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33 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संतुति
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आजमगढ़। मंडल के तीनों जनपदों में प्रबंधकीय जूनियर हाईस्कूलों की मान्यता की अनियमिति करीके से संस्तुति करने और मण्डलीयमान्यता समिति की ओर से इसे मान्यता देने की पुष्टी हुई है। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने तत्कालीन मंडलीयमान्यता समिति के आठ अधिकारियों और 25 बीईओ को खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेजी है। सबी को अपने दायित्वों का निर्वहन न करने,तथ्य गोपन करने और बिना स्थलीय निरीक्षण किए मान्यता की अनियमित ढंगसे संस्तुति करने का दोषी पाया गया है।
कमिश्नर के इस संबंध में कई शिकायतें मिली थीं। आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2018-19 में व्यक्तिगत प्रबंधकीय जूनयर हाईस्कूल को अनियमित ढंग से मान्यता दी गई है। कमिश्नर ने 29 जून को संयुक्त शिक्षा निदेशक को जांच केनिर्देश दिए थे। खण्ड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से कुल 58 विद्यालयों, जिसमें आजमगढ़ के 28, मऊ के 12 और बलिया के 18 विद्यालय सम्मिलितथे, की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में विद्यालयों के भवन का माप,संख्या, प्रकार में पहले की रिपोर्ट से भिन्नता पाई गई। मान्यता के लिए तत्कालीन संबंधित बीईओ ने मनमाने ढंग से बिना भौतिक जांच के आख्या भेजी थी। आजमगढ़ के चार, मऊ के तीन और बलिया के आठविद्यालयों के भवन कीमाप, संख्या, प्रकार, छत की स्थिति के सम्बन्ध में कोई रिपोर्ट नहीं लगाई गई थी। इसके बाद भी मंडलीय मान्यता समितिने मान्यता की संस्तुति कर दी। इसके अलावा भीकई विद्यालयों के मान्यता आवेदन पत्र अपूर्ण होने, निर्धारित मानक से कम कक्ष होनेआदि कमियों के बावजूद मान्यता दी गई। संयुक्तशिक्षा निदेशक एपी वर्मा की आख्या के आधार पर प्रथम दृष्टया मण्डलीयमान्यता समिति में सम्मिलित सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) राजेश कुमार आर्या, तत्कालीनसहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) योगेन्द्र कुमार सिंह, बीएसए देवेन्द्र कुमार पाण्डेय,वरिष्ठ खण्ड शिक्षा अधिकारी आजमगढ़ महेन्द्र प्रसाद, बीएसए मऊ ओपी त्रिपाठी, वरिष्ठखण्ड शिक्षा अधिकारी मऊ चन्द्रभूषण पाण्डेय, तत्कालीन बीएसए बलिया सन्तोष कुमार रायऔर वरिष्ठ खण्ड शिक्षा अधिकारी बलिया सुभाष गुप्ता को दोषी अनियमित मान्यता देने का दोषी पाया गया है। साथ ही 25 खंड शिक्षाधिकारी भी दोषी है।
ये बीईओ पाए गए दोषी
आजमगढ़ : आजमगढ़ के अतरौलिया के बीईओ शैलेन्द्र कुमार त्रिपाठी, महराजगंज के विजय प्रकाश, रानी की सराय के अशोक कुमार यादव,अहरौलिया के अशोक कुमार, सठियांव के क्षमाशंकर पाण्डेय, अजमतगढ़ के दीनानाथ साहनी,बिलरियागंज व पल्हना के वंशीधर पाण्डेय, मेंहनगर के सन्तोष कुमार पाण्डेय, हरैया केराजेश कुमार, मुहम्मदपुर व फूलपुर के विश्वजीत कुमार, तरवां व लालगंज के खण्ड शिक्षाअधिकारी सुनील कुमार चौबे।
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बलिया : मुरलीछपरा के हेमन्तमिश्रा, सीयर के निर्भय नारायण सिंह, सुहांव के सुनील कुमार, गड़वार के अवधेश कुमारराय, हनुमानगंज व रेवती के ओम प्रकाश दुबे, रसड़ा के प्रभात कुमार श्रीवास्तव, बेलहरीव पन्दह के सुरेन्द्र नाथ त्रिपाठी, मनियर के धर्मेन्द्र कुमार एवं बांसडीह के मोतीचन्द चैरसिया।
