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डीएम की लोगों से अपील पोषण सेवाओं को दें आंदोलन का रूप

Tue, 15 Sep 2020 11:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2020 11:06 PM IST
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DM's appeal to people, give form of movement to nutrition services
आजमगढ़। जनपद के प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ बनाने के उद्देश्य से डीएम राजेश कुमार ने अति कुपोषित बच्चों के अभिभावकों से बच्चों को चिकित्सकों की सलाह पर पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने में सहयोग मांगा है। उन्होंने लोगों से पोषण सेवाओं को आंदोलन का रूप देने की अपील की है।
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जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बाल विकास विभाग के माध्यम से बच्चों एवं महिलाओं के पोषण में सुधार के लिए निरंतर काम कर रही हैं। वह अति कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण कर रहीं हैं और उनका संदर्भन कर रहीं हैं। इस कार्य का एकमात्र उद्देश्य जनपद को कुपोषण मुक्त बनाना है। इसलिए ऐसे परिवार जिनमें इस श्रेणी के बच्चे हैं, वह अपने बच्चों को नजदीक के एएनएम उपकेंद्रों, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र पर भेजने में सहयोग करें। पोषण की दृष्टि से बाल्यकाल के प्रथम 1000 दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। एक तरह से बच्चों के शारीरिक, मानसिक विकास के लिए यह सुनहरा अवसर है। इस समय बच्चों को संपूर्ण भोजन, टीकाकरण, स्वच्छता एवं देखरेख की जरूरत होती है।
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स्तनपान शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार है। बच्चों को छह माह तक सिर्फ मां का दूध ही पिलाएं। मां का यही दूध शारीरिक-मानसिक विकास, डायरिया, निमोनिया, कुपोषण से बचाने तथा स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है। छह माह तक केवल मां का दूध-इस थीम को इस पोषण माह में बढ़ावा दिया जा रहा है। छह माह बाद स्तनपान के साथ-साथ ऊपरी आहार की शुरुआत करना चाहिए जिसमें भरपूर पोषक तत्व हों। इस पोषण माह में किचेन व न्यूट्री गार्डेन के लिए पौधे लगाए जाने का निश्चय किया गया है। परिवारों को अधिक से अधिक पौष्टिक सब्जी, सहजन, आंवला एवं फलों के पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जनपदवासियों ने कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए बड़ी ही सतर्कता के साथ सामाजिक दूरी का पालन किया है। मास्क और सैनेटाइजर का प्रयोग करते हुए दैनिक जीवन के काम किए हैं। हमारी अपील है कि पोषण सेवाओं में गुणवत्ता लाते हुए लक्षित परिवारों में चेतना लाएं जिससे कार्यक्रम जनांदोलन का रूप ले सके। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्य ने बताया कि बच्चों के शारीरिक विकास में मां के दूध की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने बच्चों को छह माह तक स्तनपान कराने तथा छह माह बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सलाह पर स्तनपान के साथ पोषक तत्वों से युक्त ऊपरी आहार देने की सलाह दी है।
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