{"_id":"68fe61ca8e7d39784c05f26f","slug":"cousin-kills-young-man-over-embankment-cutting-dispute-azamgarh-news-c-258-1-svns1002-139734-2025-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: मेड़ काटने के विवाद में चचेरे भाई ने की युवक की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: मेड़ काटने के विवाद में चचेरे भाई ने की युवक की हत्या
विज्ञापन
13 मृतक जितेंद्र की फाइल फोटो। संवाद
मेड़ काटने के विवाद में चचेरे भाई ने की युवक की हत्या
लाटघाट। रौनापार थाना क्षेत्र के सिरही (मनोरथपुर दुबौली) गांव में शनिवार रात करीब 10 बजे मेड़ काटने के विवाद में चचेरे भाई ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर जितेंद्र चौहान (40) की टांगी और कुदाल से वारकर हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चारों आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना से पहले शनिवार की सुबह जितेंद्र चौहान की पत्नी आशा का अपने चचेरे देवर सुग्गन चौहान से मेड़ काटने को लेकर विवाद हुआ था। मामला बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे, लेकिन परिजनों ने बीचबचाव कर मामले को शांत करा दिया था। देर रात करीब 10 बजे फिर से विवाद शुरू हाे गया। पत्नी आशा का आरोप है कि इस दौरान सुग्गन चौहान, इंद्रपाल चौहान, पार्वती और राबड़ी चौहान ने जितेंद्र पर कुदाल, टांगी, लाठी-डंडे और ईंट से हमला कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस और परिजन गंभीर रूप से घायल जितेंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरैया ले गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रौनापार थाना क्षेत्र के सिरही मनोरथपुर दुबौली गांव से कुछ लोगों ने एक युवक पर हमला कर दिया था। सीएचसी हरैया पर चिकित्सक ने युवक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी आशा चौहान की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर हिरासत में ले लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।- चिराग जैन, एसपी ग्रामीण।
सुमित और संजू कहते रह गए छोड़ दो मेरे पापा को
लाटघाट। गांव के लोगों ने बताया कि आरोपी बेटे सुमित और बेटी संजू, मां चनौती और पत्नी आशा के सामने कुदाल, टांगी, लाठी-डंडे और ईंट से जितेंद्र पर हमला करते रहे। सुमित और संजू कहते रहे कि पापा को छोड़ दो लेकिन इसका असर नहीं हुआ।
रौनापार थाना क्षेत्र के सिरही (मनोरथपुर दुबौली) गांव निवासी जितेंद्र चौहान राजमिस्त्री थे। वह मां चनौती, पत्नी आशा और पुत्र सुमित (10), बेटी सरिता (8) और संजू (6) के साथ घर पर रहते थे। जितेंद्र की मां चनौती ने बताया कि जितेंद्र के पिता मुसाफिर, इंद्रपाल और जयपाल पुत्रगण सुदर्शन के नाम से 1980 के पहले 10 बिस्वा जमीन आवंटित हुई थी। तीनों ने बंटवारा कर लिया था। उनके पति मुसाफिर और इंद्रपाल की एक ही मेड़ है। दोनों अपने अपने हिस्से के जमीन पर कटरैन डालकर रहने लगे। चनौती ने बताया कि इंद्रपाल का पुत्र सुग्गन चौहान आए दिन मेड़ को लेकर विवाद करता था। शनिवार की सुबह भी सुग्गन मेड़ काटने गया था। इसी बात पर जितेंद्र की पत्नी आशा और सुग्गन की पत्नी पार्वती में विवाद हो गया। जितेंद्र रात करीब 10 बजे खाना खाने जा रहा था। तभी चिल्लाने की आवाज आने लगी। वह बाहर निकलकर घर के पीछे गया, तभी सुग्गन और उसके घर के लोगों ने उस पर हमला कर दिया। चीख पुकार सुनकर चनौती, पत्नी आशा, बेटा सुमित और बेटी संजू पहुंची। सुमित और बेटी संजू रो-रोकर अपने पिता को छोड़ने की गुहार लगाते रहे लेकिन आरोपियों पर इसका असर नहीं हुआ।
विज्ञापन
जितेंद्र को मरा समझकर छोड़ गए थे आरोपी
जितेंद्र की पत्नी आशा ने बताया कि आरोपी उसके पति पर कुदाल, टांगी और ईंट से वार करते रहे। जब लगा कि जितेंद्र की जान चली गई है तब वे छोड़कर गए।
पूरा गांव बना रहा तमाशबीन
लाटघाट। आशा ने बताया कि वह बचाव के लिए चिल्लाती रही लेकिन पूरा गांव तमाशबीन बना रहा। किसी ने जितेंद्र को बचाने का प्रयास नहीं किया।
दो माह पूर्व हुआ था विवाद