मऊ : कोपागंज के रामप्यारेराम, घोसी के संजीव कुमार सिंह, रानीपुर व नगर क्षेत्र के अशोक कुमार गौतम, रतपुराके डा.राजेश कुमार चतुर्वेदी एवं मुहम्मदाबाद के चन्द्रभूषण पाण्डेयने अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही व अनियमितता बरती है।
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कमिश्नर के इस संबंध में कई शिकायतें मिली थीं। आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2018-19 में व्यक्तिगत प्रबंधकीय जूनयर हाईस्कूल को अनियमित ढंग से मान्यता दी गई है। कमिश्नर ने 29 जून को संयुक्त शिक्षा निदेशक को जांच केनिर्देश दिए थे। खण्ड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से कुल 58 विद्यालयों, जिसमें आजमगढ़ के 28, मऊ के 12 और बलिया के 18 विद्यालय सम्मिलितथे, की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में विद्यालयों के भवन का माप,संख्या, प्रकार में पहले की रिपोर्ट से भिन्नता पाई गई। मान्यता के लिए तत्कालीन संबंधित बीईओ ने मनमाने ढंग से बिना भौतिक जांच के आख्या भेजी थी। आजमगढ़ के चार, मऊ के तीन और बलिया के आठविद्यालयों के भवन कीमाप, संख्या, प्रकार, छत की स्थिति के सम्बन्ध में कोई रिपोर्ट नहीं लगाई गई थी। इसके बाद भी मंडलीय मान्यता समितिने मान्यता की संस्तुति कर दी। इसके अलावा भीकई विद्यालयों के मान्यता आवेदन पत्र अपूर्ण होने, निर्धारित मानक से कम कक्ष होनेआदि कमियों के बावजूद मान्यता दी गई। संयुक्तशिक्षा निदेशक एपी वर्मा की आख्या के आधार पर प्रथम दृष्टया मण्डलीयमान्यता समिति में सम्मिलित सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) राजेश कुमार आर्या, तत्कालीनसहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) योगेन्द्र कुमार सिंह, बीएसए देवेन्द्र कुमार पाण्डेय,वरिष्ठ खण्ड शिक्षा अधिकारी आजमगढ़ महेन्द्र प्रसाद, बीएसए मऊ ओपी त्रिपाठी, वरिष्ठखण्ड शिक्षा अधिकारी मऊ चन्द्रभूषण पाण्डेय, तत्कालीन बीएसए बलिया सन्तोष कुमार रायऔर वरिष्ठ खण्ड शिक्षा अधिकारी बलिया सुभाष गुप्ता को दोषी अनियमित मान्यता देने का दोषी पाया गया है। साथ ही 25 खंड शिक्षाधिकारी भी दोषी है।
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ये बीईओ पाए गए दोषी
आजमगढ़ : आजमगढ़ के अतरौलिया के बीईओ शैलेन्द्र कुमार त्रिपाठी, महराजगंज के विजय प्रकाश, रानी की सराय के अशोक कुमार यादव,अहरौलिया के अशोक कुमार, सठियांव के क्षमाशंकर पाण्डेय, अजमतगढ़ के दीनानाथ साहनी,बिलरियागंज व पल्हना के वंशीधर पाण्डेय, मेंहनगर के सन्तोष कुमार पाण्डेय, हरैया केराजेश कुमार, मुहम्मदपुर व फूलपुर के विश्वजीत कुमार, तरवां व लालगंज के खण्ड शिक्षाअधिकारी सुनील कुमार चौबे।
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बलिया : मुरलीछपरा के हेमन्तमिश्रा, सीयर के निर्भय नारायण सिंह, सुहांव के सुनील कुमार, गड़वार के अवधेश कुमारराय, हनुमानगंज व रेवती के ओम प्रकाश दुबे, रसड़ा के प्रभात कुमार श्रीवास्तव, बेलहरीव पन्दह के सुरेन्द्र नाथ त्रिपाठी, मनियर के धर्मेन्द्र कुमार एवं बांसडीह के मोतीचन्द चैरसिया।
मऊ : कोपागंज के रामप्यारेराम, घोसी के संजीव कुमार सिंह, रानीपुर व नगर क्षेत्र के अशोक कुमार गौतम, रतपुराके डा.राजेश कुमार चतुर्वेदी एवं मुहम्मदाबाद के चन्द्रभूषण पाण्डेयने अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही व अनियमितता बरती है।