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किसानों का शोषण पहले भी हुआ, आज भी हो रहा
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 29 May 2015 12:05 AM IST
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मालटारी स्थित श्री मथुरा राय महिला महाविद्यालय में गुरुवार को नेशनल लोकरंग के तत्वावधान में ‘आवाम का सिनेमा, प्रतिरोध की संस्कृति’ के तहत ‘किसानों की त्रासदी-सवाल दर सवाल’ विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। साहित्यकार श्याम स्नेही ने कहा कि वर्तमान में शोषण का दौर चल रहा है, किसानों का शोषण पहले भी हुआ और आज भी हो रहा है।
नेपाल के वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र गुरगैन ने कहा कि किसानों का शोषण कौन कर रहा है। यह सवाल उठना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत में रोटी-बेटी का संबंध है। अध्यक्षता कर रहे डॉ. कुबेर मिश्र ने कहा कि किसानों के मंगल की बात किसानों के स्तर पर उतरकर करनी होगी। बुंदेलखंड के आशीष सागर ने कहा कि यह कार्यक्रम अगर गांव में किया जाता तो काफी बेहतर होता।
गोष्ठी के बाद पुनीत प्रकाश द्वारा निर्देशित 22 मिनट की फिल्म ‘मोमबत्ती’ का प्रदर्शन किया गया। फिल्म के समापन पर नेपाली साहित्यकारों को जनहित इंडिया के संपादक मदन मोहन पांडेय ने स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। प्राचार्य डॉ. दुर्गा प्रासद अस्थाना, चंद्रशेखर राय, अरविंद राय, रायल कल्पना, अभिमन्यु शर्मा आदि मौजूद रहे।
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नेपाल के वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र गुरगैन ने कहा कि किसानों का शोषण कौन कर रहा है। यह सवाल उठना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत में रोटी-बेटी का संबंध है। अध्यक्षता कर रहे डॉ. कुबेर मिश्र ने कहा कि किसानों के मंगल की बात किसानों के स्तर पर उतरकर करनी होगी। बुंदेलखंड के आशीष सागर ने कहा कि यह कार्यक्रम अगर गांव में किया जाता तो काफी बेहतर होता।
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गोष्ठी के बाद पुनीत प्रकाश द्वारा निर्देशित 22 मिनट की फिल्म ‘मोमबत्ती’ का प्रदर्शन किया गया। फिल्म के समापन पर नेपाली साहित्यकारों को जनहित इंडिया के संपादक मदन मोहन पांडेय ने स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। प्राचार्य डॉ. दुर्गा प्रासद अस्थाना, चंद्रशेखर राय, अरविंद राय, रायल कल्पना, अभिमन्यु शर्मा आदि मौजूद रहे।
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