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फर्जी तरीके से पट्टा करा ली 132 की जमीन, डीएम ने मुआवजे पर लगाई रोक
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:19 AM IST
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आजमगढ़। लालगंज तहसील के मई रगपुर में तहसीलकर्मियों की मदद से कुछ लोगों ने सरकारी जमीन का कृषि आवंटन करा लिया। मामला पहले से ही डीएम कोर्ट में विचाराधीन है। शिकायतकर्ताओं ने सोमवार को डीएम को बताया कि वो जमीन फोरलेन में आ रही है। और उसपर लगभग तीन करोड़ रुपया मुआवजा बन रहा है। डीएम ने मुआवजा वितरण पर रोक लगाने के साथ ही मामले में तहसील में दाखिल रेस्टोरेशन खारिज करने के मामले में रिपोर्ट तलब की है।
ग्राम मई खरगपुर निवासी स्याम सुंदर, रामजी राय, विनोद राय, सर्वेश राय, अविनाश आदि ने डीएम से शिकायत की थी कि गांव में जंगल, ताल, पोखरा, आबादी आदि सरकारी जमीनों का अवैध तरीके से पट्टा कराया गया है। एक व्यक्ति ने अपनी पुत्रवधू के नाम से जमीन का पट्टा कराया है जिसका गाटा नंबर 272 है। कूटरचित तरीके से 275 बनाया गया है। आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति का गैंग है। ग्राम सभा की खाली जमीन पर कब्जा कर अधिकारियों की मिलीभगत से पट्टा कराया जाता है। सभी पट्टे की जमीन फोरलेन में आ रही है। तीन से चार करोड़ का मुआवजा बनने वाला है। अब सभी मिलीभगत कर मुआवजा हड़पने की तैयारी में हैं। इसके साथ ही आरोप लगाया कि कटघर लालगंज निवासी एक व्यक्ति जो मईखरगपुर का निवासी भी नहीं है उसे गांव में पट्टा दिया गया है। ये जमीन (गाटा संख्या 964/1358) भी फोरलेन में आ रही है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि मामले संबंधित एक मामला जिलाधिकारी के यहां भी विचाराधीन है। अदालत पूर्व में तहसीलदार को जांच के निर्देश दे चुकी है। जांच में सभी पट्टे को अनियमित बताया गया था। इसके बाद भी इसे खारिज नहीं किया गया। आरोप लगाया कि इस संबंध में एक रेस्टोरेशन भी एसडीएम लालगंज के यहां दाखिल किया गया था, लेकिन उन्होंने इसे खारिज कर दिया। जिलाधिकारी शिवांकात द्विवेदी ने मामले में फैसला होने तक तत्काल मुआवजा जारी करने का कार्रवाई को रोकने के निर्देश दिए। साथ ही रिस्टोरेशन खारिज होने संबंधी रिपोर्ट तहसील से तलब की है।
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ग्राम मई खरगपुर निवासी स्याम सुंदर, रामजी राय, विनोद राय, सर्वेश राय, अविनाश आदि ने डीएम से शिकायत की थी कि गांव में जंगल, ताल, पोखरा, आबादी आदि सरकारी जमीनों का अवैध तरीके से पट्टा कराया गया है। एक व्यक्ति ने अपनी पुत्रवधू के नाम से जमीन का पट्टा कराया है जिसका गाटा नंबर 272 है। कूटरचित तरीके से 275 बनाया गया है। आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति का गैंग है। ग्राम सभा की खाली जमीन पर कब्जा कर अधिकारियों की मिलीभगत से पट्टा कराया जाता है। सभी पट्टे की जमीन फोरलेन में आ रही है। तीन से चार करोड़ का मुआवजा बनने वाला है। अब सभी मिलीभगत कर मुआवजा हड़पने की तैयारी में हैं। इसके साथ ही आरोप लगाया कि कटघर लालगंज निवासी एक व्यक्ति जो मईखरगपुर का निवासी भी नहीं है उसे गांव में पट्टा दिया गया है। ये जमीन (गाटा संख्या 964/1358) भी फोरलेन में आ रही है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि मामले संबंधित एक मामला जिलाधिकारी के यहां भी विचाराधीन है। अदालत पूर्व में तहसीलदार को जांच के निर्देश दे चुकी है। जांच में सभी पट्टे को अनियमित बताया गया था। इसके बाद भी इसे खारिज नहीं किया गया। आरोप लगाया कि इस संबंध में एक रेस्टोरेशन भी एसडीएम लालगंज के यहां दाखिल किया गया था, लेकिन उन्होंने इसे खारिज कर दिया। जिलाधिकारी शिवांकात द्विवेदी ने मामले में फैसला होने तक तत्काल मुआवजा जारी करने का कार्रवाई को रोकने के निर्देश दिए। साथ ही रिस्टोरेशन खारिज होने संबंधी रिपोर्ट तहसील से तलब की है।
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