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कंप्यूटर आपरेटर, लेखाकार व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी पर एफआईआर दर्ज
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आजमगढ़। सठियांव विकास खंड में मनरेगा योजना के तहत लगने नागरिक सूचना पट्ट न लगाए जाने के बाद भी भुगतान का मामला प्रकाश में आने के बाद हड़कंप मच गया है। सीडीओ ने सभी विकास खंडों में इसकी जांच करने का निर्देश दिया है। वहीं वीडीओ नीलिमा गुप्ता द्वारा कंप्यूटर आपरेटर, लेखाकार और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी के खिलाफ मुबारकपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
सठियांव विकास खंड के कुछ ग्राम पंचायतों में नागरिक सूचना पट्ट लगाना था। इसके मूल्य भुगतान के लिए विकास खंड के तहत क्रियाशील मेसर्स एंजिल आजीविका स्वंय सहायता समूह सयामपुर असोना जो भुगतान की प्रक्रिया फर्म से अनाधिकृत रूप से बिना कराए गए कार्यों का लगभग 22 लाख रुपये भुगतान कर दिया गया। किसी ने इसकी शिकायत सीडीओ से कर दी। सीडीओ ने इसकी परियोजना निदेशक, डीसी एनआरएलएम और डीडीओ की टीम गठित कर जांच कराई तो मामला सही पाया गया। इस मामले में सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ नीलिमा गुप्ता ने कंप्यूटर आपरेटर अब्दुल्लाह महमूद, लेखाकार मसूद अब्बासी और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शशिभूषण सिंह के खिलाफ मुबारकपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं अन्य ब्लाकों में इस तरह के गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए सीडीओ ने सभी बीडीओ को अपने निकटवर्ती ब्लाकों में क्रास चेकिंग करने का निर्देश दिया है। वहीं जिन ब्लाकों में बीडीओ नहीं हैं उन ब्लाकों में गठित तीन सदस्यीय कमेटी को जांच करने का निर्देश दिया है।
डोंगल इस्तेमाल के बाद भी बच गई बीडीओ
आजमगढ़। हालांकि इस मामले में बीडीओ नीलिमा गुप्ता भी पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। क्योंकि उनके डोंगल के जरिए ही इस भुगतान को किया गया है। लेकिन फिर भी उनका बच जाना कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर रहा है। हालांकि इस मामले सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि बीडीओ द्वारा भुगतान की जो फाइल थी उस पर सिग्नेचर नहीं किया गया था जिसके कारण उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
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सठियांव विकास खंड के कुछ ग्राम पंचायतों में नागरिक सूचना पट्ट लगाना था। इसके मूल्य भुगतान के लिए विकास खंड के तहत क्रियाशील मेसर्स एंजिल आजीविका स्वंय सहायता समूह सयामपुर असोना जो भुगतान की प्रक्रिया फर्म से अनाधिकृत रूप से बिना कराए गए कार्यों का लगभग 22 लाख रुपये भुगतान कर दिया गया। किसी ने इसकी शिकायत सीडीओ से कर दी। सीडीओ ने इसकी परियोजना निदेशक, डीसी एनआरएलएम और डीडीओ की टीम गठित कर जांच कराई तो मामला सही पाया गया। इस मामले में सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ नीलिमा गुप्ता ने कंप्यूटर आपरेटर अब्दुल्लाह महमूद, लेखाकार मसूद अब्बासी और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शशिभूषण सिंह के खिलाफ मुबारकपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं अन्य ब्लाकों में इस तरह के गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए सीडीओ ने सभी बीडीओ को अपने निकटवर्ती ब्लाकों में क्रास चेकिंग करने का निर्देश दिया है। वहीं जिन ब्लाकों में बीडीओ नहीं हैं उन ब्लाकों में गठित तीन सदस्यीय कमेटी को जांच करने का निर्देश दिया है।
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डोंगल इस्तेमाल के बाद भी बच गई बीडीओ
आजमगढ़। हालांकि इस मामले में बीडीओ नीलिमा गुप्ता भी पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। क्योंकि उनके डोंगल के जरिए ही इस भुगतान को किया गया है। लेकिन फिर भी उनका बच जाना कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर रहा है। हालांकि इस मामले सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि बीडीओ द्वारा भुगतान की जो फाइल थी उस पर सिग्नेचर नहीं किया गया था जिसके कारण उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
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