फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   GD Bakshi paid tribute martyr Ramsamujh said youth should have passion for army recruitment

UP News: शहीद रामसमुझ को जीडी बख्शी ने दी श्रद्धांजलि, बोले- युवाओं में होना चाहिए सेना भर्ती का जज्बा

Fri, 30 Aug 2024 07:08 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 30 Aug 2024 07:08 PM IST
सार

Azamgarh News: शहीद रामसमुझ को श्रद्धांजलि देने के लिए पूर्व मेजर जनरल जीडी बख्शी आजमगढ़ पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने युवाओं को सेना भर्ती के लिए प्रेरित किया। साथ ही भारत के सम्मान की बात कही। 

विज्ञापन
GD Bakshi paid tribute martyr Ramsamujh said youth should have passion for army recruitment
शहीद के परिजन को सम्मान देते जीडी बख्शी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आप लोग थल सेना, वायु सेना और जल सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करें इससे बढ़कर कोई सेवा नहीं हो सकती। आप लोग भर्ती होकर देश की सेवा करेंगे तो पाकिस्तान और चीन थर-थर कापेंगे। कोई हमारी तरफ आंख उठाकर भी नहीं देख सकता, एक दिन हमारा देश महाशक्ति के रूप में उभर कर सामने आएगा। 

विज्ञापन


उक्त बातें पूर्व मेजर जनरल जीडी बख्शी ने शुक्रवार को अंजानशहीद स्थित कारगिल शहीद रामसमुझ की स्मृति में आयोजित शहीद मेले को संबोधित करते हुए कही। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि यही एक माध्यम है जिसके जरिए हम शहीदों को याद कर सकते हैं। देश का कर्तव्य है कि वह शहीदों को सम्मान दे। जो देश शहीदों को सम्मान नहीं देगा वह देश नहीं रहेगा।
विज्ञापन




अग्निवीर भर्ती के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं तो शुरू से ही कहता आ रहा हूं कि मैं इससे सहमत नहीं हूं इसमें सुधार की जरूरत है। बांग्लादेश के हालात के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो जीत हमने 1971 में हासिल की थी। उसे लेकर पाकिस्तान, अमेरिका और चीन मिलकर कोशिश कर रहे हैं कि पास पलट दें। वह लोग खयाली पुलाव देख रहे हैं। लेकिन, अभी खेल खत्म नहीं हुआ है, अभी तो खेल शुरू हुआ है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जम्मू काश्मीर में होने वाले चुनाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि वर्तमान में बहुत फर्क पड़ा है। जब मेरी पोस्टिंग जम्मू काश्मीर थी तो पांच हजार आम आतंकवादी और 60 प्रतिशत पाकिस्तानी जम्मू काश्मीर में ऑपरेशन कर रहे थे। आज महज 150 हैं। अब वह पीर पंजाब में जिलाने की कोशिश कर रहा है। 


तीन साल कोई भर्ती नहीं हुई। प्रतिवर्ष 60 जवान सेवानिवृत्त होते हैं। तीन सालों में कुल एक लाख 80 हजार जवान कम हुए। जिससे गैप पैदा हुआ। जिसके परिणाम है कि वह राजौरी और पुंछ में फन उठा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed