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गोली से घायल अध्यापक की इलाज के दौरान मौत
Updated Wed, 30 May 2018 12:36 AM IST
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आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के अमौड़ा गांव में सोमवार को जमीन का विवाद निपटाने के लिए आयोजित पंचायत में हुई मारपीट के बाद चली गोली से घायल अध्यापक उमाशंकर राय (45) की इलाज के दौरान मंगलवार को मौत हो गई। जबकि अन्य घायलों का इलाज चल रहा। घटना के संबंध में प्रधानपति के तहरीर के आधार पर गांव के एक हिस्ट्रीशीटर सहित तीन लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
सीओ सदर मो. अकमल खां के मुताबिक गंभीरपुर थाना क्षेत्र के अमौड़ा गांव निवासी तेजू प्रजापति की छह बेटियां हैं। उसने अपनी जमीन एक बेटी बसंती के नाम कर दी है जबकि मकान में तेजू की पत्नी पुष्पा देवी रहती हैं। पुष्पा को उसका देवर सपोर्ट करता है। इसी जमीन को लेकर बसंती और उसकी मां के बीच विवाद है। एक पक्ष बसंती को सपोर्ट कर रहा था जबकि दूसरा उसकी मां की तरफ से है। इसी विवाद को सुलझाने के लिए सोमवार को गांव में पंचायत आयोजित थी। उसी पंचायत में विवाद के दौरान मारपीट और गोली चल गई। लाठी-डंडे की चोट से मनीष राय (36), अमरीश राय (27) घायल हो गए। जबकि गोली चलने से उमाशंकर राय (45) और दिनेश राय (28) घायल हो गए। गोली लगने से घायल उमाशंकर और दिनेश को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि लाठी-डंडे से घायल मनीष और अमरीश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार को उमाशंकर की मौत हो गई। जबकि अन्य घायलों को अभी भी इलाज चल रहा। उमाशंकर राय मुंबई में प्राइमरी के अध्यापक थे। वह गर्मी की छुट्टी होने पर परिवार के साथ गांव आए हुए थे। वह दो पुत्र एक पुत्री के पिता थे। घटना के संबंध में प्रधानपति मनीष राय ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें गांव के गुरुप्रसाद उर्फ बेचू राय, चंदन राय और कृष्णा राय को आरोपित किया है। आरोपियों में गुरुप्रसाद राय का रिकार्ड खराब है। वह गंभीरपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर है।
लापरवाही पाए जाने पर होगी कार्रवाई
आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के अमौड़ा गांव में सोमवार को जिस जमीन के विवाद को सुलझाने के लिए बैठी पंचायत में यह घटना हुई है, वह विवाद काफी पुराना है। विवाद सुलझाने के लिए दोनों पक्षों की तरफ से कई बार तहसील दिवस, थाना दिवस और अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत होकर गुहार लगा चुके हैं। हर बार मामला गंभीरपुर थाने की पुलिस और राजस्वकर्मियों को सौंप दिया गया। पर विवाद का निस्तारण न हो सका। यदि समय रहते यह विवाद हल हो गया होता तो शायद यह घटना न घटती। ऐसे में एसपीसिटी ने पूरे मामले की जांच सीओ सदर को सौंपी है। जांच में जो भी राजस्वकर्मी और पुलिसवाला दोषी पाया जाएगा। उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। यह विवाद काफी पुराना है। इसको हल कराने के लिए राजस्वकर्मियों और गंभीरपुर थाने को सौंपा गया था। बावजूद इसके विवाद निस्तारित नहीं हुआ। इसमें किसकी लापरवाही है। इसकी जांच कराई जा रही। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी सिटी
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सीओ सदर मो. अकमल खां के मुताबिक गंभीरपुर थाना क्षेत्र के अमौड़ा गांव निवासी तेजू प्रजापति की छह बेटियां हैं। उसने अपनी जमीन एक बेटी बसंती के नाम कर दी है जबकि मकान में तेजू की पत्नी पुष्पा देवी रहती हैं। पुष्पा को उसका देवर सपोर्ट करता है। इसी जमीन को लेकर बसंती और उसकी मां के बीच विवाद है। एक पक्ष बसंती को सपोर्ट कर रहा था जबकि दूसरा उसकी मां की तरफ से है। इसी विवाद को सुलझाने के लिए सोमवार को गांव में पंचायत आयोजित थी। उसी पंचायत में विवाद के दौरान मारपीट और गोली चल गई। लाठी-डंडे की चोट से मनीष राय (36), अमरीश राय (27) घायल हो गए। जबकि गोली चलने से उमाशंकर राय (45) और दिनेश राय (28) घायल हो गए। गोली लगने से घायल उमाशंकर और दिनेश को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि लाठी-डंडे से घायल मनीष और अमरीश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार को उमाशंकर की मौत हो गई। जबकि अन्य घायलों को अभी भी इलाज चल रहा। उमाशंकर राय मुंबई में प्राइमरी के अध्यापक थे। वह गर्मी की छुट्टी होने पर परिवार के साथ गांव आए हुए थे। वह दो पुत्र एक पुत्री के पिता थे। घटना के संबंध में प्रधानपति मनीष राय ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें गांव के गुरुप्रसाद उर्फ बेचू राय, चंदन राय और कृष्णा राय को आरोपित किया है। आरोपियों में गुरुप्रसाद राय का रिकार्ड खराब है। वह गंभीरपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर है।
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लापरवाही पाए जाने पर होगी कार्रवाई
आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के अमौड़ा गांव में सोमवार को जिस जमीन के विवाद को सुलझाने के लिए बैठी पंचायत में यह घटना हुई है, वह विवाद काफी पुराना है। विवाद सुलझाने के लिए दोनों पक्षों की तरफ से कई बार तहसील दिवस, थाना दिवस और अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत होकर गुहार लगा चुके हैं। हर बार मामला गंभीरपुर थाने की पुलिस और राजस्वकर्मियों को सौंप दिया गया। पर विवाद का निस्तारण न हो सका। यदि समय रहते यह विवाद हल हो गया होता तो शायद यह घटना न घटती। ऐसे में एसपीसिटी ने पूरे मामले की जांच सीओ सदर को सौंपी है। जांच में जो भी राजस्वकर्मी और पुलिसवाला दोषी पाया जाएगा। उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। यह विवाद काफी पुराना है। इसको हल कराने के लिए राजस्वकर्मियों और गंभीरपुर थाने को सौंपा गया था। बावजूद इसके विवाद निस्तारित नहीं हुआ। इसमें किसकी लापरवाही है। इसकी जांच कराई जा रही। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी सिटी