फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   EOW team arrested the contractor for embezzlement of government money

शासकीय धन के गबन में ठेकेदार को ईओडब्ल्यू की टीम ने किया गिरफ्तार

Sat, 30 Jul 2022 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2022 11:36 PM IST
विज्ञापन
EOW team arrested the contractor for embezzlement of government money
आजमगढ़। शासकीय धन के गबन के एक मामले में ईओडब्ल्यू वाराणसी की टीम ने शनिवार को जनपद के अहरौला थानाक्षेत्र से एक ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया। अहरौला थाने में इसकी इंट्री कराने के बाद ईओडब्ल्यू की टीम उसे कोर्ट में पेश करने के लिए वाराणसी लेकर चली गई। मामला 2013 में पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण के लिए गाजीपुर जिले को जारी हुए सात करोड़ रुपये का है।वर्ष 2013 में प्रदेश सरकार ने गाजीपुर के ब्लाक भदौरा में स्थित परमेन शाह तालाब, सेवराई चीर पोखरा, मां कामाख्या धाम गमहर व देवकली देव स्थल के पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण के लिए लगभग सात करोड़ रुपये जारी किए थे। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड था। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों, कर्मचारियों ने ठेकेदार, निर्माण सामग्री सप्लाई करने वाले फर्म के स्वामियों की मिलीभगत से मानक के अनुसार काम नहीं कराया। आधा अधूरा कार्य कराकर सरकारी धन की बंदरबाट कर ली। इसकी जानकारी होने पर 2017 में अविनाश चंद्र संयुक्त निदेशक पर्यटन विंध्याचल मंडल वाराणसी ने गाजीपुर जिले के गमहर थाने में कार्यदायी संस्था के अधिकारियों, कर्मचरियों के अलावा ठेकेदार के खिलाफ शासकीय धन के दुरुपयोग, गबन व क्षति का मामला दर्ज कराया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच 2018 में ईओडब्ल्यूू को दे दी गई।
विज्ञापन

जांच में ईओडब्ल्यू के निरीक्षक सुनील कुुमार वर्मा ने कार्यदायी संस्था के तत्कालीन परियोजना प्रबंधक, अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही ठेकेदार को भी दोषी पाया। इस पर ईओडब्ल्यूू की टीम शनिवार को जिले में पहुंची और ठेकेदार राम प्रसाद यादव पुत्र रामदुलार यादव निवासी शाहवानीपुर थाना अहरौला को निर्माणाधीन राजकीय पॉलीटेक्निक शमशल्लीपुर माहुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। थाने पर लिखा पढ़ी के बाद ईओडब्ल्यू की टीम उसे कोर्ट में पेश करने के लिए वाराणसी लेकर रवाना हो गई।
विज्ञापन

इस मामले में वाराणसी में तैनात ईओडब्ल्यू के एसपी डी प्रदीप कुमार ने बताया कि 2013 में गाजीपुर में सरकारी धन का गबन हुआ था। 2017 में मुकदमा दर्ज होने के बाद 2018 में ईओडब्ल्यू को जांच सौंपी गई थी। जांच में कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक के अलावा अन्य अधिकारी व कर्मचारी के साथ ठेकेदार भी दोषी साबित हुआ था। उसे शनिवार को आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed