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Azamgarh News: चमक पर मत जाएं… केमिकल वाला रंग बिगाड़ सकता है सेहत

Fri, 27 Feb 2026 12:23 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 27 Feb 2026 12:23 AM IST
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Don't go by the shine... chemical colours can harm your health
आजमगढ़। होली का त्योहार नजदीक आते ही बाजार रंग-बिरंगी मिठाइयों, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों से सज गया है। मांग बढ़ते ही मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। आकर्षक और चटख रंगों के नाम पर मिठाइयों, खोआ, कचरी, मसालों, आइसक्रीम और शीतल पेय पदार्थों में प्रतिबंधित व गैर-मानक केमिकल रंग मिलाए जाने की आशंका है, जो सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।होली के मद्देनजर मिलावटी खोआ की सप्लाई तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, बाहरी जिलों से सस्ता खोवा मंगाकर बाजार में खपाया जा रहा है। विभाग का फोकस गाजीपुर और कानपुर जिले से आने वाले खोवे पर है, जबकि जिले में भी कई स्थानों पर मिलावटी खोवा तैयार किए जाने की चर्चा है। इसकी पुष्टि बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा की गई कार्रवाई से होती है। टीमें बुधवार को की गई कार्रवाई के दौरान 1394 किग्रा मिलावटी खाद्य पदार्थ को नष्ट कराया। इसमें खोवा, पनीर, काजू बर्फी, स्पेशल बर्फी सहित अन्य खाद्य पदार्थ शामिल रहे। दुकानदारों के मुताबिक, ग्राहक सस्ते खोवे की मांग करते हैं। कानपुर व अन्य जिलों से आने वाला खोवा फुटकर में 280-300 रुपये किलो तक मिल जाता है। इसे त्योहार पर 350 रुपये तक बेचा जाता है।जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरके कुशवाहा के अनुसार, मिलावटी और रिफाइंड युक्त खोआ लिवर पर सीधा असर डाल सकता है। अधिक सेवन से लिवर डैमेज होने का खतरा रहता है। मिलावट से फूड पॉयजनिंग, उल्टी-दस्त, त्वचा रोग, किडनी व लिवर पर असर, आंखों में जलन और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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इस तरह तैयार होता है मिलावटी खोवा
शकरकंदी, सिंघाड़े का आटा, आलू और मैदा मिलाया जाता है।
वजन बढ़ाने के लिए स्टार्च और अन्य सस्ते पदार्थ डाले जाते हैं।
असली जैसा दिखाने के लिए केमिकल मिलाए जाते हैं।
मिल्क पाउडर में वनस्पति घी मिलाकर नकली खोवा तैयार किया जाता है।

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पिछले वर्ष होली पर लिए गए दो नमूने मानव स्वास्थ्य के लिए मिले हानिकारक
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील कुमार मिश्रा ने बताया कि 2025 में होली के अवसर पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 73 निरीक्षण किए थे। इस दौरान टीम ने 46 जगह पर छापामारी कर 59 नमूने जुटाए थे। टीम ने 1937 किग्रा खाद्य पदार्थों को जब्त किया था। 330 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई थी। सबकी रिपोर्ट आ चुकी है। इसमें से 27 नमूने अधोमानक पाए गए। रंगीन कचरे के दो नमूने मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मिले।
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दीपावली पर लिए गए 67 नमूनों में सिर्फ 10 की आई रिपोर्ट
विभाग ने दीपावली पर 146 निरीक्षण कर 62 जगहों पर छापामारा था। 520 किग्रा खाद्य पदार्थों को जब्त कर 3419 किग्रा को दूषित मिलने पर नष्ट कराए थे। टीम ने 67 नमूने जुटाकर उन्हें जांच के लिए भेजा था। इसमें से सिर्फ 10 की रिपोर्ट आई है। इनमें से नौ अधोमानक पाए गए।
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होली में रंगीन खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में असुरक्षित रंगों के इस्तेमाल की संभावना अधिक रहती है। संदिग्ध प्रतिष्ठानों से सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है और चिह्नित प्वाइंट्स पर निगरानी बढ़ा दी गई है। मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए अभियान जारी है। किसी भी दशा में मिलावटी खोआ या असुरक्षित खाद्य सामग्री बाजार में बिकने नहीं दी जाएगी।सुशील कुमार मिश्रा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
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