इंजीनियरिंग कालेज में जुलाई से पढ़ाई
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बताते चलें कि वर्ष 2009 में बसपा शासन काल में जिरीकपुर नाउपुर गांव में 23 एकड़ जमीन पर 107 करोड़ की लागत से इंजीनियरिंग कालेज की मंजूरी मिली और तभी से उस पर निर्माण शुरू हुआ। उक्त कालेज के नाम पर गोरखपुर में छात्रों का क्लास भी चलाया जा रहा है लेकिन अभी तक जिरीकपुर नाउपुर में कालेज का निर्माण पूरा नहीं हो सका।
निरीक्षण करने पहुंचे प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि अगर जुलाई माह तक चार हास्टल नहीं बन पाते हैं तो जुलाई तक 250 की क्षमता वाले छात्र-छात्राओं के लिए दो हास्टल, पानी टंकी, सीवर टैंक और बिजली की व्यवस्था कराई जाए ताकि शिक्षण कार्य शुरू हो सके। शेष कार्यों को जुलाई 2017 तक हर हालत में पूरा कर दें। उन्होंने प्रावधिक शिक्षा के डायरेक्टर प्रोफेसर डीके सिंह को निर्देशित किया कि सप्ताह में एक बार आकर पूरे कार्यों की स्वयं जांच कर विभाग के आला अधिकारियों को सूचित करें। इस मौके पर एडीएम आशुतोष द्विवेदी, शैलेंद्र प्रताप चौधरी, प्राचार्य राजकुमार, प्रशांत सिंह आदि उपस्थित थे।