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गन्ना परची नहीं मिलने पर किसानों ने किया विरोध प्रदर्शन
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बुढ़नपुर बाजार में गन्ना पर्ची व तौल न होने से नाराज किसान प्रदर्शन करते।
- फोटो : AZAMGARH
बूढनपुर। क्षेत्र के किसानों ने बूढनपुर बाजार में गन्ना पर्ची न मिलने पर हिन्दू महासभा के जिलाध्यक्ष विनीतरंजन, समाजसेवी लक्ष्मी चौबे के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। क्षेत्र के दयाराम, गंगा वर्मा, विवेक सिंह, उमा, उमेश, सोनू सिंह, रोहित कुमार, राजेश मौर्या, रवि कुमार, धर्मेद्र कुमार, अजय, मंगरू , गुड्डू, उमेश, सुनील, रामधारी सहित अनेक किसानों का आरोप है कि मिल द्वारा हम किसानों को समय से पर्ची नहीं मिल रही है। इसके चलते गन्ना बेचने में काफी कठिनाई हो रही है। गेहूं की बुआई बाधित हो रही है।
किसानों ने बताया कि मिल दो माह से गन्ने की खरीदारी कर रही है, लेकिन अभी भी किसानों को उनके रकबे के अनुसार पर्ची नहीं मिल पा रही है। पर्ची के अभाव में खेतों और क्रय केन्द्रों पर गन्ना सूख रहा है। मजबूरी का फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं। खई लोगों ने मिल के सर्वे करने वाले से मिली भगत कर लंबा सट्टा बनवा लिया है। उन्हें भारी मात्रा में पर्ची मिल रही है। इन्हीं पर्चियों के सहारे बिचौलिए क्रय केंद्रों पर ही किसानों से सौ से डेढ़ सौ रुपए कुंतल गन्ना खरीद कर मिल को बेच कर मालामाल हो रहे हैं। सठियांव मिल ने प्रभावशाली और दबंग लोगों को मिल गेट पर ही खरीद की पर्ची थोक मात्रा में जारी कर दिया है। इससे इस मिल से जुड़े छोटे किसानों का गन्ना पर्ची के अभाव में सूख रहा है। यहां घटतौली भी की जा रही है। प्रकार अहिरौला क्रय केंद्र के लक्ष्मी चौबे, पांचू, राकेश, फूलचन्द ने बताया कि यहां से मिल को गन्ना ले जाने वाली ट्रक जल्दी नहीं आता। ट्रक के इंतजार में हफ्तों गन्ना तौलवाने के लिए खड़ा रहना पड़ता है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी दिनेश मिश्र से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सभी क्रय केंद्रों की जांच कराकर केन्द्र के सचिव और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्रयकेंद्रों पर हो रही घटतौली, किसानों में आक्रोश
आजमगढ़। गन्ना क्रय केंद्रों पर व्याप्त दुर्व्यवस्थाओं से गन्ना किसान परेशान है, कहीं पर्ची नहीं मिल रही है तो कहीं घटतौली की शिकायत सामने आ रही है। परेशान हाल किसान इधर-उधर चक्कर लगाने को ही मजबूर है। सठियांव संवाददाता के अनुसार चीनी मिल गेट पर स्थित क्रय केंद्र पर हुई तौल में गन्ना किसान गिरीश चंद्र व राजेंद्र यादव के गन्ने का कम तौल आया। किसानों का कहना है कि मिल के कांटे पर कम तौल आ रहा है, जबकि बाहर कराने पर तौल ज्यादा आया था। इसे लेकर कुछ देर तक मिल गेट पर हंगामा भी हुआ। जिला पंचायत सदस्य रामप्रवेश यादव के हस्तक्षेप पर कांटा सही हुआ तब जाकर आक्रोशित किसान शांत हुए।
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वहीं, गन्ना अधिकारी प्रकाश सिंह का कहना है कि गन्ना सूख जाने के चलते तौल में अंतर आया है। सगड़ी संवाददाता के अनुसार गन्ना किसान पर्ची न मिलने से परेशान है। अपने गन्ने की बिक्री को लेकर किसान क्रय केंद्र से लेकर मिल तक चक्कर काट रहे है। अहरौल संवाददाता के अनुसार स्थानीय क्रय केंद्र पर गन्ने की ढुलाई का कार्य नहीं हो रहा है, जिसके चलते तौल प्रभावित हो रही है। वहीं पर्ची भी किसानों को उपलब्ध नहीं हो रहा है। पवई संवाददाता के अनुसार स्थानीय कच्छरा गांव स्थापित क्रय केंद्र पर गन्ने की तौल में लेटलतीफी की जा रही है। जिसके चलते 12 से 15 दिनों तक लाइन में लगने के बाद ही ट्राली खाली हो पा रही है। किसानों में भारी आक्रोश है। गन्ना ढुलाई कराने वाले ठेकेदार ने दो ही ट्रक लगाया है। चौकीदार पांच ट्रॉली अपनी चलवा रहा है। किसानों का नंबर ही 15 दिन से पहले नहीं आता। पर्ची हॉयल हो जाती है फिर डेट बढ़वाने में सौ रुपया लगता है।
