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Azamgarh News: किसानों को 14 करोड़ के बकाया का भुगतान नहीं, अब नए सत्र के पेराई की तैयारी
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अमिलो। चीनी मिल सठियांव पर गन्ना किसानों का 14 करोड़ रुपये बकाया है, बावजूद नये पेराई सत्र की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। नवंबर में नया सत्र शुरू हो सकता है। पिछले साल 28 नवंबर से पेराई कार्य शुरू हुआ था। 19 मार्च 2024 को समापन हुआ। इस दौरान किसानों द्वारा आपूर्ति किए गए गन्ने का 19 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। चीनी मिल प्रबंधन केवल 5 करोड़ 55 लाख रुपये के भुगतान की बात कह रहा है, इससे अभी भी 14 करोड़ रुपये किसानों के बकाया रह जाएंगे। चीनी मिल सठियांव में आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, वाराणसी और गाजीपुर के गन्ना किसान अपनी उपज की आपूर्ति करते हैं। पिछले सत्र में 30 लाख 23 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की गई थी, इसकी कीमत 109 करोड़ 27 लाख रुपये आंकी गई थी। मिल प्रबंधन ने गन्ना किसानों को कई किस्तों में भुगतान किया है, 19 करोड़ रुपये अभी भी बकाया है। चीनी मिल प्रबंधन नये सत्र की तैयारी में जुटा है, जबकि किसानों का मानना है कि पहले बकाये का भुगतान किया जाना चाहिए। किसान नेता इस मुद्दे पर चुप हैं, जबकि चीनी मिल समिति सठियांव के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। संचालक मंडल सदस्य (डायरेक्टर) और उपसभापति के चुनाव पर चर्चा है, लेकिन किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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बोले किसान
फोटो संख्या- चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति किए हुए छह महीने से अधिक हो गए हैं, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। भुगतान न होने के कारण हमारे कई कार्य ठप हैं।
मुकेश यादव, किसान।
- फोटो संख्या- गन्ना की फसल तैयार करने में किसानों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, फिर भी समय पर भुगतान नहीं होता। इसके कारण कई समस्याएं जस की तस हैं।
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राकेश यादव, किसान।
- फोटो संख्या- गन्ना किसान परेशान हैं। नए सत्र के पेराई की तैयारी हो रही है लेकिन अभी तक बकाए का भुगतान नहीं किया गया। जबकि किसान अन्य कामों के पैसे के लिए गन्ने की बिक्री करते हैं।
रामनयन यादव, किसान।
कोट
19 करोड़ रुपये का बकाया था, लेकिन 5 करोड़ 55 लाख का भुगतान किया जा रहा है। दशहरा से पहले किसानों के खातों में पहुंच जाएगा और शेष राशि के लिए प्रयास जारी है। जैसे ही धनराशि मिलती है किसानों के बकाए का भुगतान कर दिया जाएगा।
डा. नीरज कुमार, जीएम, चीनी मिल।
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बोले किसान
फोटो संख्या- चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति किए हुए छह महीने से अधिक हो गए हैं, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। भुगतान न होने के कारण हमारे कई कार्य ठप हैं।
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मुकेश यादव, किसान।
- फोटो संख्या- गन्ना की फसल तैयार करने में किसानों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, फिर भी समय पर भुगतान नहीं होता। इसके कारण कई समस्याएं जस की तस हैं।
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राकेश यादव, किसान।
- फोटो संख्या- गन्ना किसान परेशान हैं। नए सत्र के पेराई की तैयारी हो रही है लेकिन अभी तक बकाए का भुगतान नहीं किया गया। जबकि किसान अन्य कामों के पैसे के लिए गन्ने की बिक्री करते हैं।
रामनयन यादव, किसान।
कोट
19 करोड़ रुपये का बकाया था, लेकिन 5 करोड़ 55 लाख का भुगतान किया जा रहा है। दशहरा से पहले किसानों के खातों में पहुंच जाएगा और शेष राशि के लिए प्रयास जारी है। जैसे ही धनराशि मिलती है किसानों के बकाए का भुगतान कर दिया जाएगा।
डा. नीरज कुमार, जीएम, चीनी मिल।