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Azamgarh News: अमेरिका से अपने पूर्वजों को खोजते रौनापार पहुंचे डेविड कैनन व लीना

Thu, 13 Apr 2023 12:20 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 13 Apr 2023 12:20 AM IST
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David Cannon and Leena reached Raunapar in search of their ancestors from America
रौनापार थाना क्षेत्र के मारा कर्मनाथ पट्टी गांव में उस समय ग्रामीण एक जगह जमा हो गए जब अमेरिका से डेविड कैनन और लीना अपने पूर्वजों को खोजने पहुंचे। इस दौरान परिवार के लोगों ने उनका फूल मालाओं से स्वागत किया। वहीं अपने परिवार से मिलकर डेविड कैनन व लीना की खुशी का ठिकाना नहीं था।
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जिले के सगड़ी तहसील क्षेत्र स्थित रौनापार थाना क्षेत्र के मारा कर्मनाथ पट्टी गांव में अपने पूर्वजों के घर जाने के लिए बुधवार की सुबह करीब 10 बजे डेविड कैनन, लीना अपने सहयोगी आयुष जयपुर और संजय सिंह हीरापट्टी के साथ रौनापार थाने पहुंचे। वहां से उपनिरीक्षक मधुसूदन चौरसिया पुलिस के साथ गांव पहुंचे। डेविड कैनन पुत्र डेविड रोस्टेड सुपरसेंट और उनके पिता रामप्रसाद और रामप्रसाद के पिता रामखेलावन को बताया जा रहा है। 1907 में रामखेलावन मौर्य पुत्र टहल निवासी ग्राम मारा कर्मनाथ पट्टी थाना रौनापार तहसील सगड़ी गिरगिटिया मजदूर के रूप में विदेश गए। वह कोलकाता से त्रिनिदाद और टोबैगो में रहे फिर अमेरिका गए। उनकी चौथी पीढ़ी के डेविड अपनी पत्नी लीना के साथ मंगलवार को गांव में आए।
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काफी जांच पड़ताल के बाद पहुंचे परिजनों तक
आजमगढ़। ग्राम प्रधान रामबचन यादव सहित ग्रामीणों का कहना है कि इनको पाकर बड़ी खुशी हुई और यह लोग पूर्ण रूप से खुश हैं। भोजन रहन-सहन देखकर खुशी का इजहार किया। ग्राम प्रधान ने बताया कि जब मोदी अमेरिका गए थे तो वहीं इनकी माता से मुलाकात एनआरआई के रूप में हुई थी। लेखपाल त्रिभुवन यादव ने बताया कि दो दिन से राम खेलावन मौर्य की जमीन और निवास को खोजा जा रहा था। 1901 के दस्तावेज से इनका नाम मिला और अगल-बगल के नामों से मिलान किया गया तो सही पाया गया। जयपुर से आए डेविड के दोस्त आयुष ने बताया कि जब 1907 में इनके पूर्वज रामखेलावन गए। कोलकाता प्रवास पत्र बनाया गया था। वह प्रवास पत्र खोजा गया और भारतीय दूतावास के पास यहां के सबूत पेश किए गए और भारतीय दूतावास द्वारा यहां लाया गया। संजय सिंह हीरापट्टी ने बताया कि भाई विनोद सिंह अमेरिका में रहते हैं। विनोद सिंह की मुलाकात डेविड की माता मार्लिन से हुई। बातचीत के दौरान पता चला कि यह हिंदुस्तान के उप्र के आजमगढ़ सगड़ी के मूल निवासी हैं।
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फूल-मालाओं से हुआ स्वागत
आजमगढ़। डेविड और लीना के घर पहुंचने पर ग्रामीणों ने माला पहनाकर स्वागत किया। उन्हें चूड़ा, दही, पूडी, सब्जी और रोटी खिलाया। उन लोगों ने हैंडपंप चलाकर उसका भी आनंद लिया। गांव में महिलाओं से मिलकर खुशी का इजहार किया।
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