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बरसात में हादसे का सबब न बन जाएं जर्जर भवन

Thu, 16 Jun 2022 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2022 11:39 PM IST
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Do not become the cause of accident in the rain, a dilapidated building
बरसात में अक्सर जर्जर भवनों के गिरने से हादसों की सूचना मिलती है। इसके बाद भी नगरपालिका प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है। नगर क्षेत्र में निजी भवन ही जर्जर नहीं हैं बल्कि ऐसी इमारतों में सरकारी दफ्तर भी चल रहे हैं। इसके बावजूद नगर पालिका ने जर्जर इमारतों को गिराने की अब तक अपनी ओर से कोई कोशिश ही नहीं की है।
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बरसात का मौसम नजदीक है लेकिन अभी तक नगर क्षेत्र के जर्जर भवनों का चिह्नांकन नगरपालिका नहीं कर सकी है। शासन ने जर्जर भवनों को ढहाने का निर्देश दिया है इसके बाद भी नगर पालिका के पास जर्जर भवनों की सूची नहीं उपलब्ध है। कार्रवाई भी ठंडे बस्ते में पड़ कर रह गई। पुरानी कोतवाली, दलालघाट मोड़, आसिफगंज व मुख्य चौक के पास जर्जर भवन हैं। आए दिन उक्त जर्जर भवनों से मलबा टूटकर गिरता रहता है। यहां लोगों को बारिश के दिनों में तो हादसा होने का खासा डर बना रहता है। पिछले साल भी बारिश के दौरान जिला प्रशासन ने संबंधित भवन स्वामियों को इन भवनों को ढहाने के निर्देश दिए थे। वहीं पुरानी जेल के जर्जर भवनों को भी ढ़हाया नहीं गया है। इन जर्जर भवनों के नीचे किसी ने दुकान खोल रखी है तो कोई जर्जर हिस्से को ढककर उसमें रह रहा है। पहले जिला पूर्ति कार्यालय का भवन भी दुर्घटना को दावत दे रहा था जिसे देखते हुए इसे दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि जिला प्रशासन ने पिछले वर्ष कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जर्जर भवनों को ढहाया लेकिन इसे ढ़हाना भूल गया।
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