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कार्रवाई की बजाय पुलिस ने कराया समझौता
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:20 AM IST
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मेंहनगर (आजमगढ़)। मृत व्यक्ति के खाते से कूट रचित चेक के जरिए 10.15 लाख रुपये निकालने वाले के विरुद्ध कार्रवाई करने की बजाय गुरुवार को मेंहनगर थाने की पुलिस दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। इस मामले में दोषी के विरुद्ध रिपोर्ट तक नहीं दर्ज हो सकी। पुलिस द्वारा करवाए गए इस प्रकार के सुलहनामे की क्षेत्र में जहां जोरों की चर्चा है। वहीं बैंक के शाखा प्रबंधक आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों से राय मांगे हैं।
मेंहनगर थाना क्षेत्र के जाफरपुर गांव निवासी उमेश चौहान पुत्र पड़ोही सऊदी में रहकर नौकरी करता था। इस दौरान वह एसबीआई मेंहनगर में खुले अपने खाते में ढेर सारे रुपये जमा किया था। कुछ दिन पूर्व उमेश की मौत हो गई। उमेश की मौत के बाद उसके गांव का राजकुमार चौहान कूट रचित चेक के जरिए उमेश के खाते से 10.15 लाख रुपये निकाल लिया। इसकी जानकारी उमेश के चचेरे भाई गनेश चौहान को हुई तो वह बैंक पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी लिया। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दी। गुरुवार को एसओ मेंहनगर की अध्यक्षता में दोनों पक्षों की थाने में पंचायत आयोजित की गई। जिसमें पुलिस दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बजाय इनमें समझौता करा दिया। प्रभारी निरीक्षक मेंहनगर प्रवीण यादव के मुताबिक आरोपी ने कहा कि वह सारे रुपये पुन: खाता में जमा कर देगा। इस पर पीड़ित पक्ष गनेश ने अपनी तहरीर वापस ले ली। ऐसे मेें पुलिस को यह समझौता कराना पड़ा। इस संबंध में शाखा प्रबंधक रामनिहोर राम ने कहा कि फर्जी चेक के आधार पर खाते से रुपये निकाले गए थे। जो सरासर गलत है। दोषी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों के अवगत कराकर राय मांगी गई है। वहां से निर्देश मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल आरोपी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
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मेंहनगर थाना क्षेत्र के जाफरपुर गांव निवासी उमेश चौहान पुत्र पड़ोही सऊदी में रहकर नौकरी करता था। इस दौरान वह एसबीआई मेंहनगर में खुले अपने खाते में ढेर सारे रुपये जमा किया था। कुछ दिन पूर्व उमेश की मौत हो गई। उमेश की मौत के बाद उसके गांव का राजकुमार चौहान कूट रचित चेक के जरिए उमेश के खाते से 10.15 लाख रुपये निकाल लिया। इसकी जानकारी उमेश के चचेरे भाई गनेश चौहान को हुई तो वह बैंक पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी लिया। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दी। गुरुवार को एसओ मेंहनगर की अध्यक्षता में दोनों पक्षों की थाने में पंचायत आयोजित की गई। जिसमें पुलिस दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बजाय इनमें समझौता करा दिया। प्रभारी निरीक्षक मेंहनगर प्रवीण यादव के मुताबिक आरोपी ने कहा कि वह सारे रुपये पुन: खाता में जमा कर देगा। इस पर पीड़ित पक्ष गनेश ने अपनी तहरीर वापस ले ली। ऐसे मेें पुलिस को यह समझौता कराना पड़ा। इस संबंध में शाखा प्रबंधक रामनिहोर राम ने कहा कि फर्जी चेक के आधार पर खाते से रुपये निकाले गए थे। जो सरासर गलत है। दोषी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों के अवगत कराकर राय मांगी गई है। वहां से निर्देश मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल आरोपी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
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