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Azamgarh News: जिले के किसानों को भा रही गन्ने की मिठास, बढ़ गया 17 फीसदी रकबा
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आजमगढ़। जिले के किसानों को अब गन्ने की मिठास भाने लगी है। नकदी फसल माने जाने वाले गन्ने के प्रति किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। पिछले साल जिले में 8865.718 हेक्टेयर में उत्पादन था। इस बार 10439.316 हेक्टेयर हो गया है। यानी कुल 17.75 प्रतिशत गन्ना क्षेत्रफल बढ़ गया है। गन्ने की खेती के प्रति किसानों के इस रूझान का श्रेय गन्ना विभाग को जाता है। जिन्होंने किसानों को जागरूक कर उन्हें गन्ने की खेती करने के लिए प्रेरणा दी।
जनपद में गन्ने की खेती का क्षेत्रफल 8865.718 हेक्टेयर था। जिसमें किसान अपनी खेती करते हैं। गन्ना विभाग में कुल 46953 गन्ना किसान पंजीकृत है। उक्त किसानों में मात्र 16296 गन्ना किसान गन्ने की खेती करते हैं और प्रत्येक वर्ष गन्ना कटाई के बाद चीनी मिल को सप्लाई करते हैं। बाकी के किसानों द्वारा गन्ने की सप्लाई नहीं की जाती है। गन्ने की खेती से किसानों का मोह भंग हो रहा था लेकिन गन्ना विभाग ने काफी प्रयास किया और गांव-गांव जाकर लोगों को गन्ने की खेती करने के लिए प्रेरित किया। जिसका नतीजा रहा कि जिले में गन्ना क्षेत्रफल बढ़ गया है। पेराई सत्र 2021-22 में 50.47 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य था लेकिन गन्ने की सप्लाई कम होने के कारण 24.29 लाख क्विंटल गन्ना पेराई हुई थी। सत्र 2022-23 में भी 50.47 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य था। जिसमें 28.38 लाख क्विंटल पेराई हुई।
विभाग की माने तो सर्वेक्षण वर्ष 2022-23 में 8865.718 हेक्टेयर क्षेत्रफल था। जिसमें 622 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गन्ने की उपज हुई थी। सर्वेक्षण के अनुसार इस बार अधिक किसानों ने गन्ना की खेती की है। विभागीय आंकड़ों की माने तो सर्वेक्षण वर्ष 2023-24 में गन्ने की खेती का क्षेत्रफल बढ़कर 10439.316 हेक्टेयर हो गया है। यानी इस बार 17.75 प्रतिशत गन्ना क्षेत्रफल बढ़ा है। इस बार गन्ने की उपज 661.16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है।
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गन्ना की खेती से किसानों का मोह भंग हो रहा था। विभाग द्वारा गांव-गांव जाकर किसानों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई। शासन से बढ़ाए गए गन्ने की दर व समय से भुगतान होने की भी बात बताते हुए उन्हें गन्ने की खेती करने के लिए प्रेरित किया गया। नतीजा रहा कि पिछले साल के सापेक्ष इस बार 17.75 फीसदी गन्ना क्षेत्रफल बढ़ा है।
अशर्फी लाल, जिला गन्ना अधिकारी आजमगढ़।
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जनपद में गन्ने की खेती का क्षेत्रफल 8865.718 हेक्टेयर था। जिसमें किसान अपनी खेती करते हैं। गन्ना विभाग में कुल 46953 गन्ना किसान पंजीकृत है। उक्त किसानों में मात्र 16296 गन्ना किसान गन्ने की खेती करते हैं और प्रत्येक वर्ष गन्ना कटाई के बाद चीनी मिल को सप्लाई करते हैं। बाकी के किसानों द्वारा गन्ने की सप्लाई नहीं की जाती है। गन्ने की खेती से किसानों का मोह भंग हो रहा था लेकिन गन्ना विभाग ने काफी प्रयास किया और गांव-गांव जाकर लोगों को गन्ने की खेती करने के लिए प्रेरित किया। जिसका नतीजा रहा कि जिले में गन्ना क्षेत्रफल बढ़ गया है। पेराई सत्र 2021-22 में 50.47 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य था लेकिन गन्ने की सप्लाई कम होने के कारण 24.29 लाख क्विंटल गन्ना पेराई हुई थी। सत्र 2022-23 में भी 50.47 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य था। जिसमें 28.38 लाख क्विंटल पेराई हुई।
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विभाग की माने तो सर्वेक्षण वर्ष 2022-23 में 8865.718 हेक्टेयर क्षेत्रफल था। जिसमें 622 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गन्ने की उपज हुई थी। सर्वेक्षण के अनुसार इस बार अधिक किसानों ने गन्ना की खेती की है। विभागीय आंकड़ों की माने तो सर्वेक्षण वर्ष 2023-24 में गन्ने की खेती का क्षेत्रफल बढ़कर 10439.316 हेक्टेयर हो गया है। यानी इस बार 17.75 प्रतिशत गन्ना क्षेत्रफल बढ़ा है। इस बार गन्ने की उपज 661.16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है।
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गन्ना की खेती से किसानों का मोह भंग हो रहा था। विभाग द्वारा गांव-गांव जाकर किसानों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई। शासन से बढ़ाए गए गन्ने की दर व समय से भुगतान होने की भी बात बताते हुए उन्हें गन्ने की खेती करने के लिए प्रेरित किया गया। नतीजा रहा कि पिछले साल के सापेक्ष इस बार 17.75 फीसदी गन्ना क्षेत्रफल बढ़ा है।
अशर्फी लाल, जिला गन्ना अधिकारी आजमगढ़।