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अदालत ने चार हत्यारोपियों दी उम्रकैद की
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हत्या के एक मामले में बुधवार की शाम कोर्ट नंबर आठ अनिल कुमार वर्मा ने सुनवाई कर पिता पुत्र सहित चार को दोषी पाया, साथ ही सभी को उम्र कैद के साथ साढ़े पंद्रह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। घटना निजामाबाद थाना क्षेत्र के असीलपुर गांव की है।
असीलपुर गांव निवासी अशोक कुमार राम ने तीन जुलाई 2017 को घटना के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमें में आरोप है कि घटना की शाम लगभग पांच बजे वादी मुकदमा के लड़के पिंटू के साथ उसका भाई कैलाश मोटर साइकिल से घर लौट रहा था। तभी गांव के लाल बहादुर राम पुत्र बचनू, शैलेश और मुकेश पुत्रगण लाल बहादुर और संत लाल पुत्र कुमार पुरानी रंजिश को लेकर भद्दी-भद्दी गाली देते हुए गांव के समीप रोके। विरोध करने पर सभी आरोपियों ने कैलाश को लाठी-डंडों से मारापीटा। शोरगुल सुनकर वादी अशोक की पत्नी सीता देवी और कैलाश की पत्नी मीना देवी मौके पर पहुंची तो आरोपियों ने सीता और मीना को भी मारापीटा।घायलावस्था में उपचारार्थ कैलाश को जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। इस मामलेे में संबंधित थाना पुलिस ने चारो आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता श्रीश कुमार चौहान ने इस मुकदमे के वादी अशोक राम,सीता,संगीता, मीना, योगेंद्र प्रसाद, राजा राम, कास्टेबुल योगेंद्र यादव, हेड कास्टेबुल अरविंद यादव, एसएसआई गिरीजेश सिंह, सुरेंद्र यादव, चीफ फार्मासिस्ट यशवंत प्रसाद और श्रीकांत चतुर्वेदी, डा. शाह आलम, डा. राजेंद्र कुमार, कास्टेबुल ओम प्रकाश को बतौर साक्षी अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद आरोपी लाल बहादुर, शैलेश, मुकेश और संतलाल को दोषी पाया और उक्त सजा का निर्धारण किया।
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असीलपुर गांव निवासी अशोक कुमार राम ने तीन जुलाई 2017 को घटना के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमें में आरोप है कि घटना की शाम लगभग पांच बजे वादी मुकदमा के लड़के पिंटू के साथ उसका भाई कैलाश मोटर साइकिल से घर लौट रहा था। तभी गांव के लाल बहादुर राम पुत्र बचनू, शैलेश और मुकेश पुत्रगण लाल बहादुर और संत लाल पुत्र कुमार पुरानी रंजिश को लेकर भद्दी-भद्दी गाली देते हुए गांव के समीप रोके। विरोध करने पर सभी आरोपियों ने कैलाश को लाठी-डंडों से मारापीटा। शोरगुल सुनकर वादी अशोक की पत्नी सीता देवी और कैलाश की पत्नी मीना देवी मौके पर पहुंची तो आरोपियों ने सीता और मीना को भी मारापीटा।घायलावस्था में उपचारार्थ कैलाश को जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। इस मामलेे में संबंधित थाना पुलिस ने चारो आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता श्रीश कुमार चौहान ने इस मुकदमे के वादी अशोक राम,सीता,संगीता, मीना, योगेंद्र प्रसाद, राजा राम, कास्टेबुल योगेंद्र यादव, हेड कास्टेबुल अरविंद यादव, एसएसआई गिरीजेश सिंह, सुरेंद्र यादव, चीफ फार्मासिस्ट यशवंत प्रसाद और श्रीकांत चतुर्वेदी, डा. शाह आलम, डा. राजेंद्र कुमार, कास्टेबुल ओम प्रकाश को बतौर साक्षी अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद आरोपी लाल बहादुर, शैलेश, मुकेश और संतलाल को दोषी पाया और उक्त सजा का निर्धारण किया।
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