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लटकी पड़ीं पेयजल परियोजनाएं, 70 तो कहीं 90 फीसदी ही हुए कार्य
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आजमगढ़। ग्रामीण इलाकों के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जिले में 24 पेयजल योजनाएं शुरू की गईं हैं। इनमें 2015 में पांच, 2018 सात और 2019 में 12 परियोजनाएं शुरू की गईं। इन कार्यों को दिसंबर 2020 तक पूरा किया जाना था लेकिन अभी तक सिर्फ दस परियोजनाएं ही पूरीं हो पाई हैं। अन्य कोरोना में लाकडाउन के चलते कार्य बंद रहे जिससे समय से कार्य पूरा होना संभव नहीं लग रहा हैं।
परियोजनाओं के तहत जिले के 55 गांवों में पानी की टंकी, ट्यूबवेल लगने के साथ पाइपलाइन बिछाकर जलापूर्ति करने पानी की आपूर्ति की जानी थी। इन परियोजनाओं के तहत जनपद में करोड़ों रुपये की लागत से पाइप लाइन विछाने की शुरुआत की गई। इसके लिए सरकार ने बजट भी स्वीकृत कर दिया है। इनमें से 25 गांवों इब्राहिमपुर, अमिलो जोन एक, अमिलो जोन दो, बरहतिर जगदीशपुर, चांदपट्टी, रानीपुर रजमो, जगदीशपुर, लहुंअवा खुर्द, जयराजपुर, नौबरार देवारा जदीदी किता फर्स्ट, आराजी देवारा करखिया, बखरा, करूई, भटौली इब्राहिमपुर, अराजी देवारा नैनीजोर, महुला, मुबारकपुर नगरपालिका परिषद, चकसिक्ठी, आदमपुर, खुदादादपुर, ओरिल, राजापुर सिकरौर, मित्तूपुर और चंडेश्वर में इस योजना का कार्य दिसंबर 2020 में ही पूरा होना था। इनमें से अभी तक ज्यादातर परियोजनाओं का कार्य कहीं 70 प्रतिशत तो कहीं 90 प्रतिशत तक ही पूरा हो सका है। ऐसे में इन परियोजनाओं के निर्धारित समय पर पूरा होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
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दस परियोजनाएं ही हुईं पूरी
आजमगढ़। जिन 25 परियोजनाओं का कार्य दिसंबर में पूरा होना था उसमें से दस परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। इन गांवों में जलापूर्ति शुरू हो चुकी है। इन परियोजनाओं में इब्राहिमपुर, अमिलो जोन एक, अमिलो जोन दो, बरहतिर जगदीशपुर, जयराजपुर, भटौली, अमिलाई, महुला, ओरिल और राजापुर सिकरौर शामिल हैं।
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पेयजल परियोजनाओं का कार्य दिसंबर में ही पूरा होना था लेकिन कोरोना के कारण कई महीनों तक काम बंद रहा। इनमें से 10 परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है। कई परियोजनाएं ऐसी हैं जो टेस्टिंग के अंतिम स्टेज पर हैं। जल्द ही टेस्टिंग कर इनका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।-रणविजय सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम।
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परियोजनाओं के तहत जिले के 55 गांवों में पानी की टंकी, ट्यूबवेल लगने के साथ पाइपलाइन बिछाकर जलापूर्ति करने पानी की आपूर्ति की जानी थी। इन परियोजनाओं के तहत जनपद में करोड़ों रुपये की लागत से पाइप लाइन विछाने की शुरुआत की गई। इसके लिए सरकार ने बजट भी स्वीकृत कर दिया है। इनमें से 25 गांवों इब्राहिमपुर, अमिलो जोन एक, अमिलो जोन दो, बरहतिर जगदीशपुर, चांदपट्टी, रानीपुर रजमो, जगदीशपुर, लहुंअवा खुर्द, जयराजपुर, नौबरार देवारा जदीदी किता फर्स्ट, आराजी देवारा करखिया, बखरा, करूई, भटौली इब्राहिमपुर, अराजी देवारा नैनीजोर, महुला, मुबारकपुर नगरपालिका परिषद, चकसिक्ठी, आदमपुर, खुदादादपुर, ओरिल, राजापुर सिकरौर, मित्तूपुर और चंडेश्वर में इस योजना का कार्य दिसंबर 2020 में ही पूरा होना था। इनमें से अभी तक ज्यादातर परियोजनाओं का कार्य कहीं 70 प्रतिशत तो कहीं 90 प्रतिशत तक ही पूरा हो सका है। ऐसे में इन परियोजनाओं के निर्धारित समय पर पूरा होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
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दस परियोजनाएं ही हुईं पूरी
आजमगढ़। जिन 25 परियोजनाओं का कार्य दिसंबर में पूरा होना था उसमें से दस परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। इन गांवों में जलापूर्ति शुरू हो चुकी है। इन परियोजनाओं में इब्राहिमपुर, अमिलो जोन एक, अमिलो जोन दो, बरहतिर जगदीशपुर, जयराजपुर, भटौली, अमिलाई, महुला, ओरिल और राजापुर सिकरौर शामिल हैं।
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पेयजल परियोजनाओं का कार्य दिसंबर में ही पूरा होना था लेकिन कोरोना के कारण कई महीनों तक काम बंद रहा। इनमें से 10 परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है। कई परियोजनाएं ऐसी हैं जो टेस्टिंग के अंतिम स्टेज पर हैं। जल्द ही टेस्टिंग कर इनका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।-रणविजय सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम।