आजमगढ़। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुल्तानपुर जनपद में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण कर जनता को समर्पित करेंगे। इसके बाद न केवल वाहन फर्राटा भर सकेंगे बल्कि विकास की भी रफ्तार बढ़ेगी। प्रदेश की राजधानी को पूर्वांचल के जिलों को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे के किनारे बसे नौ जिलों में रोजगार की गंगा बहेगी। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर इंडस्ट्रियल कारीडोर विकसित किए जाएंगे। जिससे यहां रोजगार के अवसर मिलेंगे।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। 340.824 किमी लंबी इस सड़क की लागत अनुमानत: 22494.66 करोड़ रुपये है। इस लखनऊ के चांद सराय से गाजीपुर के हैदरिया तक 341 किमी लंबे सिक्सलेन के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का 81 किमी का हिस्सा जनपद से गुजर रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे फूलपुर तहसील के खड़उरा गांव से जनपद में प्रवेश कर सदर तहसील के केरमा गांव से मऊ जनपद में प्रवेश किया है। जिले के चार तहसीलों के करीब 112 गांवों से एक्सप्रेस-वे होकर निकला है। अब आजमगढ़ से लखनऊ की दूरी करीब 245 किमी है। मौजूदा समय में फैजाबाद और सुल्तानपुर के रास्ते लखनऊ जाने में पांच से छह घंटे तक का समय लग जाता है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से अब लखनऊ तक की यात्रा सुगम होगी और कम समय में लोग इससे पहुंच सकेंगे। इससे सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों की आय को बढ़ावा मिलेगा। हैंडलूम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, भंडारण गृह, मंडी तथा दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना में एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा। वहीं जनपद से एक्सप्रेस वे पर चढ़ने के लिए दो जगहों पर कनेक्टिविटी दी जा रही है। जिसमें एक सेहदा में और दूसरा सठियांव में। सेहदा में निर्माण तेजी से चल रहा है लेकिन इसे बनने में अभी महीनों लगेंगे। वहीं सठियांव में अभी मिट्टी भराई का कार्य ही शुरू नहीं हो सका है।