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बांग्लादेश बार्डर पर हमले में घायल जवान की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Wed, 12 Apr 2017 11:03 PM IST
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बांग्लादेश बार्डर पर गश्त करते समय मंगलवार को गांव वालों की हमले से घायल हुए बीएसएफ के जवान की देर रात को मौत हो गई। बीएसएफ 36 बटालियन मालदा में उसका इलाज चल रहा था। घटना की सूचना मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्य मालदा के लिए रवाना हो गए।
जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के भटौली इब्राहिमपुर गांव निवासी टेल्हूराम निगम (50) पुत्र स्व. बलवीर बीएसएफ के जवान थे। वह बीएसएफ 36 बटालियन मालदा पश्चिम बंगाल में तैनात थे। बताया जाता है कि टेल्हूराम मंगलवार को अपनी टीम के जवानों के साथ भारत-बांग्लादेश बार्डर पर ड्यूटी करने गए थे। वहां गांव के कुछ शरारती तत्वों ने हमला बोल दिया। इसमें टेल्हू राम सहित अन्य जवान घायल हो गए। जवानों को बीएसएफ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान टेल्हूराम की मौत हो गई। रात करीब साढ़े नौ बजे बीएसएफ मालदा में तैनात एक सीओ ने फोन कर घटना की जानकारी टेल्हूराम के घर वालों को दी तो कोहराम मच गया। परिवार के सदस्य मौके के लिए रवाना हो गए। टेल्हूराम दो बेटी और एक बेटे के पिता थे। वह छह भाईयों में तीसरे नंबर पर थे। टेल्हूराम के बड़े भाई बनवारी घर पर खेती करते हैं। इसके बाद सुदामा बीएसएफ में अभी नौकरी कर रहे हैं। इसके अलावा छोटा भाई विंध्याचल, सुरेश और राजेश भी बीएसएफ के जवान हैं। इसमें विंध्याचल और राजेश की पहले ही मौत हो चुकी है।
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जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के भटौली इब्राहिमपुर गांव निवासी टेल्हूराम निगम (50) पुत्र स्व. बलवीर बीएसएफ के जवान थे। वह बीएसएफ 36 बटालियन मालदा पश्चिम बंगाल में तैनात थे। बताया जाता है कि टेल्हूराम मंगलवार को अपनी टीम के जवानों के साथ भारत-बांग्लादेश बार्डर पर ड्यूटी करने गए थे। वहां गांव के कुछ शरारती तत्वों ने हमला बोल दिया। इसमें टेल्हू राम सहित अन्य जवान घायल हो गए। जवानों को बीएसएफ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान टेल्हूराम की मौत हो गई। रात करीब साढ़े नौ बजे बीएसएफ मालदा में तैनात एक सीओ ने फोन कर घटना की जानकारी टेल्हूराम के घर वालों को दी तो कोहराम मच गया। परिवार के सदस्य मौके के लिए रवाना हो गए। टेल्हूराम दो बेटी और एक बेटे के पिता थे। वह छह भाईयों में तीसरे नंबर पर थे। टेल्हूराम के बड़े भाई बनवारी घर पर खेती करते हैं। इसके बाद सुदामा बीएसएफ में अभी नौकरी कर रहे हैं। इसके अलावा छोटा भाई विंध्याचल, सुरेश और राजेश भी बीएसएफ के जवान हैं। इसमें विंध्याचल और राजेश की पहले ही मौत हो चुकी है।
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