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अनाज के भंडारण के लिए किसान करें छोटे गोदाम का निर्माण
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आजमगढ़। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) के तहत अब किसान भी अनाज भंडारण के लिए छोटे गोदाम का निर्माण करा सकेंगे। कृषि विभाग की ओर से इसके निर्माण में खर्च होने वाली कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। निर्माण पूर्ण होने के बाद स्थलीय सत्यापन होगा। भंडारण की सुविधा न होने के चलते किसान फसल तैयार होने के बाद अनाज सीधे बाजार में बेचने को विवश होते हैं। तब उनको अच्छी कीमत नहीं मिल पाती है। किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है जबकि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों तक अनाज पहुंचाने के लिए भी ढुलाई खर्च भी सरकार को देना पड़ता है। ऐसे में सरकार ने छोटे गोदाम बनाने की योजना शुरू की है। कृषि विभाग इसके निर्माण पर 50 प्रतिशत अनुदान देगा लेकिन किसान किसी को भी गोदाम में अनाज रखने से रोक नहीं सकेंगे। उनको इसके लिए भंडारण करने वाले व्यक्ति से शुल्क भी मिलेगा। किसान को अपने खर्च पर नींव भराई, चिनाई आदि का काम पूरा करना होगा। उसके बाद पहली किस्त के रूप में 40 प्रतिशत का भुगतान किया जाएगा। गोदाम की छत पड़ने के बाद दूसरी किस्त में 10 प्रतिशत का भुगतान किया जाएगा। गोदाम का भौतिक सत्यापन उप कृषि निदेशक कार्यालय के अवर अभियंता करेंगे।
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गोदाम निर्माण में आने वाले कुल लागत का 50 प्रतिशत संबंधित लाभार्थी को खर्च करना होगा। अनुदान का भुगतान दो बार में किया जाएगा। छोटे गोदाम से किसानों को फायदा होगा। क्योंकि सीजन में फसल सस्ती होती है, लेकिन बाद में भाव बढ़ जाते हैं। भंडारण की व्यवस्था न होने के कारण किसानों को ज्यादा फायदा नहीं होता। खुद का गोदाम होगा तो किसान अनाज का भंडारण कर सकेंगे व बाजार का रुख देख अनाज की बिक्री कर सकेंगे।
-डा. उमेश कुमार गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी
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गोदाम निर्माण में आने वाले कुल लागत का 50 प्रतिशत संबंधित लाभार्थी को खर्च करना होगा। अनुदान का भुगतान दो बार में किया जाएगा। छोटे गोदाम से किसानों को फायदा होगा। क्योंकि सीजन में फसल सस्ती होती है, लेकिन बाद में भाव बढ़ जाते हैं। भंडारण की व्यवस्था न होने के कारण किसानों को ज्यादा फायदा नहीं होता। खुद का गोदाम होगा तो किसान अनाज का भंडारण कर सकेंगे व बाजार का रुख देख अनाज की बिक्री कर सकेंगे।
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-डा. उमेश कुमार गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी