय, मयंक, रितेश, अनुभव, कुशल, गोपेश्वर, राघवेंद्र आदि मौजूद रहे।
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भारद ने उठाया न्यूरोलाजिस्ट के तैनाती की मांग
आजमगढ़। जिले में आये स्वास्थ्य मंत्री से भारत रक्षा दल का प्रतिनिधिमंडल भी मिला। प्रदेश उपाध्यक्ष हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव ने मंत्री को पत्रक सौंप कर जिले के सरकारी अस्पताल में न्यूरो डॉक्टर के तैनाती की मांग किया। हरिकेश विक्रम ने कहा कि जिले में न्यूरो रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके बाद भी सरकारी अस्पतालों में न्यूरोसर्जन की तैनाती न होने से प्राइवेट डॉक्टर मरीजों का शोषण कर रहे है। पत्रक सौंपने वालों में केशव, मनीष, जावेद, मो. अफजल, उमेश, विजय, आरपी श्रीवास्तव, राजन, ज्ञानेंद्र, आलोक, प्रवीण, गोपाल, महेंद्र, अजय, हरेंद्र आदि शामिल रहे।
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