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भू-अभिलेखों में हेराफेरी कर हड़पी 40 एकड़ जमीन
Updated Sat, 04 Nov 2017 11:38 PM IST
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आजमगढ़। जनपद में भू-अभिलेखों में हेराफेरी कर जमीनों पर कब्जा करने के एक से बढ़कर एक मामले सामने आ रहे हैं। अभी प्रशासन द्वारा गंभीरवन में लगभग 450 एकड़ भूमि पर कब्जा करने का मामला ठंडा भी नहीं हुुआ था कि मेंहनगर तहसील के सोनवारा में भी ऐसे ही जमीन के एक बड़े भू-भाग पर कब्जा करने का मामला प्रकाश में आया है। जांच के बाद मामला सही पाने पर जिलाधिकारी ने कब्जेदारों के विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
जनपद में भूमाफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला प्रशासन द्वारा जनपद में तेजी से अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में एक से बढ़कर एक मामले सामने आ रहे हैं। मेंहनगर तहसील के सोनवारा में लगभग 40 एकड़ जमीन को भू-अभिलेखों में हेराफेरी कर अपना नाम दर्ज कराने और कब्जा करने का मामला प्रकाश में आया है। मामले की जांच एसओसी पीके राय से कराई जांच के दौरान पाया गया कि अभिलेखों में पन्ने फटा हुआ है। जबकि उक्त भूमि पोखरी, ताल, पशुचर, खलिहान, आबादी, ऊसर के नाम से दर्ज है। एसओसी ने जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह को इसकी जांच आख्या उपलब्ध कराई। जांच आख्या का अवलोकन करने और जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व ओमप्रकाश राजभर के तर्कों को सुनने के बाद जिलाधिकारी ने उक्त भूमि को अवैध कब्जेदारों से खाली कराते हुए जमीन को ग्राम समाज के खाते में दर्ज करने और कब्जेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है। वहीं सूत्रों की मानें तो अगर गांव में हुए अवैध कब्जों की जांच की जाए तो और नाम भी सामने आ सकते हैं।
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जनपद में भूमाफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला प्रशासन द्वारा जनपद में तेजी से अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में एक से बढ़कर एक मामले सामने आ रहे हैं। मेंहनगर तहसील के सोनवारा में लगभग 40 एकड़ जमीन को भू-अभिलेखों में हेराफेरी कर अपना नाम दर्ज कराने और कब्जा करने का मामला प्रकाश में आया है। मामले की जांच एसओसी पीके राय से कराई जांच के दौरान पाया गया कि अभिलेखों में पन्ने फटा हुआ है। जबकि उक्त भूमि पोखरी, ताल, पशुचर, खलिहान, आबादी, ऊसर के नाम से दर्ज है। एसओसी ने जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह को इसकी जांच आख्या उपलब्ध कराई। जांच आख्या का अवलोकन करने और जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व ओमप्रकाश राजभर के तर्कों को सुनने के बाद जिलाधिकारी ने उक्त भूमि को अवैध कब्जेदारों से खाली कराते हुए जमीन को ग्राम समाज के खाते में दर्ज करने और कब्जेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है। वहीं सूत्रों की मानें तो अगर गांव में हुए अवैध कब्जों की जांच की जाए तो और नाम भी सामने आ सकते हैं।
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