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लालबिहारी ‘मृतक’ प्रकरण में सरकार को और मोहलत
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Mon, 19 Mar 2018 11:24 PM IST
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लालबिहारी ‘मृतक’ प्रकरण में हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान जज ने अपर महाधिवक्ता से पूछा कि वो पीड़ित को कितना मुआवजा देना चाहते है। अपर महाधिवक्ता ने इससे इंकार करते हुए बहस के लिए और समय मांगा। इस पर जज ने अब 29 मार्च की तिथि निर्धारित कर दी है।
वहीं, लाल बिहारी के वकील ने आरोप लगाया की सरकार की ओर से जानबूझ देर की जा रही है। सरकारी वकीलों में शनिवार को ही उन्हें काउंटर रिसीव करा दिया था, लेकिन इसे अदालत में दाखिल नहीं किया गया। कहा कि सरकार की मंशा साफ नहीं है।
लाल बिहारी ‘मृतक’ ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में 25 करोड़ के मुआवजे के लिए अपील दाखिल कर रखी है। हाइकोर्ट ने अब तक की गई कार्रवाई से 13 मार्च तक अवगत कराने के निर्देश दिए थे। 13 मार्च को हाईकोर्ट में हलफनामा दायर करने और बहस के लिए शासन की ओर से पेश हुए अपर महाअधिवक्ता रमेश कुमार सिंह जज से और समय की मांग की थी।
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इसपर अदालत ने 19 मार्च को सुनवाई की तारीख निर्धारित की थी। सोमवार को मामले की सुनवाई हुई, अपर महाधिवक्ता आरके सिंह की मांग पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए 29 मार्च की तिथि निर्धारित कर दी।
लाल बिहारी के अधिवक्ता केके पाल ने बताया कि सरकारी वकीलों ने शनिवार को ही उन्हें हलफनामा रिसीव करा दिया था, लेकिन अदालत में उन्होंने अभी तक हलफनामा दायर नहीं किया है। वहीं, अदालत से बार-बार समय की मांग कर देर की जा रही है।
सरकार के पास मामले में कहने के लिए कुछ भी नहीं है। वहीं, इस संबंध में मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक वर्मा ने बताया कि अदालत ने सरकारी वकील से पूछा था कि वो कितना मुआवजा देना चाहते हैं। अपर महाधिवक्ता ने मुआवजा देने से इंकार कर दिया। इस पर कोर्ट ने इस मामले में सरकार से पूछ कर अवगत कराने के लिए समय दिया है और अगली तारीख निर्धारित कर दी है।
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वहीं, लाल बिहारी के वकील ने आरोप लगाया की सरकार की ओर से जानबूझ देर की जा रही है। सरकारी वकीलों में शनिवार को ही उन्हें काउंटर रिसीव करा दिया था, लेकिन इसे अदालत में दाखिल नहीं किया गया। कहा कि सरकार की मंशा साफ नहीं है।
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लाल बिहारी ‘मृतक’ ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में 25 करोड़ के मुआवजे के लिए अपील दाखिल कर रखी है। हाइकोर्ट ने अब तक की गई कार्रवाई से 13 मार्च तक अवगत कराने के निर्देश दिए थे। 13 मार्च को हाईकोर्ट में हलफनामा दायर करने और बहस के लिए शासन की ओर से पेश हुए अपर महाअधिवक्ता रमेश कुमार सिंह जज से और समय की मांग की थी।
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इसपर अदालत ने 19 मार्च को सुनवाई की तारीख निर्धारित की थी। सोमवार को मामले की सुनवाई हुई, अपर महाधिवक्ता आरके सिंह की मांग पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए 29 मार्च की तिथि निर्धारित कर दी।
लाल बिहारी के अधिवक्ता केके पाल ने बताया कि सरकारी वकीलों ने शनिवार को ही उन्हें हलफनामा रिसीव करा दिया था, लेकिन अदालत में उन्होंने अभी तक हलफनामा दायर नहीं किया है। वहीं, अदालत से बार-बार समय की मांग कर देर की जा रही है।
सरकार के पास मामले में कहने के लिए कुछ भी नहीं है। वहीं, इस संबंध में मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक वर्मा ने बताया कि अदालत ने सरकारी वकील से पूछा था कि वो कितना मुआवजा देना चाहते हैं। अपर महाधिवक्ता ने मुआवजा देने से इंकार कर दिया। इस पर कोर्ट ने इस मामले में सरकार से पूछ कर अवगत कराने के लिए समय दिया है और अगली तारीख निर्धारित कर दी है।