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लखनऊ में प्रदर्शन की चेतावनी
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Wed, 03 Feb 2016 11:58 PM IST
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से 20 सूत्री मांगों के समर्थन में बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर धरना-प्रदर्शन किया गया। धरने के बाद शिक्षकों ने मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा। कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो लखनऊ में प्रदर्शन करेंगे।
धरने की अध्यक्षता करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष श्रीपति यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली, अंतरजनपदीय स्थानांतरण, मृतक शिक्षकों के आश्रितों को अध्यापक पद पर नियुक्ति, ग्रेड पे 4600 और 4800 पाने वाले शिक्षकों को न्यूनतम मूल वेतन 17140 और 18150, शिक्षकों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने आदि मांगें काफी दिनों से लंबित हैं।
प्रदेशीय संगठन द्वारा कई बार इस संबंध में शासन को ज्ञापन सौंपा गया लेकिन प्रदेश सरकार ने आश्वासन के सिवा कुछ नहीं दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की यह नीति आगामी चुनाव में उसे भारी पड़ेगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनीता साइलेस ने कहा कि दो से अधिक संतान वाली शिक्षिकाओं को भी वरिष्ठतम दो संतानों की देखभाल के लिए बाल्य देखभाल अवकाश दिया जाए।
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मीडिया प्रभारी मनोज कुमार त्रिपाठी ने नवनियुक्त शिक्षकों को शपथ पत्र के आधार पर अविलंब वेतन भुगतान मांग की और कहा कि वेतन के अभाव में शिक्षक भुखमरी के कगार पर हैं। जिला मंत्री अतुल कुमार सिंह ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार 20 सूत्री मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लेती है तो 16 मार्च को प्रदेश के लाखों शिक्षक लखनऊ में धरना और प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
इस मौके पर कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के संयोजक गिरीश चतुर्वेदी, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रामबिहारी सिंह, मंत्री प्रभाकर राय, हंसराज यादव, कृष्ण कुमार उपाध्याय, अभिमन्यु यादव, आशुतोष ङ्क्षसह, कमलेश यादव, एजाज, राशिद आदि उपस्थित थे।
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धरने की अध्यक्षता करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष श्रीपति यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली, अंतरजनपदीय स्थानांतरण, मृतक शिक्षकों के आश्रितों को अध्यापक पद पर नियुक्ति, ग्रेड पे 4600 और 4800 पाने वाले शिक्षकों को न्यूनतम मूल वेतन 17140 और 18150, शिक्षकों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने आदि मांगें काफी दिनों से लंबित हैं।
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प्रदेशीय संगठन द्वारा कई बार इस संबंध में शासन को ज्ञापन सौंपा गया लेकिन प्रदेश सरकार ने आश्वासन के सिवा कुछ नहीं दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की यह नीति आगामी चुनाव में उसे भारी पड़ेगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनीता साइलेस ने कहा कि दो से अधिक संतान वाली शिक्षिकाओं को भी वरिष्ठतम दो संतानों की देखभाल के लिए बाल्य देखभाल अवकाश दिया जाए।
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मीडिया प्रभारी मनोज कुमार त्रिपाठी ने नवनियुक्त शिक्षकों को शपथ पत्र के आधार पर अविलंब वेतन भुगतान मांग की और कहा कि वेतन के अभाव में शिक्षक भुखमरी के कगार पर हैं। जिला मंत्री अतुल कुमार सिंह ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार 20 सूत्री मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लेती है तो 16 मार्च को प्रदेश के लाखों शिक्षक लखनऊ में धरना और प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
इस मौके पर कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के संयोजक गिरीश चतुर्वेदी, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रामबिहारी सिंह, मंत्री प्रभाकर राय, हंसराज यादव, कृष्ण कुमार उपाध्याय, अभिमन्यु यादव, आशुतोष ङ्क्षसह, कमलेश यादव, एजाज, राशिद आदि उपस्थित थे।