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Azamgarh News: जगह-जगह पड़े सड़ रहे सरकारी वाहन, नहीं हो रहा निस्तारण कोई नीलामी की डेट को स्क्रैप होने का कर रहा इंतजार इंतजार में हो रहा सरकारी संपत्तियों का अवमूल्यन
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आजमगढ़। अधिकारियों को चलने और सरकारी कार्याें के लिए शासन की ओर से विभिन्न विभागों को आवंटित किए जाने वाले वाहन जो अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं अब खड़े-खड़े सड़ रहे हैं। इनके निस्तारण की व्यवस्था न होने से लाखों की सरकारी संपत्तियों का अवमूल्यन हो रहा है। जिम्मेदार शासन को इसकी रिपोर्ट भेजकर शांत बैठे हैं उनके द्वारा इनके निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। जबकि कुछ राजस्व भी इन वाहनों की नीलामी के बाद प्राप्त हो सकता है जिसे जनकल्याण के कार्य में लगाया जा सकता है।
कलेक्ट्रेट, विकास भवन से लेकर सीएमओ कार्यालय, पीडब्ल्यूडी और पुलिस विभाग सहित अन्य विभागों को सरकारी कार्यों को करने के लिए शासन की ओर से गाड़ी मुहैया कराई जाती है। विभाग के अधिकारियों द्वारा जब तक यह गाड़ियां ठीक रहती हैं उनसे बड़ी शान से चला जाता है लेकिन जब इनकी उम्र पूरी हो जाती है तो उन्हें कूड़े में सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है। वर्तमान में सबसे अधिक ऐसी गाड़ियां स्वास्थ्य विभाग के पास हैं। जो खड़े-खड़े सड़ रही हैं। वहीं कलेक्ट्रेट और विकास भवन परिसर में भी कई गाड़ियां खड़ी होकर धूल फांक रही है। अब तक इनके निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। 00
समय-समय पर होती है नीलामी, फिर भी जब्त वाहनों की दुर्दशा
आजमगढ़। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में स्थित थानों में वाहनों का सबसे बड़ा जखीरा लगा हुआ है। सैकड़ों वाहन यहां जब्ती के बाद से पुलिस अभिरक्षा में रखे हुए हैं, जिनकी सुरक्षा पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई है। परिसर में जगह-जगह किसी कबाड़खाने से कम नहीं लगती है। हालांकि पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर इन वाहनों की नीलामी की जाती है फिर इनका ढ़ेर लग जाता है।
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सीएमओ आफिस और अस्पताल परिसर में खड़ी है कई एंबुलेंसआजमगढ़। मंडलीय जिला अस्पताल परिसर स्थित सीएमओ कार्यालय और अस्पताल के पीछे कई एंबुलेंस खड़ी-खड़ी सड़ रही हैं। इनका निस्तारण न होने के कारण यह धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील होती जा रही है। जबकि यदि समय रहते इनको नीलाम कर दिया जाता तो शासन को फायदा हो सकता है। विभाग की मानें तो इनको कंडम घोषित कर इनकी फाइल शासन को भेजी गई है।
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बोले जिम्मेदारी
- कलेक्ट्रेट परिसर में खड़ी गाड़ियों की नीलामी के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। लेकिन अभी तक डेट निर्धारित नहीं हुई है। डेट निर्धारित होते ही इन वाहनों की नीलामी कर दी जाएगी।
संतोष कुमार श्रीवास्तव, नाजिर कलेक्ट्रेट।
- इस समय हमाारे कार्यालय से लेकर अस्पताल परिसर तक जो गाड़ियां खड़ी हैं उन्हें कंडम घोषित कर शासन को इसकी रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है। शासन में इसकी प्रक्रिया चल रही है। शासन की इनका निर्णय करेगा।
डा. आईएन तिवारी, सीएमओ।
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कलेक्ट्रेट, विकास भवन से लेकर सीएमओ कार्यालय, पीडब्ल्यूडी और पुलिस विभाग सहित अन्य विभागों को सरकारी कार्यों को करने के लिए शासन की ओर से गाड़ी मुहैया कराई जाती है। विभाग के अधिकारियों द्वारा जब तक यह गाड़ियां ठीक रहती हैं उनसे बड़ी शान से चला जाता है लेकिन जब इनकी उम्र पूरी हो जाती है तो उन्हें कूड़े में सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है। वर्तमान में सबसे अधिक ऐसी गाड़ियां स्वास्थ्य विभाग के पास हैं। जो खड़े-खड़े सड़ रही हैं। वहीं कलेक्ट्रेट और विकास भवन परिसर में भी कई गाड़ियां खड़ी होकर धूल फांक रही है। अब तक इनके निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। 00
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समय-समय पर होती है नीलामी, फिर भी जब्त वाहनों की दुर्दशा
आजमगढ़। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में स्थित थानों में वाहनों का सबसे बड़ा जखीरा लगा हुआ है। सैकड़ों वाहन यहां जब्ती के बाद से पुलिस अभिरक्षा में रखे हुए हैं, जिनकी सुरक्षा पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई है। परिसर में जगह-जगह किसी कबाड़खाने से कम नहीं लगती है। हालांकि पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर इन वाहनों की नीलामी की जाती है फिर इनका ढ़ेर लग जाता है।
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सीएमओ आफिस और अस्पताल परिसर में खड़ी है कई एंबुलेंसआजमगढ़। मंडलीय जिला अस्पताल परिसर स्थित सीएमओ कार्यालय और अस्पताल के पीछे कई एंबुलेंस खड़ी-खड़ी सड़ रही हैं। इनका निस्तारण न होने के कारण यह धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील होती जा रही है। जबकि यदि समय रहते इनको नीलाम कर दिया जाता तो शासन को फायदा हो सकता है। विभाग की मानें तो इनको कंडम घोषित कर इनकी फाइल शासन को भेजी गई है।
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बोले जिम्मेदारी
- कलेक्ट्रेट परिसर में खड़ी गाड़ियों की नीलामी के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। लेकिन अभी तक डेट निर्धारित नहीं हुई है। डेट निर्धारित होते ही इन वाहनों की नीलामी कर दी जाएगी।
संतोष कुमार श्रीवास्तव, नाजिर कलेक्ट्रेट।
- इस समय हमाारे कार्यालय से लेकर अस्पताल परिसर तक जो गाड़ियां खड़ी हैं उन्हें कंडम घोषित कर शासन को इसकी रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है। शासन में इसकी प्रक्रिया चल रही है। शासन की इनका निर्णय करेगा।
डा. आईएन तिवारी, सीएमओ।