लाटघाट। आशा ने बताया कि सुग्गन और उसके परिवार ने दो माह पूर्व भी विवाद किया था। मामला थाने पर पहुंचा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे सुग्गन व उसके परिवार का मन बढ़ गया और इस घटना को अंजाम दिया। यदि पुलिस समय रहते चेत जाती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। गांव के लोगों का भी कहना है कि अगर पुलिस पहले ही सतर्क हो गई होती तो शायद जितेंद्र की हत्या नहीं हुई होती।
विज्ञापन
लाटघाट। रौनापार थाना क्षेत्र के सिरही (मनोरथपुर दुबौली) गांव में शनिवार रात करीब 10 बजे मेड़ काटने के विवाद में चचेरे भाई ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर जितेंद्र चौहान (40) की टांगी और कुदाल से वारकर हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चारों आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना से पहले शनिवार की सुबह जितेंद्र चौहान की पत्नी आशा का अपने चचेरे देवर सुग्गन चौहान से मेड़ काटने को लेकर विवाद हुआ था। मामला बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे, लेकिन परिजनों ने बीचबचाव कर मामले को शांत करा दिया था। देर रात करीब 10 बजे फिर से विवाद शुरू हाे गया। पत्नी आशा का आरोप है कि इस दौरान सुग्गन चौहान, इंद्रपाल चौहान, पार्वती और राबड़ी चौहान ने जितेंद्र पर कुदाल, टांगी, लाठी-डंडे और ईंट से हमला कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस और परिजन गंभीर रूप से घायल जितेंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरैया ले गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रौनापार थाना क्षेत्र के सिरही मनोरथपुर दुबौली गांव से कुछ लोगों ने एक युवक पर हमला कर दिया था। सीएचसी हरैया पर चिकित्सक ने युवक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी आशा चौहान की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर हिरासत में ले लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।- चिराग जैन, एसपी ग्रामीण।
सुमित और संजू कहते रह गए छोड़ दो मेरे पापा को
लाटघाट। गांव के लोगों ने बताया कि आरोपी बेटे सुमित और बेटी संजू, मां चनौती और पत्नी आशा के सामने कुदाल, टांगी, लाठी-डंडे और ईंट से जितेंद्र पर हमला करते रहे। सुमित और संजू कहते रहे कि पापा को छोड़ दो लेकिन इसका असर नहीं हुआ।
विज्ञापन
रौनापार थाना क्षेत्र के सिरही (मनोरथपुर दुबौली) गांव निवासी जितेंद्र चौहान राजमिस्त्री थे। वह मां चनौती, पत्नी आशा और पुत्र सुमित (10), बेटी सरिता (8) और संजू (6) के साथ घर पर रहते थे। जितेंद्र की मां चनौती ने बताया कि जितेंद्र के पिता मुसाफिर, इंद्रपाल और जयपाल पुत्रगण सुदर्शन के नाम से 1980 के पहले 10 बिस्वा जमीन आवंटित हुई थी। तीनों ने बंटवारा कर लिया था। उनके पति मुसाफिर और इंद्रपाल की एक ही मेड़ है। दोनों अपने अपने हिस्से के जमीन पर कटरैन डालकर रहने लगे। चनौती ने बताया कि इंद्रपाल का पुत्र सुग्गन चौहान आए दिन मेड़ को लेकर विवाद करता था। शनिवार की सुबह भी सुग्गन मेड़ काटने गया था। इसी बात पर जितेंद्र की पत्नी आशा और सुग्गन की पत्नी पार्वती में विवाद हो गया। जितेंद्र रात करीब 10 बजे खाना खाने जा रहा था। तभी चिल्लाने की आवाज आने लगी। वह बाहर निकलकर घर के पीछे गया, तभी सुग्गन और उसके घर के लोगों ने उस पर हमला कर दिया। चीख पुकार सुनकर चनौती, पत्नी आशा, बेटा सुमित और बेटी संजू पहुंची। सुमित और बेटी संजू रो-रोकर अपने पिता को छोड़ने की गुहार लगाते रहे लेकिन आरोपियों पर इसका असर नहीं हुआ।
विज्ञापन
जितेंद्र को मरा समझकर छोड़ गए थे आरोपी
जितेंद्र की पत्नी आशा ने बताया कि आरोपी उसके पति पर कुदाल, टांगी और ईंट से वार करते रहे। जब लगा कि जितेंद्र की जान चली गई है तब वे छोड़कर गए।
पूरा गांव बना रहा तमाशबीन
लाटघाट। आशा ने बताया कि वह बचाव के लिए चिल्लाती रही लेकिन पूरा गांव तमाशबीन बना रहा। किसी ने जितेंद्र को बचाने का प्रयास नहीं किया।
दो माह पूर्व हुआ था विवाद
लाटघाट। आशा ने बताया कि सुग्गन और उसके परिवार ने दो माह पूर्व भी विवाद किया था। मामला थाने पर पहुंचा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे सुग्गन व उसके परिवार का मन बढ़ गया और इस घटना को अंजाम दिया। यदि पुलिस समय रहते चेत जाती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। गांव के लोगों का भी कहना है कि अगर पुलिस पहले ही सतर्क हो गई होती तो शायद जितेंद्र की हत्या नहीं हुई होती।