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किसानों ने बताया कि मिल दो माह से गन्ने की खरीदारी कर रही है, लेकिन अभी भी किसानों को उनके रकबे के अनुसार पर्ची नहीं मिल पा रही है। पर्ची के अभाव में खेतों और क्रय केन्द्रों पर गन्ना सूख रहा है। मजबूरी का फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं। खई लोगों ने मिल के सर्वे करने वाले से मिली भगत कर लंबा सट्टा बनवा लिया है। उन्हें भारी मात्रा में पर्ची मिल रही है। इन्हीं पर्चियों के सहारे बिचौलिए क्रय केंद्रों पर ही किसानों से सौ से डेढ़ सौ रुपए कुंतल गन्ना खरीद कर मिल को बेच कर मालामाल हो रहे हैं। सठियांव मिल ने प्रभावशाली और दबंग लोगों को मिल गेट पर ही खरीद की पर्ची थोक मात्रा में जारी कर दिया है। इससे इस मिल से जुड़े छोटे किसानों का गन्ना पर्ची के अभाव में सूख रहा है। यहां घटतौली भी की जा रही है। प्रकार अहिरौला क्रय केंद्र के लक्ष्मी चौबे, पांचू, राकेश, फूलचन्द ने बताया कि यहां से मिल को गन्ना ले जाने वाली ट्रक जल्दी नहीं आता। ट्रक के इंतजार में हफ्तों गन्ना तौलवाने के लिए खड़ा रहना पड़ता है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी दिनेश मिश्र से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सभी क्रय केंद्रों की जांच कराकर केन्द्र के सचिव और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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क्रयकेंद्रों पर हो रही घटतौली, किसानों में आक्रोश
आजमगढ़। गन्ना क्रय केंद्रों पर व्याप्त दुर्व्यवस्थाओं से गन्ना किसान परेशान है, कहीं पर्ची नहीं मिल रही है तो कहीं घटतौली की शिकायत सामने आ रही है। परेशान हाल किसान इधर-उधर चक्कर लगाने को ही मजबूर है। सठियांव संवाददाता के अनुसार चीनी मिल गेट पर स्थित क्रय केंद्र पर हुई तौल में गन्ना किसान गिरीश चंद्र व राजेंद्र यादव के गन्ने का कम तौल आया। किसानों का कहना है कि मिल के कांटे पर कम तौल आ रहा है, जबकि बाहर कराने पर तौल ज्यादा आया था। इसे लेकर कुछ देर तक मिल गेट पर हंगामा भी हुआ। जिला पंचायत सदस्य रामप्रवेश यादव के हस्तक्षेप पर कांटा सही हुआ तब जाकर आक्रोशित किसान शांत हुए।
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वहीं, गन्ना अधिकारी प्रकाश सिंह का कहना है कि गन्ना सूख जाने के चलते तौल में अंतर आया है। सगड़ी संवाददाता के अनुसार गन्ना किसान पर्ची न मिलने से परेशान है। अपने गन्ने की बिक्री को लेकर किसान क्रय केंद्र से लेकर मिल तक चक्कर काट रहे है। अहरौल संवाददाता के अनुसार स्थानीय क्रय केंद्र पर गन्ने की ढुलाई का कार्य नहीं हो रहा है, जिसके चलते तौल प्रभावित हो रही है। वहीं पर्ची भी किसानों को उपलब्ध नहीं हो रहा है। पवई संवाददाता के अनुसार स्थानीय कच्छरा गांव स्थापित क्रय केंद्र पर गन्ने की तौल में लेटलतीफी की जा रही है। जिसके चलते 12 से 15 दिनों तक लाइन में लगने के बाद ही ट्राली खाली हो पा रही है। किसानों में भारी आक्रोश है। गन्ना ढुलाई कराने वाले ठेकेदार ने दो ही ट्रक लगाया है। चौकीदार पांच ट्रॉली अपनी चलवा रहा है। किसानों का नंबर ही 15 दिन से पहले नहीं आता। पर्ची हॉयल हो जाती है फिर डेट बढ़वाने में सौ रुपया लगता है।