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संदिग्धों के संपर्क वालों पर नजर
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Mon, 23 May 2016 11:45 PM IST
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आईएस के आतंकी
- फोटो : PTI
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आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट आफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) की ओर से कश्मीर, गुजरात, बाबरी मस्जिद और मुजफ्फरनगर की घटना का बदला लेने के लिए तबाही मचाने की धमकी वाला वीडियो जारी किए जाने से खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ गई है। इतना ही नहीं, जिले के कई संदिग्धों के नात, रिश्तेदारों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर खुफिया एजेंसी संदिग्धों के संपर्क में रहने वालों का डाटा जुटा रही है।
तीन दिन पूर्व आईएस की तरफ से धमकी भरा वीडियो जारी किया गया है। इससे बड़ा साजिद के जीवित होने का पता चला है। वीडियो में साजिद के अलावा उसके साथी अबू राशिद को भी दिखाया गया है। इन दोनों ने भारत को तबाह करने और कई घटनाओं का बदला लेने की चेतावनी दी है। वीडियो के वायरल होने के बाद गृह मंत्रालय की तरफ से संदिग्धों और उनके संपर्क में रहने वालों की पहचान कर डाटा जुटाकर कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
ऐसे में खुफिया एजेंसियां उनकी टोह लेने में जुटी हैं। बता दें कि वर्ष 2008 में हुए बाटला एनकाउंटर के बाद देश के कई हिस्सों में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट के मामले से जिले के कई युवकों का नाम जुड़ा है। इनमें से कुछ की गिरफ्तारी हुई है जबकि कई फरार हैं। इसी बीच, आईएसआईएस की स्थापना के लिए सीरिया में आईएसआईएस ने जेहाद छेड़ दिया। इसमें जिले के कई फरार युवकों के शामिल होने का इनपुट मिला। जुलाई, 2015 में आईएसआईएस की ओर से जारी वीडियो में यह दावा किया गया था कि आजमगढ़ का रहने वाला मो. साजिद उर्फ बड़ा साजिद सीरिया में लड़ते हुए मारा गया है। हालांकि साजिद के घर वालों को इस पर विश्वास नहीं हुआ। तभी से यह रहस्य बना था कि साजिद मारा गया या जिंदा है।
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बता दें कि जिले के रानी की सराय क्षेत्र से वर्ष 2007 में एटीएस से जिला निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान उसके पास से एक नक्शा बरामद किया गया। उस नक्शे में नेपाल से लेकर पूर्वांचल तक के क्षेत्र चिह्नित किए गए थे। इस क्षेत्र को खालिस्तान के नाम दिया गया था। इसे देखने के बाद एटीएस के जवान चौकन्ने हो गए। उन्हें लगा कि आंतकी किसी मिशन पर हैं। इसके बाद तह तक जाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां जुटी रहीं।
पुलिस बरत रही एहतियात
आजमगढ़। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट की ओर से दी गई धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों के साथ ही पुलिस भी यहां की गतिविधियों पर नजर रख रही है। पिछले दिनों निजामाबाद और सरायमीर क्षेत्र में हुई हिंसक घटनाओं में एटीएस के आईजी असीम अरुण आए थे। उन्होंने क्षेत्र में कैंप कर वहां की गतिविधियों पर नजर रखी थी। हालांकि पिछले दिनों हुई हिंसक घटनाओं के चलते प्रशासन इस समय ऐसे किसी भी मामले को नहीं छेड़ना चाहता, जिससे किसी की भावना आहत हो या माहौल खराब हो।
मो. साजिद उर्फ बड़ा साजिद के मारे जाने की पुष्टि नहीं हो सकी थी। पता लगाया जा रहा कि वीडियो में क्या वही साजिद है। एजेंसियों की मदद से संदिग्धों के संपर्क में रहने वालों का डाटा भी जुटाया जा रहा। पता किया जा रहा है कि वे अब भी उनके संपर्क में हैं या नहीं। - असीम अरुण, आईजी, एटीएस
अभी तक इस मामले में खुफिया एजेंसियों से कोई इनपुट नहीं मिला है। एहतियातन गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। -अजय कुमार साहनी, पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़
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तीन दिन पूर्व आईएस की तरफ से धमकी भरा वीडियो जारी किया गया है। इससे बड़ा साजिद के जीवित होने का पता चला है। वीडियो में साजिद के अलावा उसके साथी अबू राशिद को भी दिखाया गया है। इन दोनों ने भारत को तबाह करने और कई घटनाओं का बदला लेने की चेतावनी दी है। वीडियो के वायरल होने के बाद गृह मंत्रालय की तरफ से संदिग्धों और उनके संपर्क में रहने वालों की पहचान कर डाटा जुटाकर कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
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ऐसे में खुफिया एजेंसियां उनकी टोह लेने में जुटी हैं। बता दें कि वर्ष 2008 में हुए बाटला एनकाउंटर के बाद देश के कई हिस्सों में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट के मामले से जिले के कई युवकों का नाम जुड़ा है। इनमें से कुछ की गिरफ्तारी हुई है जबकि कई फरार हैं। इसी बीच, आईएसआईएस की स्थापना के लिए सीरिया में आईएसआईएस ने जेहाद छेड़ दिया। इसमें जिले के कई फरार युवकों के शामिल होने का इनपुट मिला। जुलाई, 2015 में आईएसआईएस की ओर से जारी वीडियो में यह दावा किया गया था कि आजमगढ़ का रहने वाला मो. साजिद उर्फ बड़ा साजिद सीरिया में लड़ते हुए मारा गया है। हालांकि साजिद के घर वालों को इस पर विश्वास नहीं हुआ। तभी से यह रहस्य बना था कि साजिद मारा गया या जिंदा है।
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बता दें कि जिले के रानी की सराय क्षेत्र से वर्ष 2007 में एटीएस से जिला निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान उसके पास से एक नक्शा बरामद किया गया। उस नक्शे में नेपाल से लेकर पूर्वांचल तक के क्षेत्र चिह्नित किए गए थे। इस क्षेत्र को खालिस्तान के नाम दिया गया था। इसे देखने के बाद एटीएस के जवान चौकन्ने हो गए। उन्हें लगा कि आंतकी किसी मिशन पर हैं। इसके बाद तह तक जाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां जुटी रहीं।
पुलिस बरत रही एहतियात
आजमगढ़। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट की ओर से दी गई धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों के साथ ही पुलिस भी यहां की गतिविधियों पर नजर रख रही है। पिछले दिनों निजामाबाद और सरायमीर क्षेत्र में हुई हिंसक घटनाओं में एटीएस के आईजी असीम अरुण आए थे। उन्होंने क्षेत्र में कैंप कर वहां की गतिविधियों पर नजर रखी थी। हालांकि पिछले दिनों हुई हिंसक घटनाओं के चलते प्रशासन इस समय ऐसे किसी भी मामले को नहीं छेड़ना चाहता, जिससे किसी की भावना आहत हो या माहौल खराब हो।
मो. साजिद उर्फ बड़ा साजिद के मारे जाने की पुष्टि नहीं हो सकी थी। पता लगाया जा रहा कि वीडियो में क्या वही साजिद है। एजेंसियों की मदद से संदिग्धों के संपर्क में रहने वालों का डाटा भी जुटाया जा रहा। पता किया जा रहा है कि वे अब भी उनके संपर्क में हैं या नहीं। - असीम अरुण, आईजी, एटीएस
अभी तक इस मामले में खुफिया एजेंसियों से कोई इनपुट नहीं मिला है। एहतियातन गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। -अजय कुमार साहनी, पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़