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Azamgarh News: एक दिन बाद 8000 से 28 हजार हो गया बिजली बिल
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अहरौला। उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में गड़बड़ी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिम्मेदारों की उदासीनता से खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। अहरौला क्षेत्र के पहिजनरामपुर में भी एक उपभोक्ता को विभाग ने 28 हजार का बिल पकड़ा दिया।
मीटर रीडरों की मनमानी पर अंकुश लगाने में विद्युत निगम फेल है। घर बैठे ही मीटर की रीडिंग फीड कर दी जा रही है। सब स्टेशन रेड़हा के अंतर्गत आने वाले पहिजन रामपुर गांव निवासी रुखसाना थक हार कर मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत की है। शिकायत के अनुसार उसका 29 सितंबर को 421 रुपये बिजली बिल आया और उसने जमा कर दिया। अक्तूबर में विद्युत निगम के कर्मी घर पहुंचे और आठ हजार बिजली बिल बकाया बता कर जमा करने की बात कही। इससे रुखसाना परेशान हो गई। अगले ही दिन जब वह जानकारी करने सब स्टेशन रेड़हा पर पहुंची तो उसके पैरो तले से जमीन खिसक गई। आठ हजार की जगह 28 हजार रुपये बकाया आ गया। बिल को सही कराने के लिए वह निगम का चक्कर काट रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। थक हार कर उसने शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर कर दी। समस्या का समाधान होगा या नहीं यह तो बाद की बात है लेकिन मीटर रीडरों की गड़गड़ बिल दिए जाने का मामला नहीं थम रहा है।
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ऐसा कैसे हुआ यह जांच का विषय है, अगर ऐसा हुआ है तो उपभोक्ता लिखित शिकायत करें। समस्या का निस्तारण किया जाएगा। साथ ही दोषी के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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- महेश गुप्ता, एसडीओ
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मीटर रीडरों की मनमानी पर अंकुश लगाने में विद्युत निगम फेल है। घर बैठे ही मीटर की रीडिंग फीड कर दी जा रही है। सब स्टेशन रेड़हा के अंतर्गत आने वाले पहिजन रामपुर गांव निवासी रुखसाना थक हार कर मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत की है। शिकायत के अनुसार उसका 29 सितंबर को 421 रुपये बिजली बिल आया और उसने जमा कर दिया। अक्तूबर में विद्युत निगम के कर्मी घर पहुंचे और आठ हजार बिजली बिल बकाया बता कर जमा करने की बात कही। इससे रुखसाना परेशान हो गई। अगले ही दिन जब वह जानकारी करने सब स्टेशन रेड़हा पर पहुंची तो उसके पैरो तले से जमीन खिसक गई। आठ हजार की जगह 28 हजार रुपये बकाया आ गया। बिल को सही कराने के लिए वह निगम का चक्कर काट रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। थक हार कर उसने शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर कर दी। समस्या का समाधान होगा या नहीं यह तो बाद की बात है लेकिन मीटर रीडरों की गड़गड़ बिल दिए जाने का मामला नहीं थम रहा है।
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ऐसा कैसे हुआ यह जांच का विषय है, अगर ऐसा हुआ है तो उपभोक्ता लिखित शिकायत करें। समस्या का निस्तारण किया जाएगा। साथ ही दोषी के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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- महेश गुप्ता, एसडीओ