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सपा के पूर्व विधायक पर दस्तावेजों में हेराफेरी कर पोखरी कब्जा करने का आरोप

Thu, 14 Jul 2022 12:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jul 2022 12:06 AM IST
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Former SP MLA accused of falsifying documents and capturing Pokhari
आजमगढ़। सपा के पूर्व विधायक बृजलाल सोनकर पर जाफरपुर के ग्रामीणों ने अभिलेखों में हेराफेरी कर पोखरी पर कब्जा करने कर आरोप लगाया। ग्रामीणों ने बुधवार को डीएम और एसडीएम को शिकायत पत्र देकर पोखरी पर हो रहे कब्जे को रोकने और पूर्व विधायक के खिलाफ जांच किए जाने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि जाफरपुर गांव में स्थित पोखरी सैकड़ों वर्ष पूर्व से स्थित है। इस पोखरी में सिंघाड़ा बोया जाता था। यही नहीं वर्ष 2010 में मनरेगा के तहत इस पोखरी की खुदाई भी कराई गयी थी। पिछले सप्ताह मामले ने तब तूल पकड़ा जब लेखपाल के साथ पूर्व विधायक बृजलाल सोनकर पोखरी पर कब्जा करने के लिए पहुंचे। लेकिन ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद उन्हे वापस लौटना पड़ा। जिसके बाद से ग्रामीण पूर्व विधायक पर पोखरी पर कब्जा करने का आरोप लगा रहे है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व विधायक बृजलाल सोनकर समाजवादी पार्टी सरकार में अभिलेखों में हेराफेरी कर पोखरी पर अपना हक जता रहे है। गांव के प्रधान जगदेश्वर यादव का आरोप है कि पूर्व विधायक उनके गांव की पोखरी जो सैकड़ों वर्षो से है। उस पर अवैध रूप से कब्जा करना चाहते है। इसके लिए वे अभिलेखों में हेराफेरी किए हैं। जबकि वर्ष 2010 में पोखरी में मनरेगा के तहत कार्य भी हुआ था। विधायक दबंगई पर उतर आए हैं और उसे फंसाने की धमकी दे रहे हैं। इस मौके पर पुष्पा, ममता, लहुरी राम, रविंद्र कुमार, चंद्रिका, भगवान दास, दलसिंगार, सुदामी, सोनू आदि उपस्थित थे।
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इस मामले में एसडीएम सदर जेआर चौधरी ने बताया कि आज ग्रामीणों ने पूर्व विधायक पर पोखरी पर कब्जे करने को लेकर शिकायत की है। मामले की आज जानकारी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पोखरी काफी पुरानी है और उसमें सिघाड़ा बोया जाता था। गांव के ग्राम प्रधान ने बताया कि पोखरी 12 वर्ष पूर्व मनरेगा के तहत कार्य भी हुआ है। इस प्रकरण की तथ्यात्मक जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं इस मामले में सपा के पूर्व विधायक बृजलाल सोनकर का कहना है कि यह मेरी पुश्तैनी जमीन है। 1359 फसली के अभिलेेख में यह जमीन मेरे पिता और चाचा के नाम थी। जो उनके मरने के बाद मेरे नाम पर है। मैंने इसकी पक्की पैमाइश भी कराई है। जब मैं इस पर आठ जुलाई को जमीन की बाउंड्री कराने के लिए निशानदेही को पहुंचा तो ग्राम प्रधान और काफी संख्या में ग्रामीण पहुंचकर कार्य रोकवा दिए। उनके द्वारा जबरदस्ती मेरी जमीन को ग्राम समाज की जमीन बताया जा रहा है। मेरे ऊपर लगाए जा रहे सारे आरोप निराधार और असत्य हैं। इसे लेकर ग्राम प्रधान द्वारा मुझे धमकी भी दी जा रही है।
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