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चोटी कटवा से बचने के लिए अपना रहे टोटका
Updated Wed, 16 Aug 2017 11:51 PM IST
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निजामाबाद। थाना क्षेत्र के मिट्ठनपुर गांव में बीते चौबीस घंटे के भीतर एक युवती और महिला की चोटी कट जाने से लोग भयभीत हैं। भय के चलते महिलाएं जहां घर से बाहर नहीं निकल रही। वहीं छात्राएं स्कूल जाना बंद कर दी है। बचने के लिए कोई अपने घर के मुख्य गेट पर नींबू टांग रहा तो कोई दरवाजे के बाहर हाथ का पंजा या किसी देवी का चित्र लगा रहा। क्षेत्र में तरह-तरह की अफवाहें हैं।
निजामाबाद थाना क्षेत्र के मिट्ठनपुर गांव निवासी काजल (22) पुत्री रामप्रकाश बुधवार की सुबह कालेज जा रही थी। जैसे ही गांव के बाहर पहुंची कि उसकी चोटी कट गई। चोटी कटने से काजल बेहोश हो गई। उसे क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी गांव में मंगलवार की रात एक महिला की भी चोटी कट जाने से लोग दहशत में हैं। चोटी कटवा का भय ना केवल मिट्ठनपुर गांव में बल्कि आसपास के मोहनपुर, सहादतपुर, शेरपुर, पूरा यार मोहम्मद, वकोला, गौसपुर, पिपरी, डोडोपुर गांव के लोग दहशत में हैं। इस गांव की महिलाएं अब घर से बाहर निकलने में परहेज करने लगी हैं। जबकि इससे पूर्व महिलाएं खेत में जाकर पशुओं के लिए घास काटना, धान को सोहाई करना आदि काम स्वयं ही करती हैं। दहशत के चलते इन गांव की लड़कियां भी स्कूल जाने से परहेज कर रही हैं। इस गांव के ज्यादातर लोग चोटी कटवा से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय अपना रहे। जैसे कोई अपने दरवाजे के बाहर नीेंबू टांग रहा, तो कोई हाथ के पंजे का निशान या किसी देवी का फोटो टांग रहा है। कुछ लोग तंत्र-मंत्र भी कर रहे हैं। चोटी कटवा के संबंध में क्षेत्र के अध्यापकों का कहना है कि यह एक प्रकार का कीड़ा है जो उड़ते हुए महिला, युवती और किशोरियां को डंक मारकर बेहोश कर दे रहा और उनके बाल काट ले रहा। क्षेत्र में चोटी कटवा को लेकर भय और दहशत का माहौल है।
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निजामाबाद थाना क्षेत्र के मिट्ठनपुर गांव निवासी काजल (22) पुत्री रामप्रकाश बुधवार की सुबह कालेज जा रही थी। जैसे ही गांव के बाहर पहुंची कि उसकी चोटी कट गई। चोटी कटने से काजल बेहोश हो गई। उसे क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी गांव में मंगलवार की रात एक महिला की भी चोटी कट जाने से लोग दहशत में हैं। चोटी कटवा का भय ना केवल मिट्ठनपुर गांव में बल्कि आसपास के मोहनपुर, सहादतपुर, शेरपुर, पूरा यार मोहम्मद, वकोला, गौसपुर, पिपरी, डोडोपुर गांव के लोग दहशत में हैं। इस गांव की महिलाएं अब घर से बाहर निकलने में परहेज करने लगी हैं। जबकि इससे पूर्व महिलाएं खेत में जाकर पशुओं के लिए घास काटना, धान को सोहाई करना आदि काम स्वयं ही करती हैं। दहशत के चलते इन गांव की लड़कियां भी स्कूल जाने से परहेज कर रही हैं। इस गांव के ज्यादातर लोग चोटी कटवा से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय अपना रहे। जैसे कोई अपने दरवाजे के बाहर नीेंबू टांग रहा, तो कोई हाथ के पंजे का निशान या किसी देवी का फोटो टांग रहा है। कुछ लोग तंत्र-मंत्र भी कर रहे हैं। चोटी कटवा के संबंध में क्षेत्र के अध्यापकों का कहना है कि यह एक प्रकार का कीड़ा है जो उड़ते हुए महिला, युवती और किशोरियां को डंक मारकर बेहोश कर दे रहा और उनके बाल काट ले रहा। क्षेत्र में चोटी कटवा को लेकर भय और दहशत का माहौल है।
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