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Azamgarh News: डाला छठ के 48 घंटे बाद भी घाटों पर फैली रही गंदगी
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24 छठ पर्व के समापन के बाद सिधारी स्थित घाट पर नहीं कराई गई सफाई। संवाद
आजमगढ़। डाला छठ का पर्व बीतने के 48 घंटे बाद भी अधिकांश नदी, पोखरों के घाटों की साफ- सफाई नहीं हो सकी है। कहीं पूजा सामग्रियां तो कहीं गन्ने के पत्ते और फूल बिखरे पड़े हैं।
जिले में डाला छठ का पर्व बड़े ही धूम धाम से मनाया गया। सोमवार को दिन भर और मंगलवार को सुबह तक घाटों पर रौनक रही। सैकड़ों की संख्या में व्रती महिलाएं और अन्य लोग घाटों पर पहुंच कर पहले दिन डूबते और दूसरे दिन उगते सूर्य हो अर्घ्य दिया।
शहर के गौरीशंकर घाट, कदम घाट, सिधारी घाट, गायत्री घाट, वीर एकलव्य घाट सहित ग्रामीणों क्षेत्र के नदी, सरोवरों के सैकड़ों घाटों पर डाला छह का पर्व मनाया गया। सिधारी घाट की पक्की सीढि़यों पर बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की गिलासे फेंकी गई है। कुछ ऐसा ही हाल गौरी शंकर घाट के पास का है। वहां पर घाट की सीढि़यों से सटी दीवार के पास गन्ने के पत्ते फेंके गए हैं। नदी के किनारे फूलों की माला बिखरी पड़ी है।
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जिले में डाला छठ का पर्व बड़े ही धूम धाम से मनाया गया। सोमवार को दिन भर और मंगलवार को सुबह तक घाटों पर रौनक रही। सैकड़ों की संख्या में व्रती महिलाएं और अन्य लोग घाटों पर पहुंच कर पहले दिन डूबते और दूसरे दिन उगते सूर्य हो अर्घ्य दिया।
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शहर के गौरीशंकर घाट, कदम घाट, सिधारी घाट, गायत्री घाट, वीर एकलव्य घाट सहित ग्रामीणों क्षेत्र के नदी, सरोवरों के सैकड़ों घाटों पर डाला छह का पर्व मनाया गया। सिधारी घाट की पक्की सीढि़यों पर बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की गिलासे फेंकी गई है। कुछ ऐसा ही हाल गौरी शंकर घाट के पास का है। वहां पर घाट की सीढि़यों से सटी दीवार के पास गन्ने के पत्ते फेंके गए हैं। नदी के किनारे फूलों की माला बिखरी पड़ी है।
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