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डेढ़ सौ बीघे सरकारी जमीन पर किया था कब्जा, नहीं हो पाई एफआईआर

Wed, 27 Jun 2018 11:57 PM IST
Updated Wed, 27 Jun 2018 11:57 PM IST
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डेढ़ सौ बीघे सरकारी जमीन पर किया था कब्जा, नहीं हो पाई एफआईआर

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आजमगढ़। 150 बीघे सरकारी जमीनों पर हुए कब्जे के मामले में पूर्व जिलाधिकारी ने दर्जनों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उक्त भूमि को दोबारा ग्राम समाज के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया था। लेकिन तहबरपुर ब्लॉक के बड़सरा खालसा और नवली गांव में ग्राम समाज की जमीन पर हुए कब्जे के मामले में आदेश का पालन नहीं हो सका है। जिम्मेवारों के स्थानांतरण को देरी की वजह बताई जा रही है।
दर्जनों मामले ऐसे आए जिसमें लोगों ने कूट रचना कर फर्जी तरीके से ग्राम समाज और सरकार की जमीनों पर कब्जा कर लिया था। पूर्व जिलाधिकारी ने एफआईआर दर्ज करने और अभिलेखों से कब्जेदारों का नाम निरस्त कर उसे ग्राम समाज के नाम से दर्ज करने का आदेश दिया था। कुछ आदेश का पालन तो हुआ लेकिन अब तक तहबरपुर विकास खंड के बड़सरा खालसा और नवली गांव में लगभग 150 बीघे जमीन के मामले में पारित आदेश का पालन नहीं हो सका है। शिकायतकर्ता ने सोमवार को इसकी शिकायत डीएम से की। इस मामले में डीडीसी, आरपी यादव ने बताया कि एफआईआर और अमलदरामद कराने का कार्य एसओसी और एसडीएम निजामाबाद को करना था। लेकिन उनका स्थानांतरण होने के कारण आदेश के अनुपालन में देरी हो गई। अब पत्रावली को अमलदरामद के लिए भेजा गया है। नए एसओसी की तैनाती शासन स्तर से हो गई है। जल्द ही शेष कार्रवाई भी पूरी हो जाएगी।
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यह था मामला
आजमगढ़। तहबरपुर थाना क्षेत्र के बड़सरा खालसा और नवली में लगभग 150 बीघा भीटा, खलिहान और पशुचर की जमीन थी। जिस पर गांव के लगभग 20 लोगों ने फर्जी तरीके से अपना नाम दर्ज कराकर कब्जा कर लिया था। जांच के बाद इस जमीन से लोगों के नाम को खारिज कर और उसे दोबारा ग्राम समाज के नाम से दर्ज कराने का डीएम ने आदेश दिया। साथ ही अमल दरामद कराने और लाभार्थियों के साथ इसमें लिप्त कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर कराने का आदेश दिया था। लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी इस आदेश का पालन नहीं हो सका।
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