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साइट देख रहे ठेकेदार की गोली मारकर हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Mon, 23 Feb 2015 12:27 AM IST
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कप्तानगंज थाना क्षेत्र के समदीपुर भरौली गेट के पास रविवार की सुबह साइट देखने गए ठेकेदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पल्सर सवार दो बदमाश मुंह बांधकर आए और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते हुए उसे छलनी कर दिया। उसके दोनों पैर में जांघ के आसपास तीन गोली और सीने में एक गोली मारी गई थी।
एएसपी ग्रामीण और सीओ बूढ़नपुर घटनास्थल पर पहुंचे। वह पीडब्ल्यूडी सहित अन्य सरकारी विभागों में ठेकेदारी करता था। वह सपा के विधानसभा अतरौलिया क्षेत्र का सेक्टर प्रभारी था।
ठेकेदार शैलेंद्र सिंह (45) अतरौलिया थाना क्षेत्र के छपरा भीलमपुर गांव का निवासी था। पिता गिरीश चंद्र सिंह की काफी पहले मौत हो जाने के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी उस पर थी। शैलेंद्र की बहन है। उसकी दो पुत्री और एक पुत्र हैं। परिवार की जीविका चलाने के लिए वह लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत सहित अन्य सरकारी विभागों में ठेकेदारी करता था।
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वर्तमान समय में वह कप्तानगंज थाने के समदीपुर भरौली (हिसामुद्दीनपुर) गांव में सड़क के लेपन का काम करवा रहा था। रविवार की सुबह करीब सात बजे शैलेंद्र अपनी साइट पर पहुंच गए थे। अपने मुनीम और मजदूरों को काम करना बता रहे थे। इसी बीच पल्सर बाइक पर सवार मुंह बांधे दो बदमाश पहुंचे और शैलेंद्र पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगे। दोनों पैर में जांघ के आसपास तीन गोली और सीने में एक गोली लगने से ठेकेदार जमीन पर गिर पड़ा।
बदमाश फरार हो गए। हत्या की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में शैलेंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपुर में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देख डाक्टरों ने वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। वाराणसी ले जाते समय लालगंज बाजार के पास पहुंचते समय उसकी मौत हो गई।
एएसपी ग्रामीण मो. इमरान ने बताया कि शैलेंद्र अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर ठेकेदारी करता था। उसकी हत्या के पीछे प्रमुख वजह क्या हो सकती है, इन विंदुओं पर पुलिस गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। सूचना पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे कारागार मंत्री बलराम यादव रोने लगे और इस घटना पर दु:ख व्यक्त किया। इसके बाद कमरिया घाट पर ठेकेदार के अंतिम संस्कार में भी भाग लिया।
चार दिन पूर्व थाने में हुआ था सुलह-समझौता ः ठेकेदार शैलेंद्र के यहां काम करने वाले एक व्यक्ति के पट्टीदारों से चार दिन पूर्व विवाद हो गया था। शैलेंद्र भी उसके घर पहुंचकर पट्टीदारों को समझाने गया था। वहां दूसरे पक्ष के लोग उस पर तमंचा तान दिए। इस दौरान एक युवक ने गोली मारने की धमकी भी दी थी। मामला संज्ञान में आने पर थानाध्यक्ष अतरौलिया कृपाशंकर मौर्य दोनों पक्ष के लोगों को थाने में बैठाकर सुलह-समझौता करवाया था। पुलिस इस घटना को भी अपनी जांच में शामिल की है।
उजड़ गई हंसती खेलती दुनिया ः शैलेंद्र अपने पिता की मौत के बाद ठेकेदारी से न केवल अपने परिवार की गाड़ी को आगे बढ़ाया बल्कि समाज में अपनी अच्छीखासी पैठ भी बना ली थी। बेटे की तरक्की को देख बूढ़ी मां और शैलेंद्र की पत्नी अपर्णा सिंह को भी राहत थी लेकिन रविवार को शैलेंद्र की हत्या के बाद उनकी हंसती-खेलती दुनिया ही उजड़ गई।
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एएसपी ग्रामीण और सीओ बूढ़नपुर घटनास्थल पर पहुंचे। वह पीडब्ल्यूडी सहित अन्य सरकारी विभागों में ठेकेदारी करता था। वह सपा के विधानसभा अतरौलिया क्षेत्र का सेक्टर प्रभारी था।
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ठेकेदार शैलेंद्र सिंह (45) अतरौलिया थाना क्षेत्र के छपरा भीलमपुर गांव का निवासी था। पिता गिरीश चंद्र सिंह की काफी पहले मौत हो जाने के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी उस पर थी। शैलेंद्र की बहन है। उसकी दो पुत्री और एक पुत्र हैं। परिवार की जीविका चलाने के लिए वह लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत सहित अन्य सरकारी विभागों में ठेकेदारी करता था।
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वर्तमान समय में वह कप्तानगंज थाने के समदीपुर भरौली (हिसामुद्दीनपुर) गांव में सड़क के लेपन का काम करवा रहा था। रविवार की सुबह करीब सात बजे शैलेंद्र अपनी साइट पर पहुंच गए थे। अपने मुनीम और मजदूरों को काम करना बता रहे थे। इसी बीच पल्सर बाइक पर सवार मुंह बांधे दो बदमाश पहुंचे और शैलेंद्र पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगे। दोनों पैर में जांघ के आसपास तीन गोली और सीने में एक गोली लगने से ठेकेदार जमीन पर गिर पड़ा।
बदमाश फरार हो गए। हत्या की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में शैलेंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपुर में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देख डाक्टरों ने वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। वाराणसी ले जाते समय लालगंज बाजार के पास पहुंचते समय उसकी मौत हो गई।
एएसपी ग्रामीण मो. इमरान ने बताया कि शैलेंद्र अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर ठेकेदारी करता था। उसकी हत्या के पीछे प्रमुख वजह क्या हो सकती है, इन विंदुओं पर पुलिस गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। सूचना पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे कारागार मंत्री बलराम यादव रोने लगे और इस घटना पर दु:ख व्यक्त किया। इसके बाद कमरिया घाट पर ठेकेदार के अंतिम संस्कार में भी भाग लिया।
चार दिन पूर्व थाने में हुआ था सुलह-समझौता ः ठेकेदार शैलेंद्र के यहां काम करने वाले एक व्यक्ति के पट्टीदारों से चार दिन पूर्व विवाद हो गया था। शैलेंद्र भी उसके घर पहुंचकर पट्टीदारों को समझाने गया था। वहां दूसरे पक्ष के लोग उस पर तमंचा तान दिए। इस दौरान एक युवक ने गोली मारने की धमकी भी दी थी। मामला संज्ञान में आने पर थानाध्यक्ष अतरौलिया कृपाशंकर मौर्य दोनों पक्ष के लोगों को थाने में बैठाकर सुलह-समझौता करवाया था। पुलिस इस घटना को भी अपनी जांच में शामिल की है।
उजड़ गई हंसती खेलती दुनिया ः शैलेंद्र अपने पिता की मौत के बाद ठेकेदारी से न केवल अपने परिवार की गाड़ी को आगे बढ़ाया बल्कि समाज में अपनी अच्छीखासी पैठ भी बना ली थी। बेटे की तरक्की को देख बूढ़ी मां और शैलेंद्र की पत्नी अपर्णा सिंह को भी राहत थी लेकिन रविवार को शैलेंद्र की हत्या के बाद उनकी हंसती-खेलती दुनिया ही उजड़ गई।