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मृत किशोरी को घर वाले कर दिए थे लेने से इंकार
Updated Thu, 16 Nov 2017 11:22 PM IST
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आजमगढ़। बुधवार को कोमा में गई किशोरी की मौत के बाद शुरू हुई जांच पड़ताल में गुरुवार को एक नया तथ्य सामने आया। पुलिस के मुताबिक किशोरी घटना से एक माह पूर्व लावारिस हाल में महिला थाने की पुलिस को रोडवेज के पास से मिली थी। उस समय महिला एसओ के बुलाने पर उसके परिवार के लोग आए तो जरूर लेकिन घर ले जाने से इंकार कर दिया। पुलिस ने दबाव बनाकर उसे घर भेजवाया। उधर गुरुवार को किशोरी का पोस्टमार्टम तो हो गया। लेकिन गुरुवार शाम तक रिपोर्ट नहीं आ सकी थी।
रौनापार थाना क्षेत्र के महापारा गांव के पास 13 अक्तूबर को बेहोशी हाल में किशोरी नहर की पटरी पर पड़ी थी। आरोप था कि स्कार्पियो सवार उसके साथ गैंगरेप कर गाड़ी से फेंककर भाग फरार हो गए। जबकि पुलिस ने दावा था कि एक युवक की बाइक पर बैठकर जा रही थी। और गिरने की वजह से उसे चोट लगी। किशोरी के परिवार के लोग घटना के छह से सात दिन बाद पुलिस के कहने पर अस्पताल गए और इलाज में असमर्थता जताई तो पूरा खर्च पुलिस वहन कर रही थी। उधर किशोरी की मां ने चार युवकों को नामजद और चार अज्ञात के विरुद्ध नशीला पदार्थ खिलाकर गैंगरेप की रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। किशोरी की मौत के दूसरे दिन यह नया तथ्य जरुर उजागर हुआ कि किशोरी के प्रति उसके घर वालों का नजरिया ठीक नहीं था। हालांकि परिवार के लोग किशोरी को साथ क्यों नहीं ले जाना चाहते थे। इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किशोरी घटना से पहले रोडवेज के पास लावारिस हाल में मिली थी। परिवार के लोग उसे साथ नहीं ले जाना चाहते थे। लेकिन महिला थाने की पुलिस काफी पंचायत के बाद उसे घर वालों को सुपुर्द की थी। एसपी ग्रामीण ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
कार्यक्रम स्थल से पीड़ितों को भगाया
आजमगढ़ । गुरुवार को शहर के डीएवी कालेज में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी आए हुए थे। सीएम के आगमन की जानकारी होने पर किशोरी के परिवार के लोग सीएम से मिलने के लिए डीएवी मैदान में पहुंचे। लेकिन पुलिसवालों ने उन लोगों को सीएम से मिलने नहीं दिया, बल्कि डांटकर भगा दिया। यह घटनाक्रम कुछ लोग अपनी मोबाइल में कैद कर रहे थे। पुलिस ऐसे लोगों की मोबाइल लेकर उसमें हुई रिकार्डिंग को नष्ट करवा दिया।
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रौनापार थाना क्षेत्र के महापारा गांव के पास 13 अक्तूबर को बेहोशी हाल में किशोरी नहर की पटरी पर पड़ी थी। आरोप था कि स्कार्पियो सवार उसके साथ गैंगरेप कर गाड़ी से फेंककर भाग फरार हो गए। जबकि पुलिस ने दावा था कि एक युवक की बाइक पर बैठकर जा रही थी। और गिरने की वजह से उसे चोट लगी। किशोरी के परिवार के लोग घटना के छह से सात दिन बाद पुलिस के कहने पर अस्पताल गए और इलाज में असमर्थता जताई तो पूरा खर्च पुलिस वहन कर रही थी। उधर किशोरी की मां ने चार युवकों को नामजद और चार अज्ञात के विरुद्ध नशीला पदार्थ खिलाकर गैंगरेप की रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। किशोरी की मौत के दूसरे दिन यह नया तथ्य जरुर उजागर हुआ कि किशोरी के प्रति उसके घर वालों का नजरिया ठीक नहीं था। हालांकि परिवार के लोग किशोरी को साथ क्यों नहीं ले जाना चाहते थे। इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किशोरी घटना से पहले रोडवेज के पास लावारिस हाल में मिली थी। परिवार के लोग उसे साथ नहीं ले जाना चाहते थे। लेकिन महिला थाने की पुलिस काफी पंचायत के बाद उसे घर वालों को सुपुर्द की थी। एसपी ग्रामीण ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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कार्यक्रम स्थल से पीड़ितों को भगाया
आजमगढ़ । गुरुवार को शहर के डीएवी कालेज में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी आए हुए थे। सीएम के आगमन की जानकारी होने पर किशोरी के परिवार के लोग सीएम से मिलने के लिए डीएवी मैदान में पहुंचे। लेकिन पुलिसवालों ने उन लोगों को सीएम से मिलने नहीं दिया, बल्कि डांटकर भगा दिया। यह घटनाक्रम कुछ लोग अपनी मोबाइल में कैद कर रहे थे। पुलिस ऐसे लोगों की मोबाइल लेकर उसमें हुई रिकार्डिंग को नष्ट करवा दिया।
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