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मंडलायुक्त ने विकास भवन के कार्यालयों का किया निरीक्षण, सात कर्मचारी मिले अनुपस्थित

Fri, 28 Jan 2022 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jan 2022 12:09 AM IST
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Divisional commissioner inspected the offices of Vikas Bhawan, seven employees found absent
आजमगढ़। मंडलायुक्त विजय विश्व पंत ने गुरुवार को विकास भवन में स्थित कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीपीआरओ कार्यालय में एक तृतीय श्रेणी कर्मचारी तथा छह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनुपस्थित थे। मंडलायुक्त ने डीपीआरओ कार्यालय व जिला विकास कार्यालय में फाइलों की जांच की। जिसमें जांच प्रकरण को लंबित देख उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने सीडीओ को निर्देश दिए कि दोषी के विरूद्घ संबंधित पर कार्रवाई करें। वहीं अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया।
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कमिश्नर विजय विश्वास पंत गुरुवार को करीब 12 बजे विकास भवन पहुंचे। सबसे पहले वह जिला विकास अधिकारी कार्यालय में पहुंचे। इस दौरान कार्यालय के निरीक्षण दौरान दो कर्मचारियों को आकस्मिक अवकाश पर होना बताया गया लेकिन उपस्थिति पंजिका में सीएल अंकन नहीं पाए जाने पर दोषी कर्मचारी का उत्तरदायित्व निर्धारित नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त द्वारा कार्मिकों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई से संबंधित पत्रावलियों के अवलोकन में पाया गया कि ग्राम विकास अधिकारी अभिमन्यू यादव को अनियमितताओं के कारण अगस्त 2021 में निलंबित किया गया। लगभग एक माह बाद आरोप पत्र का गठन किया गया है, लेकिन पत्रावली के अवलोकन से संबंधित अधिकारी को आरोप पत्र प्राप्त कराने अथवा प्राप्त नहीं कराने की पुष्टि नहीं हो पाई। इसके अतिरिक्त इस प्रकरण में उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के बावजूद उक्त अनुशासनिक कार्रवई पूर्ण नहीं हुई है। संबंधित पटल सहायक द्वारा पत्रावली को आगे की कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्तुत भी नहीं की गई है। इसी प्रकार ग्राम विकास अधिकारी विनोद कुमार द्वारा की गई अनियमितता के कारण उन्हें आरोप पत्र दिया गया है, लेकिन अनुशासनिक कार्रवाई लंबित है। एक अन्य ग्राम विकास अधिकारी अभिनव राय के विरुद्ध भी मनरेगा योजनांतर्गत बरती गई अनियमितताओं एवं कार्यक्षेत्र से पलायित रहने के संबंध में टीएसी की जांच में दोषी मिलने पर एक वर्ष पूर्व आरोप पत्र निर्गत किया गया है। इसके बाद भी संबंधितग्राम विकास अधिकारी को आरोप पत्र प्राप्त कराए जाने की पुष्टि करने संबंधी कोई अभिलेख पत्रावली पर उपलब्ध नहीं मिला। जबकि ग्राम विकास अधिकारी कंचन वर्मा तथा वीरेंद्र सोनकर के विरुद्ध भी कार्रवाई में अत्यधिक समय व्यतीत हो जाने के उपरांत भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे कार्यवाही लंबित है। मंडलायुक्त ने उक्त कार्यालय में कुल पांच अनुशासनिक कार्रवाईयों की काफी अधिक समय से लंबित पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त किया। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि इसके लिए दोषी अधिकारी व कर्मचारी का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई करें और इसकी जानकारी हमें दें।
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- विकास विश्वकर्मा
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