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किशोरी के बयान से झूठा निकला गैंगरेप का आरोप
Updated Tue, 29 May 2018 11:44 PM IST
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आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली दलित किशोरी को अगवा कर 10 मई की रात गांव के तीन मुस्लिम युवकों द्वारा किए गए गैंगरेप के मामले में पीड़िता द्वारा कोर्ट में दिए गए कलमबंद बयान से पूरी कहानी ही पलट गई। दरअसल घटना वाले दिन सिर्फ एक युवक मौजूद था जिससे किशोरी की पहले से जान पहचान थी। घर वालों के दबाव में आकर उसने अन्य दोनों युवकों का नाम मुकदमे में डाल दिया था। बावजूद इसके पुलिस अन्य दोनों आरोपियों के विरुद्ध और साक्ष्य और सबूत इकट्ठा कर रही है।
दस मई की भोर में मुबारकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 16 वर्षीय दलित किशोरी भोर में सिवान जा रही थी। आरोप है कि घर से थोड़े दूर बगल वाले गांव का मो. तौफीक पुत्र इकबाल, मो. शाहिद पुत्र मुस्तकीम और नजरे आलम पुत्र जैनू पहुंच गए और किशोरी को अगवा कर घर से करीब सौ मीटर दूर सिवान में उठा ले गए और उसके साथ गैंगरेप किया। घटना के संबंध में पीड़िता के भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजवाया। एक आरोपी मो. तौफीक को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक किशोरी का कोर्ट में कलमबंद बयान रिकार्ड हुआ। जिसमें उसने गैंगरेप की घटना से इंकार कर दी। उसके मुताबिक एक युवक से उसकी पहले से जान पहचान थी। जबकि अन्य दो युवकों को इसलिए आरोपी बना दिया गया क्योंकि उनकी क्षेत्र के एक व्यक्ति से रंजिश चलती है। जिससे रंजिश चलती है। वह उसके परिवार का करीबी है। मामले में एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि अब तक की जांच पड़ताल के दौरान गैंगरेप का आरोप संदिग्ध है। पुलिस इस मामले में और तथ्य और सबूत जुटा रही है। जो भी सच होगा। उसके तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि मामला झूठा साबित हुआ तो झूठा मुकदमा लिखवाने वालों को विरुद्ध कार्रवाई होगी।
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दस मई की भोर में मुबारकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 16 वर्षीय दलित किशोरी भोर में सिवान जा रही थी। आरोप है कि घर से थोड़े दूर बगल वाले गांव का मो. तौफीक पुत्र इकबाल, मो. शाहिद पुत्र मुस्तकीम और नजरे आलम पुत्र जैनू पहुंच गए और किशोरी को अगवा कर घर से करीब सौ मीटर दूर सिवान में उठा ले गए और उसके साथ गैंगरेप किया। घटना के संबंध में पीड़िता के भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजवाया। एक आरोपी मो. तौफीक को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक किशोरी का कोर्ट में कलमबंद बयान रिकार्ड हुआ। जिसमें उसने गैंगरेप की घटना से इंकार कर दी। उसके मुताबिक एक युवक से उसकी पहले से जान पहचान थी। जबकि अन्य दो युवकों को इसलिए आरोपी बना दिया गया क्योंकि उनकी क्षेत्र के एक व्यक्ति से रंजिश चलती है। जिससे रंजिश चलती है। वह उसके परिवार का करीबी है। मामले में एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि अब तक की जांच पड़ताल के दौरान गैंगरेप का आरोप संदिग्ध है। पुलिस इस मामले में और तथ्य और सबूत जुटा रही है। जो भी सच होगा। उसके तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि मामला झूठा साबित हुआ तो झूठा मुकदमा लिखवाने वालों को विरुद्ध कार्रवाई होगी।
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