लाटघाट। घाघरा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में कटान की समस्या फिर से तेज हो गई है। मंगलवार शाम चार बजे बदरहुआं नाले पर नदी का जलस्तर 71.25 मीटर था, जो बुधवार को तीन सेंटीमीटर बढ़कर 71.28 मीटर हो गया वहीं, डिघिया नाले पर जलस्तर 70.53 मीटर से चार सेंटीमीटर बढ़कर 70.57 मीटर दर्ज किया गया। डिघिया नाले पर नदी का जलस्तर खतरा निशान (70.40 मीटर) से 17 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है, जबकि बदरहुआं पर खतरे का निशान 71.68 मीटर है। क्षेत्र में घाघरा नदी की कटान ने गंगापुर, सहबदिया और देवारा खास राजा गांव में किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गंगापुर में कटान आबादी के करीब पहुंच गई है वहीं, सहबदिया और देवारा खास राजा के झगरहवा बगहवा इलाकों में भी नदी की कटान अब आबादी के नजदीक हो रही है।
जलस्तर में तीन से चार सेंटीमीटर की वृद्धि के साथ पानी तटवर्ती क्षेत्रों में फैलने लगा है, जिससे खेतों का नुकसान बढ़ रहा है। किसानों में बाढ़ का डर भले ही कम हो, लेकिन कटान के कारण उनकी उपजाऊ जमीनें नदी में समा रही हैं, जिससे कई किसान भूमिहीन हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि कटान रोकने के लिए स्थायी समाधान की जरूरत है, ताकि उनकी जमीनों और आजीविका को बचाया जा सके। इस संबंध में सहायक अभियंता (बाढ़ खंड) शिवकुमार ने कहा कि गंगापुर में कटान स्थल पर नियंत्रण के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। कटान रुक-रुक कर हो रही है, जो मुख्य रूप से खेतों तक सीमित है। अभी किसी प्रकार की जनहानि या खतरे की स्थिति नहीं है।